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दो पूर्व विधायकों और मेयर के खिलाफ दायर अर्जी की सुनवाई अब एमपी/एमएलए कोर्ट में

Sat, 25 Jun 2022 01:39 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jun 2022 01:39 AM IST
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Hearing of application filed against two former MLAs and Mayor is now in MP  MLA Court
दो पूर्व विधायक और मौजूदा मेयर के खिलाफ भाजपा नेता की ओर से दायर याचिका की सुनवाई अब एमपी/एमएलए मामलों की निचली अदालत एसीजेएम प्रथम कोर्ट में होगी। मेयर व पार्षद पद की शपथ के दिन हुई नारेबाजी और फिर मेयर आवास पर दिए गए विवादित बयान को लेकर यह याचिका भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ की ओर से दायर की गई थी। जिसकी सुनवाई अब तक जेएम न्यायालय में चल रही थी। जिसमें अभी याची के बयान दर्ज होने की प्रक्रिया जारी है। अब इस मामले में 28 जुलाई नियत की गई है।
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पक्की सराय सासनी गेट मूल निवासी भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ के अधिवक्ता प्रवीन वार्ष्णेय के अनुसार घटना 12 दिसंबर 2017 की है। जब नुमाइश कृष्णांजलि नाट्यशाला में मेयर व पार्षद पद की शपथ ग्रहण हुई। शपथ के दौरान समुदाय विशेष के पार्षदों की ओर से वंदेमातरम नहीं गाया गया, जबकि वहां मौजूद पूर्व विधायक जमीरउल्लाह के इशारे पर समुदाय विशेष से जुड़ी नारेबाजी की गई। इसे लेकर वहां विवाद हुआ और समाचार प्रमुखता से अखबारों में प्रकाशित हुआ। इसके अगले दिन 13 दिसंबर को पार्षद दल की बैठक मेयर मो.फुरकान के आवास पर हुई।
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जिसमें उस समय बसपा के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री चौ.महेंद्र सिंह, खुद मेयर मो.फुरकान, बसपा नेता अशोक सिंह, सूरज सिंह, पार्षद मुशर्रफ महजर आदि मौजूद थे। इस दौरान बैठक में जमीर उल्लाह ने इशारों इशारों में एक विवादित बयान समुदाय विशेष व भाजपा को लेकर दिया। यह बयान भी समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था। मामले में उनके क्लाइंट भाजपा नेता की समाचार पढ़कर तबियत बिगड़ी थी। बाद में मामले में पुलिस से मुकदमे का अनुरोध करते हुए शिकायत की गई। मगर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इस पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। मामले में जेएम न्यायालय में परिवार स्वीकार किया गया। बाद में कोरोना की वजह से लंबे समय तक सुनवाई नहीं हो सकी। अब वादी के बयान धारा 200 के तहत दर्ज होने थे। लेकिन इसी बीच अधिवक्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि चूंकि इस मुकदमे में दो पूर्व माननीय हैं, इसलिए मुकदमे की सुनवाई निर्धारित न्यायालय में होनी चाहिए। शुक्रवार को मामले में वादी के बयान की तारीख नियत थी। मगर न्यायालय ने बयान दर्ज न कर उसे एमपी/एमएल मामलों की सुनवाई वाली अदालत एसीजेएम प्रथम के यहां भेज दिया है। अब इस मामले में 28 जुलाई तारीख नियत की गई है। अधिवक्ता के अनुसार वहां बयान व शपथ पत्र दाखिल होने के बाद आरोपियों को तलब कराने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
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