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हत्याकांड : पुलिस से खबर मिलने पर हैरान थे अशोक के मां-बाप व छोटे भाई

Fri, 05 Jun 2020 02:09 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2020 02:09 AM IST
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Murder: Ashok's parents and younger brothers were surprised after getting news from the police
22 साल पुराने हत्याकांड के खुलासे को लेकर जब अशोक के पिता रवि और मां रेखा से बात हुई तो जवानी से बुढ़ापे की दहलीज पर आते-आते यह खबर मिलने पर उनकी आंखें नम थीं और आवाज भरी हुई थी। उन्होंने बताया कि हमारी कोई लड़ाई नहीं थी। पिता हमारे साथ रहते थे। वह फसल में से राजपाल को अनाज भी देते थे। मगर उनकी ज्यादा अनाज व ज्यादा भूसे की जिद ने एक दिन झगड़ा कराया था। इसी झगड़े का बदला लेने के इरादे से राजपाल का बेटा साजिश के तहत हमारे घर चार पांच दिन से अचानक से आने लगा। हमने उस तरफ ध्यान नहीं दिया। इसी बीच एक दिन टॉफी दिलाने के बहाने बातों में उलझाकर अशोक को ले गया। उसे गांव के लोगों ने ले जाते देखा था। इसके बाद कोई सुराग नहीं लगा। चूंकि यह तीनों गायब हुए थे और चंद्रपाल व उनकी पत्नी गांव में ही गुमशुम मौजूद रहे। इसलिए पांचों को नामजद कर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
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रवि बताते हैं कि जिस वक्त बेटा गायब हुआ, उस वक्त वह 28 साल उम्र के थे। बड़े के गायब होने के बाद छोटे राजीव का पालन पोषण किया और तीसरा अरुण पैदा हुआ। चूंकि मुकदमे में वादी हमारे पिता थे। इसलिए मुकदमे में चार्जशीट के बाद पिता ने अदालत जाकर कुछ दिन पैरोकारी की। बाद में उनकी मृत्यु हो गई तो हम लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए ध्यान नहीं दे पाए और अदम पैरवी (एक तरफ से पैरोकारी न होने), साक्ष्य कमजोर होने की स्थिति में वह बरी हो गई। अब वह कहां है, कुछ पता नहीं है। हां, बीच-बीच में पुलिस जरूर राजपाल व उसके परिवार को खोजने आती थी, मगर हमारे पास कोई सुराग नहीं था। इसलिए पुलिस लौट जाती थी। हमारे क्या उनके भी किसी रिश्तेदार तक को उनके विषय में जानकारी नहीं थी। इसलिए सब भूलना ही बेहतर समझा।
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इधर, दूसरे बेटे राजीव की शादी कर ली। उसके बच्चे हो गए। अरुण भी शादी योग्य है। हम तो सब कुछ भुला चुके थे। इन तीनों के विषय में कोई सूचना नहीं थी। अब यह मानने लगे थे कि कहीं मर खप गए होंगे। मगर आज सुबह जब पुलिस ने आकर सूचना दी कि वह तीनों पकड़े गए तो हम थाने गए। बमुश्किल राजपाल को पहचान सके। वहीं पुलिस ने कुएं से हड्डियों के अवशेष के रूप में चूरा बरामद किया। पुलिस के इस प्रयास के लिए हमेशा आभारी रहेंगे और बेटे की हत्या के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए अदालत में पैरवी भी करेंगे। उनका बड़ा बेटा उनके साथ खेती में हाथ बंटाता है, जबकि छोटा परचून की दुकान चलाता है।
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22 साल बाद खुलासे की क्षेत्र में चर्चाएं
इस खुलासे को लेकर क्षेत्र में तमाम चर्चाएं रहीं। हर कोई पुलिस की गंभीरता और इतने दिन बाद मामले में ध्यान देने को लेकर तारीफें करते नहीं थक रहा था।
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