{"_id":"6428684a914e2a944b0a2a74","slug":"lemon-bitter-gourd-and-ridge-gourd-costlier-than-petrol-diesel-and-cng-2023-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से महंगा है नींबू, करेला और तोरई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से महंगा है नींबू, करेला और तोरई
Sun, 02 Apr 2023 03:52 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 02 Apr 2023 03:52 AM IST
सार
बाजार में सीएनजी 92 रुपये प्रति किलो, पेट्रोल 96.62 और डीजल 89.85 रुपये प्रति लीटर के भाव में है, जबकि नींबू 200, देशी करेला 100, तोरई 100, भिंडी 100, मटर 120 और अरबी 100 रुपये किलो के भाव में है।
विज्ञापन
सब्जियां बेचती महिला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अलीगढ़ में हरी सब्जियां अचानक पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से भी महंगी हो गई हैं। बाजार में सीएनजी 92 रुपये प्रति किलो, पेट्रोल 96.62 और डीजल 89.85 रुपये प्रति लीटर के भाव में है, जबकि नींबू 200, देशी करेला 100, तोरई 100, भिंडी 100, मटर 120 और अरबी 100 रुपये किलो के भाव में है। हरी सब्जियों के इतने महंगे होने से दुकानदारों और ग्राहकों के बीच बहस हो रही है। किलो आधा किलो हरी सब्जी लेने वाले ग्राहक पाव भर ही खरीदारी कर रहे हैं। कृषि अधिकारी और दुकानदार इसकी वजह बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि को बता रहे हैं।
विज्ञापन
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह कहते हैं कि करेला और तोरई के भाव बढ़ने की वजह बेमौसम की बरसात और ओलावृष्टि है। इससे करेला, तोरई, लौकी, कद्दू और भिंडी की फसल को नुकसान हुआ है। अचानक तेज बारिश और उसके बाद धूप निकलने से ये सब्जियां सड़ जाती हैं। ऐसा होने पर इनके उत्पादन का 15-20 दिन का पूरा एक पक्ष प्रभावित होता है। जिससे दाम बढ़ता जाता है। इसी वजह से सब्जियां अचानक महंगी हुई हैं।
विज्ञापन
नींबू 200 रुपये किलो
फुटकर बाजार में नींबू 200 रुपये किलो के भाव में जा पहुंचा है। इसी तरह से देशी करेला 100, तोरई 100, भिंडी 100, मटर 120 और अरबी 100 रुपये किलो के भाव में है। इसके अलावा शिमला मिर्च 80, हरी सेम 80, परवल और बीन 80 रुपये प्रति किलो के रेट पर बिक रही है। मूली-गाजर 20, बेंगन-गोभी 40, टमाटर-प्याज 20 और आलू 10 से 15 रुपये प्रति किलो है।
विज्ञापन
मार्च में अलग अलग दिनों में अचानक हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से सब्जियों की सभी फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। जिससे थोक मंडी में हरी सब्जी की कीमतें बहुत बढ़ गई है। इसलिए फुटकर में भी ये महंगी है। -मुन्नी देवी, सब्जी विक्रेता।
हरी सब्जियों के भाव थोक बाजार में महंगे हैं, क्योंकि किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। इसलिए सब्जियों की मांग के अनुसार आपूर्ति कम होने के कारण रेट अचानक बढ़ गए हैं। वरना इस मौसम में हरी सब्जियां इतनी महंगी नहीं होती थीं। -लाला, सब्जी विक्रेता।