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मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या में दोषी को उम्रकैद
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दिल्ली से ममेरी बहनों की शादी में शामिल होने गोंडा क्षेत्र में आई 10 वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की वारदात में अदालत ने फैसला सुनाया है। मिशन शक्ति अभियान के तहत एडीजे विशेष पॉक्सो प्रथम ओमवीर की अदालत से दोषी को उम्रकैद व एक लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। इस वारदात को शादी समारोह में स्टेज आदि की सजावट करने आए हाथरस के युवक ने अंजाम दिया था।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी द्वय संजय शर्मा व लव बंसल के अनुसार, घटना 2/3 मई 2015 की मध्य रात्रि की है। मुकदमा बच्ची की मां की ओर से गोंडा थाने में 3 मई की सुबह दर्ज कराया गया था। मुकदमे के अनुसार, दिल्ली की रहने वाली महिला अपने भाई की दो बेटियों की शादी में शामिल होने गोंडा क्षेत्र में एक मई को आई थी। 2 मई को शादी के लिए शाम से सजावट चल रही थी। रात 12:45 बजे बरात के खाने के समय उसकी 10 वर्षीय बेटी गायब हो गई। तड़के उसका शव नग्न अवस्था में पंडाल के पीछे खाली मकान में मिला। मौके पर पाया गया कि बच्ची का उसकी फ्रॉक से ही गला घोंटा गया है। इसी बीच लोगों का ध्यान गया कि सजावट करने वाला युवक भी गायब है।
पुलिस ने मुकदमे के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसने अपना नाम हाथरस के सादाबाद क्षेत्र के गांव बोहरे के वास का अरुण उर्फ अन्नू बताया। पूछताछ में उसने बच्ची संग बुरा काम करना व गला घोंटकर हत्या करना स्वीकारा। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान आठ गवाह पेश किए गए, जिनमें वादी बच्ची की मां, पिता, मामा, महिला कांस्टेबल, कांस्टेबल, दरोगा, विवेचक इंस्पेक्टर, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर शामिल हैं। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट भी शामिल की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत व दुष्कर्म के साक्ष्य उजागर हुए। गवाही व साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अरुण को दोषी करार दिया और हत्या व दुष्कर्म में अलग उम्रकैद व एक लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है। इस मामले में 75 फीसदी जुर्माना राशि पीड़ित पक्ष को देने के निर्देश दिए हैं।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी द्वय संजय शर्मा व लव बंसल के अनुसार, घटना 2/3 मई 2015 की मध्य रात्रि की है। मुकदमा बच्ची की मां की ओर से गोंडा थाने में 3 मई की सुबह दर्ज कराया गया था। मुकदमे के अनुसार, दिल्ली की रहने वाली महिला अपने भाई की दो बेटियों की शादी में शामिल होने गोंडा क्षेत्र में एक मई को आई थी। 2 मई को शादी के लिए शाम से सजावट चल रही थी। रात 12:45 बजे बरात के खाने के समय उसकी 10 वर्षीय बेटी गायब हो गई। तड़के उसका शव नग्न अवस्था में पंडाल के पीछे खाली मकान में मिला। मौके पर पाया गया कि बच्ची का उसकी फ्रॉक से ही गला घोंटा गया है। इसी बीच लोगों का ध्यान गया कि सजावट करने वाला युवक भी गायब है।
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पुलिस ने मुकदमे के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसने अपना नाम हाथरस के सादाबाद क्षेत्र के गांव बोहरे के वास का अरुण उर्फ अन्नू बताया। पूछताछ में उसने बच्ची संग बुरा काम करना व गला घोंटकर हत्या करना स्वीकारा। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान आठ गवाह पेश किए गए, जिनमें वादी बच्ची की मां, पिता, मामा, महिला कांस्टेबल, कांस्टेबल, दरोगा, विवेचक इंस्पेक्टर, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर शामिल हैं। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट भी शामिल की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत व दुष्कर्म के साक्ष्य उजागर हुए। गवाही व साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अरुण को दोषी करार दिया और हत्या व दुष्कर्म में अलग उम्रकैद व एक लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है। इस मामले में 75 फीसदी जुर्माना राशि पीड़ित पक्ष को देने के निर्देश दिए हैं।
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