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छह हजार की नौकरी के लिए किए जतन, तीन माह में हो गया मोहभंग

Sun, 20 Feb 2022 01:24 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, आशीष श्रीवास्तव, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, आशीष श्रीवास्तव, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Sun, 20 Feb 2022 01:24 AM IST
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छह हजार रुपये प्रति माह मानदेय की पंचायत सहायक पद की नौकरी पाने के लिए बेरोजगार युवाओं ने तमाम जतन किए गए थे। लेकिन तीन माह बाद ही उनका इस नौकरी से मोहभंग होने लगा है। नवंबर में 837 ग्राम पंचायतों में तैनात किए गए 34 पंचायत सहायकों ने अपने पद इस्तीफा दे दिया है। त्यागपत्र देने का कारण कम मानदेय और समय पर न मिलना बताया है। उनके इस कदम से ग्राम सचिवालय योजना को धक्का लगा है। इससे पंचायत राज विभाग के अफसर परेशान हैं। 
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 पिछले साल प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों की छोटी-मोटी शिकायतों के निस्तारण एवं पंचायती राज व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए ग्राम सचिवालय व्यवस्था की शुरूआत की थी। योजना के तहत हर ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में पंचायत सेवा केंद्र एवं ग्राम सचिवालय की स्थापना होनी है। यहां पर ग्रामीणों की जमीन, जोत, खतौनी समेत अन्य समस्याओं का निराकरण कराया जाना है।
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सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक पंचायत सहायक की नियुक्ति की व्यवस्था की गई। पंचायत सहायक ग्राम सचिव, लेखपाल आदि के माध्यम से स्थानीय समस्याओं के निराकरण के लिए उत्तरदायी माना गया है। पहले चरण में 17 सितंबर 2021 को 256 पंचायत सहायकों का छह हजार रुपया प्रतिमाह मानदेय पर अनुबंध किया गया। दूसरे चरण में 22 सितंबर 2021 को 106 पंचायत सहायकों की  तैनाती हुई। अक्तूबर व नवंबर में भी चयन प्रक्रिया चली। अब तक 867 ग्राम पंचायतों में से 837 पंचायत सहायकों की तैनाती हो चुकी है। 
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मानदेय समय पर नहीं मिलता 
अफसर भले ही पंचायत सहायकों के इस्तीफे का कारण बताने से कतरा रहे हों, लेकिन हकीकत में इस्तीफे के मूल में कम मानदेय और समय से न मिलना है। इस्तीफा देने वाले अकराबाद क्षेत्र के एक पंचायत सहायक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक तो मानदेय काफी कम है। दूसरे ठेके पर काम मिलने के कारण इसमें बढ़ोत्तरी की संभावना भी नगण्य है। ऊपर से समय पर भी नहीं मिलता है। नवंबर में नौकरी लगी थी, पूरी मेहनत से काम किया। दिसंबर से मानदेय नहीं मिला है। 

एमबीए, बीएड, स्नातक व परास्नातक युवाओं ने किया था आवेदन 
पंचायत सहायक की छह हजार रुपया मानदेय वाली नौकरी के लिए एमबीए, एमसीए, इंजीनियरिंग, स्नातक, परास्नातक डिग्रीधारी युवाओं ने आवेदन किए थे। नौकरी की चाहत में बड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों की सिफारिश भी लगवाई गई। लेकिन जब जमीनी हकीकत सामने आई तो कइयों का मोहभंग हो रहा है। 

30 का चयन होना था अब संख्या बढ़ी 
जिले की 867 ग्राम पंचायतों में एक-एक पंचायत सहायक तैनात होने हैं। अब तक 837 पंचायत सहायकों का अनुबंध हो चुका है। शेष 30 का अनुबंध मतगणना के बाद फाइनल होना था। लेकिन अचानक 34 सहायकों के इस्तीफा देने के बाद तस्वीर बदल गई है। अब 64 सहायकों का चयन करना पड़ेगा। 


अब तक चयनित 837 में से 34 पंचायत सहायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इनके स्थान पर दूसरे युवाओं को मौका दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद शुरू होगी। धनंजय जायसवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी 
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