{"_id":"6a9b346f232dc5cbc5083616","slug":"kinnar-gurus-across-the-country-dedicated-to-the-happiness-of-others-and-the-preservation-of-their-traditions-aligarh-news-c-2-gur1004-1059390-2026-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: दूसरों की खुशियों और अपनी परंपराओं के लिए जुटे देशभर के किन्नर गुरु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: दूसरों की खुशियों और अपनी परंपराओं के लिए जुटे देशभर के किन्नर गुरु
विज्ञापन
ताला नगरी स्थित एक गेस्ट हाउस में अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन में उपस्थित किन्नर।
- फोटो : samvad
अपने लिए नहीं... दूसरों के घर खुशियां बनी रहें, परिवार सुखी रहें, देश में सुख, शांति व समृद्धि आए, इन्हीं दुआओं को लेकर देशभर के किन्नर गुरु अलीगढ़ में जुटे हैं। तालानगरी स्थित कलश फार्म हाउस में अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ।
मुख्य आयोजक चबन्नी माई ने बताया कि सम्मेलन में दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब, बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश भर के अलग-अलग हिस्सों से करीब 500 से ज्यादा किन्नर समाज के गुरु और प्रतिनिधि पहुंचे हैं। सात सितंबर तक चलने वाले सम्मेलन में आस्था के साथ किन्नर समाज की परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था और अहम मुद्दों पर भी मंथन होगा।
सम्मेलन की शुरुआत दिवंगत किन्नर गुरुओं की स्मृति और कुलदेवी मुर्गे वाली माता की आराधना के साथ हुई। शुरुआती दो दिन दिवंगत गुरुओं को समर्पित रहेगा। शोक सभा में उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ समाज के लिए उनके योगदान को याद किया जाएगा। इसके बाद समाज की मौजूदा चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर चर्चा होगी। मुख्य आयोजक ने बताया कि सात सितंबर को शगुन व्यवहार के बाद विदाई होगी।
विज्ञापन
किन्नर भले ही गृहस्थ जीवन का सुख न देख पाते हों लेकिन दूसरों के घर खुशियां रहें, इसके लिए वे हर दिन दुआ करते हैं। यही वजह है कि सम्मेलन में शामिल किन्नर अपने यजमानों और समाज की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। झूम और नाच भी रहे हैं। सम्मेलन में दिल्ली से गद्दी पति कोकिला नायक, कल्लो नायक, मीना मां नायक, मुस्कान, पापा नायक, पूनम नायक, मनीषा, रवीना, कृष्णा, सुधा नायक, गायत्री देवी नायक, अनीता अशोक, हिना बाई नायक, चांदनी, चंदा, गुड्डी नायक शामिल हैं।
विज्ञापन
मुख्य आयोजक चबन्नी माई ने बताया कि सम्मेलन में दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब, बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश भर के अलग-अलग हिस्सों से करीब 500 से ज्यादा किन्नर समाज के गुरु और प्रतिनिधि पहुंचे हैं। सात सितंबर तक चलने वाले सम्मेलन में आस्था के साथ किन्नर समाज की परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था और अहम मुद्दों पर भी मंथन होगा।
विज्ञापन
सम्मेलन की शुरुआत दिवंगत किन्नर गुरुओं की स्मृति और कुलदेवी मुर्गे वाली माता की आराधना के साथ हुई। शुरुआती दो दिन दिवंगत गुरुओं को समर्पित रहेगा। शोक सभा में उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ समाज के लिए उनके योगदान को याद किया जाएगा। इसके बाद समाज की मौजूदा चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर चर्चा होगी। मुख्य आयोजक ने बताया कि सात सितंबर को शगुन व्यवहार के बाद विदाई होगी।
विज्ञापन
किन्नर भले ही गृहस्थ जीवन का सुख न देख पाते हों लेकिन दूसरों के घर खुशियां रहें, इसके लिए वे हर दिन दुआ करते हैं। यही वजह है कि सम्मेलन में शामिल किन्नर अपने यजमानों और समाज की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। झूम और नाच भी रहे हैं। सम्मेलन में दिल्ली से गद्दी पति कोकिला नायक, कल्लो नायक, मीना मां नायक, मुस्कान, पापा नायक, पूनम नायक, मनीषा, रवीना, कृष्णा, सुधा नायक, गायत्री देवी नायक, अनीता अशोक, हिना बाई नायक, चांदनी, चंदा, गुड्डी नायक शामिल हैं।