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कुत्ते की तेरहवीं: आत्मा की शांति के लिए पहले किया हवन, फिर खिलाया भोज, याद आया मल्लो का मोती

Sun, 17 Sep 2023 03:47 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 17 Sep 2023 03:47 PM IST
सार

दंपत्ति ने बताया कि मोती के जन्म के बाद से उसे अपने बेटे की तरह पाला। वह सभी के साथ बैठकर खाना खाता था। दंपत्ति के साथ टॉमी बैड पर सोता था। परिवार का हर सदस्य टॉमी को जान से भी ज्यादा चाहता था। मोती को थोड़ा उदास देखते ही दंपत्ति उसे डॉक्टर के पास लेकर दोड़ पड़ते थे। मोती के पसंद का खाना ही परिवार में पकाया जाता था।

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Havan and feast at Dog Moti Terahvin
भोज से पहले दिवंगत मोती को भोग लगाती पायल शर्मा - फोटो : रूपेश कुमार

विस्तार

यूपी के अलीगढ़ में एक पालतू कुत्ते की मृत्यु के बाद उसे धार्मिक विधि-विधान से दफनाया गया। उसके बाद बरकटा किया गया। कुत्ते की आत्मा की शांति के लिए हवन के उपरांत तेरहवीं का भोज खिलाया गया। भोज में वही व्यंजन परोसे गए, जो उस डॉगी को अच्छे लगते थे। तेरहवीं में आए ब्राह्मणों को जग, सुंदर कांड की पुस्तक सहित बिस्कुट, नमकीन और पापे दान में दिए गए। परिवार के सदस्य के समान वाले पालतू कुत्ते की तेरहवीं को देखने के लिए लोगों का तातां लग गया।

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मल्लो ने दिया मोती को जन्म
अलीगढ़ के केशव नगर की गली नं 3 के निवासी चंदन शर्मा सुरेंद्र नगर स्थित एक मंदिर पर पुजारी हैं। उनके कोई संतान नहीं थी, तो उनकी पत्नी पायल शर्मा  ने 10 साल पहले एक मादा श्वान को पाला, जिसका नाम मल्लो रखा। मल्लो बड़ी हुई और उसने 4 साल साढे़ तीन महीने पहले 26 जून 2019 में एक पप्पी को जन्म दिया, जिसका नाम मोती रखा गया। 
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टॉमी

बेटे की तरह पाला मोती को
चंदन शर्मा की पत्नी पायल शर्मा ने बताया कि मोती के जन्म के बाद से उसे अपने बेटे की तरह पाला। वह सभी के साथ बैठकर खाना खाता था। दंपत्ति के साथ मोती बैड पर सोता था। परिवार का हर सदस्य मोती को जान से भी ज्यादा चाहता था। मोती को थोड़ा उदास देखते ही दंपत्ति उसे डॉक्टर के पास लेकर दोड़ पड़ते थे। मोती के पसंद का खाना ही परिवार में पकाया जाता था।

टॉमी का चित्र

रक्षाबंधन पर मोती को बांधी थी राखी
चंदन शर्मा के छोटे भाई जगदीश शर्मा की बेटी शिया शर्मा ने अमर उजाला डॉट कॉम को बताया कि वह टॉमी को अपनी भाई मानती थी। रक्षाबंधन पर टॉमी को राखी बांधी। टॉमी भी परिवार के हर सदस्य को प्यार करता था।

तेरहवीं भोज

परिवार को बिलखता छोड़ गया मोती

परिवार के सदस्य जगदीश शर्मा ने बताया कि एक दिन मोती घर के बाहर खेल रहा था, तभी अन्य कुत्तों ने उसे बुरी तरह दबोच लिया। मुश्किल से छुड़ाया, पर  उस घटना के बाद मोती के दिल में डर बैठ गया। वह गुमशुम रहने लगा। आखिरकार 10 सितंबर 2023 को मोती ने दुनिया से अलविदा कह दिया। परिवार में मातम छा गया। मोहल्ले, आसपास में जिसे भी मोती के मौत की खबर मिला, वह स्तब्ध रह गया। मोती परिवार के सदस्यों को रोता-बिलखता छोड़ गया।

हवन

हवन, तेरहवीं के भोज से दी मोती को घर से विदाई
मोती की मौत के बाद उसे दफनाते हुए परिवार के सदस्यों के आंसू नहीं रूक रहे थे। उसके बाद बरकटा हुआ। सात दिन के बाद मोती का त्रयोदशी संस्कार किया गया। सुबह मोती की आत्मा की शांति के लिए आचार्य सुरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार के साथ हवन कराया गया। हवन में मोती की तस्वीर याद के रूप में रखी थी। हवन में परिवार, रिश्तेदार और आस पड़ोस के लोग शामिल हुए। हवन का प्रसाद मोती की पसंद का सूजी का हलवा था। हलवा बादाम, मेवा डालकर तैयार किया गया था। तेरहवीं के भोज में सबसे पहले 13 ब्राह्मणों को भोज कराया गया। जिसके बाद उन्हें जग, सुंदर कांड की पुस्तक, बिस्कुट, नमकीन और पापे के साथ धन दान किया। भोज में भी मोती के पसंद वाले खाद्य पदार्थों को तरजीह दी गई। भोज में खस्ता कचौडी, पूड़ी, आलू की सब्जी, रायता, हलवा था। सभी ने भोज में प्रसाद ग्रहण किया। इस तरह मोती को विदाई दे गई।

तेरहवीं में दान

मोती को पसंद थी शर्मा जी की आइसक्रीम
परिवार के बुजुर्ग महादेव प्रसाद ने बताया कि मोती को नौरंगाबाद में शर्मा जी की दुकान वाली आइसक्रीम बहुत पसंद थी। मोती वह आइसक्रीम बड़ी चाव से खाता था। एक नहीं दो, तीन तक खा जाता था। मोती पूरी तरह से शाकाहारी था, वह खस्ता कचौड़ी, आलू की सब्जी, मूंग की दाल, काशीफल और आलू की सब्जी, रायता, पापे, बिस्कुट, नमकीन बड़े चाव से खाता था।

मोती की मां मल्लो देखती रही अपने लाल की तस्वीर

हवन और तेरहवीं में रखे गए मोती के चित्र को उसकी मां मल्लो पूरे समय देखती नजर आई, पर उसे एहसास हो गया था कि अब उसका लाल एक याद है और वह पास नहीं आ पाएगा। पूरे त्रयोदशी संस्कार में मां मल्लो वहीं पर बैठी रही और अपने बेटे की विदाई को आंसू भरी आंखों से देखती रही। मल्लो को वहां जिसने भी देखा, उसकी आंखें भी भर आईं।

मां मल्लो

तेरहवीं में ये हुए शामिल
मोती की तेरहवीं में प्रथम शर्मा, करिश्मा, ज्योति, कुमकुम शर्मा, नीतू शर्मा, रूद्र, नरेंद्र शर्मा, रजनी शर्मा, साधना शर्मा, मानसी शर्मा के साथ रिश्तेदार, मोहल्ले वाले भी तेरहवीं में शामिल हुए। सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।

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