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प्रो. अनीस की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Mon, 10 Aug 2015 01:43 AM IST
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एएमयू के एके तिब्बिया कॉलेज अस्पताल में भर्ती युवती के साथ दुराचार के प्रयास के मामले में प्राचार्य ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को 11 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देनी है।
प्राचार्य प्रो. सऊद अली खान ने बताया कि डीएसडब्लू एवं तिब्बिया कॉलेज के जर्राहत विभाग के चेयरमैन प्रो. अनीस इस्माईल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है। इसमें प्रो. एसएस शीरानी एवं डॉ. आशिया सुल्ताना को भी शामिल किया गया है।
टीम को अपनी रिपोर्ट 11 अगस्त तक पेश करनी है। कमेटी युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में ऐसी घटना (झूठी या सच्ची) की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए कमेटी से सुझाव भी मांगे गए है। अब देखना है कि तीन सदस्यीय जांच कमेटी क्या रिपोर्ट देती है। प्राचार्य पहले से ही इस आरोप को शक की नजर से देख रहे है। उनका कहना है कि तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवती द्वारा नामजद दो कर्मचारियों के अतिरिक्त तीसरा व्यक्ति कौन था। उल्लेखनीय है कि गांधीपार्क थाना क्षेत्र की युवती ने सिविल लाइन थाना में एके तिब्बिया कॉलेज के दो नामजद कर्मचारी समेत तीन लोगों पर दुराचार के प्रयास का आरोप लगाया था। यह घटना 28 जुलाई की है। युवती अस्पताल में उपचार कराने के लिए भर्ती थी।
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प्राचार्य प्रो. सऊद अली खान ने बताया कि डीएसडब्लू एवं तिब्बिया कॉलेज के जर्राहत विभाग के चेयरमैन प्रो. अनीस इस्माईल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है। इसमें प्रो. एसएस शीरानी एवं डॉ. आशिया सुल्ताना को भी शामिल किया गया है।
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टीम को अपनी रिपोर्ट 11 अगस्त तक पेश करनी है। कमेटी युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में ऐसी घटना (झूठी या सच्ची) की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए कमेटी से सुझाव भी मांगे गए है। अब देखना है कि तीन सदस्यीय जांच कमेटी क्या रिपोर्ट देती है। प्राचार्य पहले से ही इस आरोप को शक की नजर से देख रहे है। उनका कहना है कि तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवती द्वारा नामजद दो कर्मचारियों के अतिरिक्त तीसरा व्यक्ति कौन था। उल्लेखनीय है कि गांधीपार्क थाना क्षेत्र की युवती ने सिविल लाइन थाना में एके तिब्बिया कॉलेज के दो नामजद कर्मचारी समेत तीन लोगों पर दुराचार के प्रयास का आरोप लगाया था। यह घटना 28 जुलाई की है। युवती अस्पताल में उपचार कराने के लिए भर्ती थी।