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बारिश में टिनशेड के नीचे करना पड़ा अंतिम संस्कार
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लोधा ब्लॉक के गांव बाढ़ौन में अंत्येष्टि स्थल न होने से ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे ही अंतिम संस्कार करने पर विवश होना पड़ रहा है। पिछले चार दिन से बरसात हो रही है। रविवार को गांव में दो लोगों की मौत हो गई है। ग्रामीणों ने जैसे-तैसे टिनशेड के नीचे दोनों का अंतिम संस्कार कराया।
ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार सोमवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मिले। उन्होंने एक मांग पत्र सौंपते हुए गांव में अंत्येष्टि स्थल बनवाने की मांग रखी। ग्राम प्रधान ने बताया कि देश की आजादी से लेकर अब तक गांव में एक भी अंत्येष्टि स्थल नहीं है। इसके चलते लोगों को अंतिम संस्कार करने में परेशानी होती है। ग्रामीण अपने-अपने खेतों पर जाकर अंतिम संस्कार करते हैं।
बरसात के दौरान दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। कई-कई घंटे तक बरसात रुकने का इंतजार करना पड़ता है। टिनशेड व पॉलीथिन डालकर जैसे-तैसे अंतिम संस्कार कराया जाता है। ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में ग्राम समाज की जमीन उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार अगर अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए बजट मिल जाए तो वह इसका निर्माण कराएंगे। ग्राम पंचायत के पास खुद का बजट नहीं हैं।
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ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार सोमवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मिले। उन्होंने एक मांग पत्र सौंपते हुए गांव में अंत्येष्टि स्थल बनवाने की मांग रखी। ग्राम प्रधान ने बताया कि देश की आजादी से लेकर अब तक गांव में एक भी अंत्येष्टि स्थल नहीं है। इसके चलते लोगों को अंतिम संस्कार करने में परेशानी होती है। ग्रामीण अपने-अपने खेतों पर जाकर अंतिम संस्कार करते हैं।
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बरसात के दौरान दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। कई-कई घंटे तक बरसात रुकने का इंतजार करना पड़ता है। टिनशेड व पॉलीथिन डालकर जैसे-तैसे अंतिम संस्कार कराया जाता है। ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में ग्राम समाज की जमीन उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार अगर अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए बजट मिल जाए तो वह इसका निर्माण कराएंगे। ग्राम पंचायत के पास खुद का बजट नहीं हैं।
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