22 साल पुराने जिस मुकदमे में दो साल की सजा के चलते शहर के भाजपा विधायक संजीव राजा का टिकट फंसा है, उस मामले में हाईकोर्ट से पिछले माह जमानत मिल गई थी। अब दो जमानतियों के जमानतनामे न्यायालय में दाखिल किए गए हैं। ये दोनों एक-एक लाख रुपये के जमानतनामे हैं।
एडीजे-4 एमपी/एमएलए कोर्ट से शहर क्षेत्र के भाजपा विधायक संजीव राजा को 18 नवंबर को 22 साल पुराने बन्नादेवी के एक पुलिसकर्मी से मारपीट के मामले में दो साल की सजा सुनाई गई थी और अंतरिम जमानत पर रिहा करते हुए 90 दिन में हाईकोर्ट में अपील का समय दिया गया था। इस सजा के खिलाफ संजीव राजा ने अधिवक्ता के जरिये दिसंबर में हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसमें उन्हें जमानत दे दी गई और सजा खारिज किए जाने संबंधी आदेश के खिलाफ अर्जी अभी लंबित है। संजीव राजा के अधिवक्ता शैलेंद्र अग्रवाल ने बताया कि हाईकोर्ट के जमानत आदेश के आधार पर एक-एक लाख रुपये के दो जमानितयों के जमानतनामे न्यायालय में दाखिल कर दिए गए हैं। बाकी अपील को लेकर हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है। इधर, इस बात की तस्दीक एमपी/एमएलए कोर्ट के एडीजीसी रविकांत शर्मा ने भी की है। बताया कि जमानतनामे दाखिल किए गए हैं। जिन्हें सत्यापन के लिए भेजा गया है। संभवत: बुधवार को वापस आएंगे और जमानत प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।