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कल्याण सिंह प्रकरण में चुनाव आयोग ने रिपोर्ट तलब की
Thu, 28 Mar 2019 01:21 AM IST
राजेश सिंह
आशीष श्रीवास्तव
आशीष श्रीवास्तव
Published by: राजेश सिंह
Updated Thu, 28 Mar 2019 01:21 AM IST
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कल्याण सिंह-राजवीर सिंह
- फोटो : Amar Ujala
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राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने अपने आवास पर नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कहा था कि मोदी को फिर पीएम बनाना है। ये बात अब उनके लिए परेशानी का सबब बन सकती है। राज्यपाल के संवैधानिक पद पर होते हुए यह बात कहने पर चुनाव आयोग ने इस मामले में जिला प्रशासन से फिलहाल मौखिक जानकारी मांगी है। जिस पर जिला प्रशासन साक्ष्य जुटाने में लगा है। कल्याण के मोदी को पीएम बनाने की बात कहने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए थे।
दरअसल वर्तमान सांसद सतीश गौतम को विगत 21 मार्च को भाजपा ने अलीगढ़ लोकसभा से दोबारा प्रत्याशी घोषित किया था। उस वक्त कल्याण सिंह अलीगढ़ में थे। शुक्रवार सुबह से ही कल्याण के मैरिस रोड स्थित आवास राजपैलेस पर सतीश गौतम के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। कल्याण सिंह से टिकट बदलवाने को कहा गया। उस दिन उनका कोई जवाब नहीं आया।
शनिवार को दोबारा नारेबाजी शुरू हो गई। उत्साहित युवाओं ने सतीश का पुतला दहन कर डंडों से पीटा। इसके बाद कल्याण की कार को घेर कर नारेबाजी की। उनकी कार को चलने नहीं दिया। कल्याण उसी वक्त कोठी से बाहर आए थे। उनको कासगंज जाना था। बाहर आते ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को शांत कराया। कहा कि मोदी को देश हित और समाज हित में पीएम बनाना जरूरी है।
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उन्होंने सतीश गौतम के विरोध के स्वरों को भी खामोश किया और कहा कि पार्टी का निर्णय मान्य है। जो होगा देखा जाएगा। इसके बाद रविवार को जब वह अलीगढ़ से जयपुर रवाना हुए। तब तक इस प्रकरण का सार्वजनिक पटाक्षेप भी हो गया था। विरोधियों ने राज्यपाल जैसे गरिमामयी पद से इस तरह की टिप्पणी को अनुचित ठहराया। इसको आचार संहिता का उल्लंघन भी बताया। इसकी शिकायत मिलते ही चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह से मौखिक जानकारी मांगी है।
चुनाव आयोग की ओर से इस प्रकरण की जानकारी मांगी गई है। तथ्यों की जांच कराने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
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दरअसल वर्तमान सांसद सतीश गौतम को विगत 21 मार्च को भाजपा ने अलीगढ़ लोकसभा से दोबारा प्रत्याशी घोषित किया था। उस वक्त कल्याण सिंह अलीगढ़ में थे। शुक्रवार सुबह से ही कल्याण के मैरिस रोड स्थित आवास राजपैलेस पर सतीश गौतम के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। कल्याण सिंह से टिकट बदलवाने को कहा गया। उस दिन उनका कोई जवाब नहीं आया।
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शनिवार को दोबारा नारेबाजी शुरू हो गई। उत्साहित युवाओं ने सतीश का पुतला दहन कर डंडों से पीटा। इसके बाद कल्याण की कार को घेर कर नारेबाजी की। उनकी कार को चलने नहीं दिया। कल्याण उसी वक्त कोठी से बाहर आए थे। उनको कासगंज जाना था। बाहर आते ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को शांत कराया। कहा कि मोदी को देश हित और समाज हित में पीएम बनाना जरूरी है।
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उन्होंने सतीश गौतम के विरोध के स्वरों को भी खामोश किया और कहा कि पार्टी का निर्णय मान्य है। जो होगा देखा जाएगा। इसके बाद रविवार को जब वह अलीगढ़ से जयपुर रवाना हुए। तब तक इस प्रकरण का सार्वजनिक पटाक्षेप भी हो गया था। विरोधियों ने राज्यपाल जैसे गरिमामयी पद से इस तरह की टिप्पणी को अनुचित ठहराया। इसको आचार संहिता का उल्लंघन भी बताया। इसकी शिकायत मिलते ही चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह से मौखिक जानकारी मांगी है।
चुनाव आयोग की ओर से इस प्रकरण की जानकारी मांगी गई है। तथ्यों की जांच कराने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी