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लोस अध्यक्ष ने दिलवाया बेड... पर इलाज न मिलने पर मरीज की मौत

Sun, 16 May 2021 12:49 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 16 May 2021 12:49 AM IST
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Los president got the bed ... but the patient died due to lack of treatment
फेफड़ों में संक्रमण होने के कारण चंडौस के राकेश माहेश्वरी की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय (एल-2) में बेड न होने की बात कहकर लौटा दिया गया था। बाद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सिफारिश पर दीनदयाल चिकित्सालय में बेड मिला।
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आठ मई को राकेश माहेश्वरी को भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज में लापरवाही बरते जाने से उनकी मौत हो गई। राकेश के बेटे नवनीत माहेश्वरी ने ट्विटर पर अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि पिता का दो दिनों तक डायपर भी नहीं बदला गया था। 11 मई को उनकी मौत हो गई।
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नवनीत माहेश्वरी ने बताया कि पिता राकेश को फेफड़ों में संक्रमण था। दीनदयाल चिकित्सालय में बात की तो बेड नहीं मिला। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सिफारिश पर आठ मई की शाम करीब सात बजे उनको दीनदयाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। उस वक्त ऑक्सीजन लेवल 92 था। ऑक्सीजन सिलिंडर लगाया गया। लेकिन इलाज में लापरवाही बरतने से उनका ऑक्सीजन लेवल धीरे-धीरे कम होने लगा।
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ऑक्सीमीटर तक नहीं दिया गया। स्टाफ से टॉयलेट पॉट मांगा, उसके लिए भी मना कर दिया गया। नौ तारीख को खांसी शुरू हो गई थी। स्टाफ को बताया गया लेकिन अनसुना कर दिया गया। दस तारीख की सुबह खुद दवा पहुंचवाई। नवनीत ने बताया, पिता चलने फिरने में असमर्थ थे, दो दिनों तक डायपर नहीं बदला गया। उनकी तबियत लगातार बिगड़ रही थी। सीएमओ, सीएमएस को फोन कर समस्या बताई, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया।
हालत बिगड़ती देख 11 मई को वरुण ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराने की तैयारी की। करीब साढ़े तीन बजे स्टाफ से डिस्चार्ज के लिए कहा, लेकिन साढ़े आठ बजे तक डिस्चार्ज किया गया। डिस्चार्ज के वक्त ऑक्सीजन लेवल 36 था। ऑक्सीजन लगाने के लिए कहा तो स्टाफ ने जवाब दिया कि एंबुलेंस में ले जा रहे हो, उसी में ऑक्सीजन देना।
लगभग नौ बजे वरुण ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। लेकिन दो घंटे बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। नवनीत ने कहा कि अगर सही से इलाज होता या समय से डिस्चार्ज कर दिया गया होता तो शायद पिता इस दुनिया में होते।
पल्स ऑक्सीमीटर तक गायब कर दिया
नवनीत ने आरोप लगाया, नौ तारीख की रात तक ऑक्सीजन लेवल मापने का मॉनीटर नहीं मिला तो दस मई को पापा को पल्स ऑक्सीमीटर देकर आया। शाम तक वह गायब कर दिया गया। पिताजी ने बताया कि पता नहीं कौन ले गया।

पल्स ऑक्सीमीटर जानबूझकर गायब कराया गया। मरीज ऑक्सीजन लेवल जांच नहीं पाएगा तो वह किसी को बुलाएगा ही नहीं। नवनीत ने कहा कि इस प्रकरण को लेकर वह उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाएंगे।
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