Diwali: मां लक्ष्मी के वाहन उल्लू ने भरी उड़ान, देश-विदेश में हो रही अलीगढ़ से मूर्तियों की सप्लाई
दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, जिसके चलते इन दिनों लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की डिमांड बढ़ गई है। अलीगढ़ से महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु समेत देशभर में मूर्तियां भेजी जाती हैं। दुनियाभर की बात करें तो श्रीलंका, मलयेशिया, यूएस, सिंगापुर, कनाडा में यहां की मूर्तियों की मांग है।
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दिवाली से पहले ही इस बार मां लक्ष्मी के वाहन उल्लू की मूर्तियों की मांग बढ़ गई है। कारोबारियों ने भी मांग के अनुसार मूर्तियां तैयार कराकर सप्लाई शुरू कर दी है। तीन इंच से नौ इंच के उल्लू की मूर्ति की कीमत 100 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही छह देशों में अलीगढ़ की मूर्तियां भेजी जा रही हैं। इसी तरह दक्षिण भारत से उल्लू पर सवार मां लक्ष्मी की मूर्ति की मांग ज्यादा है। बताया जाता है कि जिले में करीब 200 करोड़ का मूर्ति कारोबार है, जिसमें करीब 50 करोड़ का माल निर्यात किया जाता है।
दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, जिसके चलते इन दिनों लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की डिमांड बढ़ गई है। अलीगढ़ से महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु समेत देशभर में मूर्तियां भेजी जाती हैं। दुनियाभर की बात करें तो श्रीलंका, मलयेशिया, यूएस, सिंगापुर, कनाडा में यहां की मूर्तियों की मांग है।
दिवाली पर आस्था के अनुसार श्रद्धालु लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति की मांग कर रहे हैं। अलीगढ़ से देशभर के अलावा करीब छह देशों में मूर्तियां भेजी जाती हैं।- कपिल वार्ष्णेय , मूर्ति कारोबारी, जेल रोड
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दिवाली पर मूर्ति का कारोबार बढ़ा है। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की सबसे ज्यादा मांग है। इसके अलावा सजावट के आइटम भी लोग खरीद रहे हैं।- सुशील मित्तल, मूर्ति कारोबारी सेंटर प्वाइंट
लड्डू वाले हाथ की तरफ चाहिए गणेश जी की सूंड
दिवाली का त्योहार विजय के साथ सुख, समृद्धि और प्रगति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पूजा के लिए भगवान गणेश की मूर्तियों में सूंड की दिशा को लेकर अलग-अलग मान्यता हैं। मूर्ति कारोबारी कपिल वार्ष्णेय कहते हैं कि देश के कुछ क्षेत्रों से लोग आशीर्वाद वाले हाथ की ओर सूंड की मांग करते हैं तो कुछ क्षेत्रों में लड्डू वाले हाथ की ओर सूंड की मांग रहती है। इसलिए दोनों तरह की मूर्तियां तैयार कराई गई हैं।
मूर्ति कारोबार से जुड़े हैं 3000 परिवार
अलीगढ़ में मूर्ति कारोबार लगातार बढ़ रहा है। ऐसा इसलिए है कि पिछले कुछ सालों से कुशल कारीगरों द्वारा मूर्तियों की फिनिशिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इस कारण मूर्तियां ज्यादा आकर्षक हैं। इसके चलते देश और विदेश में अलीगढ़ की मूर्तियों की मांग बढ़ रही है। मूर्ति कारोबार में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। वर्तमान में करीब 3000 परिवार मूर्ति करोबार से जुड़े हैं। इनमें ढलाई, पॉलिश, शृंगार, विक्रेता शामिल हैं। इस समय शहर में 50 बड़े मूर्ति कारोबारी हैं।
इन क्षेत्रों में है मूर्ति कारोबार
जयगंज
सेंटर प्वाइंट
पला रोड
सासनीगेट
आईटीआई रोड
जेल रोड
नौरंगाबाद