{"_id":"6a8c1899486ecff7360523ac","slug":"amu-riding-club-land-dispute-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू: राइडिंग क्लब की जमीन का विवाद प्रधानमंत्री तक पहुंचा, छात्रसंघ पूर्व उपाध्यक्ष ने भेजा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू: राइडिंग क्लब की जमीन का विवाद प्रधानमंत्री तक पहुंचा, छात्रसंघ पूर्व उपाध्यक्ष ने भेजा पत्र
Mon, 24 Aug 2026 03:40 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Mon, 24 Aug 2026 03:40 PM IST
सार
एएमयू के पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। पत्र में लिखा है कि अगर नगर निगम के पास भूमि पर अधिकार का कोई वैध दस्तावेज है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। वहीं अगर दावा दस्तावेज और कानून की कसौटी पर सही नहीं पाया जाता है तो कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
विज्ञापन
एएमयू
- फोटो : संवाद
विस्तार
एएमयू के राइडिंग क्लब की भूमि को लेकर नगर निगम के दावे और कार्रवाई का मामला अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। एएमयू के पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एएमयू देश का ऐतिहासिक और केंद्रीय विश्वविद्यालय है। ऐसे में विश्वविद्यालय की भूमि से जुड़े मामले को केवल स्थानीय विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राइडिंग क्लब की भूमि लंबे समय से विश्वविद्यालय के उपयोग में रही है, तो नगर निगम किस दस्तावेज और कानूनी आधार पर इस पर अपना दावा कर रहा है।
विज्ञापन
नदीम अंसारी ने कहा कि अगर नगर निगम के पास भूमि पर अधिकार का कोई वैध दस्तावेज है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। वहीं अगर दावा दस्तावेज और कानून की कसौटी पर सही नहीं पाया जाता है तो कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। यह केवल जमीन का विवाद नहीं, बल्कि एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की संपत्ति और उसके वैधानिक अधिकारों से जुड़ा विषय है।
विज्ञापन