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इटली, इंग्लैंड में पढ़ाया जा रहा कट्टरता का पाठ

Sat, 09 Sep 2017 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Sat, 09 Sep 2017 01:06 AM IST
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Lessons of fanaticism taught in Italy, England
कल्बे जव्वाद - फोटो : Amar Ujala
अलीगढ़। शिया धर्म गुरू मौलाना कल्बे जव्वाद का कहना है कि यूरोप के इटली एवं इंग्लैंड में कट्टरता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। एएमयू में मौलाना कल्बे जव्वाद से बातचीत के प्रमुख अंश...
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प्रश्न - इस्लाम पर आतंकवाद फैलाने का आरोप क्यों लग रहा है?

उत्तर - बहुत पहले एक ईसाई पादरी ने कुरान जलाया था। उसने आरोप लगाया था कि कुरान की वजह से लोग आतंकवादी बन रहे हैं। लेकिन जो कुरान पढ़ेगा, वह आतंकी हो ही नहीं सकता। कुरान हमें सहनशीलता सीखाता है। कुरान में एक बेगुनाह के कत्ल को पूरी इंसानियत का कत्ल माना जाता है। 
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प्रश्न - फिर आतंकवाद के लिए जिम्मेदार कौन है? 

उत्तर - यूरोप (इटली एवं इंग्लैंड) में सेंटर संचालित होते हैं। इनमें यहूदी एवं ईसाई लोगों को मौलवी की ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें अरबी भाषा सिखाई जाती है। उसके बाद मुस्लिम मुल्कों एवं मुसलमानों के बीच उन्हें भेज दिया जाता है। सीरिया, इराक में नमाज पढ़ाने वाले मौलवी की पहचान यहूदी के रूप में हुई। ये लोग मुस्लिमों के बीच जाकर युवाओं को भड़काते है। इन्हीं की वजह से आतंकवाद फैल रहा है और यहीं लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं। 
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प्रश्न - कट्टरता का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है, क्या कहेंगे? 

उत्तर - भारत में सऊदी अरब से जुड़े लोग कट्टरता फैला रहे है। हिंदुस्तान को पीछे करने की ये साजिश है। यह साजिश अमेरिका रच रहा है। जिसे हम दोस्त समझ रहे हैं, दरअसल वह (अमेरिका) हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है। इस साजिश में अमेरिका के दोस्त देश भी शामिल हैं।
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