Mock Drill: पहलगाम हमले के बाद अलीगढ़ में भी सुरक्षा और आपदा एजेंसियां अलर्ट, होगा सुरक्षा ड्रिल
ड्रिल शुरू होने पर एक अलार्म या संकेत दिया जाएगा। जिससे सभी को पता चल जाए कि यह एक अभ्यास है। ड्रिल समाप्त होने के बाद, इसका मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि क्या योजना के अनुसार सब कुछ ठीक से हुआ, क्या कमियां थीं और भविष्य की ड्रिलों के लिए क्या सुधार किए जा सकते हैं।
विस्तार
पहलगाम हमले के बाद देश के विभिन्न शहरों में मॉक ड्रिल हो रही है। अलीगढ़ में भी विभिन्न सुरक्षा और आपदा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। इसी सतर्कता को और परखने के लिए जिला प्रशासन अपनी ओर से 7 मई को सुरक्षा ड्रिल कराएगा। इसमें एनसीसी, स्काउट गाइड, जिला आपदा प्रबंधन, अस्पतालों, अग्निशमन विभाग आदि की व्यवस्थाओं को परखा जाएगा।
प्रशासन के मुताबिक इस ड्रिल में आपात स्थिति के समय लोगों की भूमिकाएं तय की जाएंगी। अस्पतालों, सरकारी भवनों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड आदि पर आपातकालीन निकासी मार्ग और असेंबली प्वाइंट (जहां सभी को इकट्ठा होना है) भी निर्धारित किए जाएंगे। ड्रिल शुरू होने पर एक अलार्म या संकेत दिया जाएगा। जिससे सभी को पता चल जाए कि यह एक अभ्यास है। ड्रिल समाप्त होने के बाद, इसका मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि क्या योजना के अनुसार सब कुछ ठीक से हुआ, क्या कमियां थीं और भविष्य की ड्रिलों के लिए क्या सुधार किए जा सकते हैं।
जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व सभी सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। 7 मई को अग्निशमन, अस्पताल, सुरक्षा एजेंसियां, आपदा प्रबंधन, एनसीसी आदि के साथ सुरक्षा इंतजाम परखे जाएंगे। - अमित कुमार भट्ठ, एडीएम सिटी
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पूर्व सैनिकों ने भरी हुंकार, कहा- देश को जरूरत हुई तो फिर से सेवा देंगे
कलम, आज उनकी जय बोल, जला अस्थियां बारी-बारी, छिटकाई जिसने चिंगारी,.... रामधारी सिंह दिनकर की यह पंक्तियां पूर्व सैनिकों को स्मरण हो रही हैं। पूर्व सैनिकों को अपनी तैनाती के समय युद्ध का माहौल याद आ रहा है। सैनिकों का कहना है कि शांति के लिए युद्ध जरूरी है। अगर इस समय भी देश को उनकी सेवाओं की जरूरत पड़ी तो वह तैयार हैं।
ऑपरेशन विजय के दौरान मैं कोटा में तैनात था। उस वक्त भी युद्ध की प्रबल संभावनाओं को देखते हुए सैन्य एवं नागरिक क्षेत्र में ड्रिल कराई गई थी। - सुरेश सिंह राघव, पूर्व सैनिक
कारगिल जंग के दौरान मैं कश्मीर में तैनात था। ऑपरेशन से पहले काफी तैयारियां की गई थीं। अब भी हम मोर्चे पर जाने के लिए तैयार हैं। - कैप्टन सुलेमान खान
हमारे पास सैन्य अभियान का पूरा अनुभव है। सेना और सरकार को हम फिर से अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। - मनोज सिंह, पूर्व वायु सैनिक
जल्द ही पूर्व सैनिकों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन के माध्यम से रक्षा मंत्रालय को ज्ञापन भेजेगा। इसमें पूर्व सैनिक अपनी सेवाएं देने की बात रखेंगे। - एसके पाठक, पूर्व वायु सैनिक
जिले के 100 आपदा मित्रों का प्रशिक्षण आज
पहलगाम हमले के बाद विभिन्न शहरों में बरती जा रही सतर्कता के क्रम में 7 मई को 100 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत यह 12 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें सिविल डिफेंस कोर अलीगढ़ के 25 जवान भी शामिल होंगे।
6 मई को विकास भवन सभागार में बैठक हुई। इसमें देश में सात मई को होने वाली मॉक ड्रिल को लेकर अलीगढ़ में भी सतर्कता इंतजाम किए जाने पर चर्चा हुई। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति, जैसे युद्ध, हवाई हमला या प्राकृतिक आपदा, के लिए जनता को तैयार करना है।