Aligarh: शहर में गंदगी का अंबार, 100 से अधिक नोटिस क बाद भी नहीं बदले हालात, नगर आयुक्त करेंगे समीक्षा
अलीगढ़ के ऊपर कोट, टनटन पाड़ा, बनियापाड़ा, सराय लबरिया, सराय हकीम, शिवपुरी, सराय रहमान, मांमू भांजा, नगला कलार, मानिक चौक, गांधी पार्क कम्पनी बाग, देवी नगला, प्रतिभा कालोनी, किशनपुर, स्वर्णजयंतीनगर, अवंतिका कालोनी आदि क्षेत्रों में जल निकासी और कूड़ा न उठना सबसे बड़ी समस्या है।
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आधे अलीगढ़ शहर में साफ सफाई का जिम्मा उठाने वाली सुकमा संस के कार्यों से शहरवासी ही नहीं बल्कि नगर निगम के अधिकारी भी परेशान हैं। जगह-जगह गंदगी और जल भराव के कारण हर दिन कंपनी को चार से पांच नोटिस नगर निगम जारी कर रहा है। अक्तूबर माह तक 100 से अधिक नोटिस सुकमा को जारी किया जा चुका है। मगर हालात में सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में नगर आयुक्त ने खुद कंपनी के कार्यों की निगरानी शुरू कर दी है।
शहर के ऊपर कोट, टनटन पाड़ा, बनियापाड़ा, सराय लबरिया, सराय हकीम, शिवपुरी, सराय रहमान, मांमू भांजा, नगला कलार, मानिक चौक, गांधी पार्क कम्पनी बाग, देवी नगला, प्रतिभा कालोनी, किशनपुर, स्वर्णजयंतीनगर, अवंतिका कालोनी आदि क्षेत्रों में जल निकासी और कूड़ा न उठना सबसे बड़ी समस्या है। किशनपुर मोहल्ले में सफाई कर्मी न के बराबर आते हैं। जिसके कारण मोहल्ले में सफाई नहीं हो पाती है। जगह-जगह कूड़ा-करकट का ढेर और नालियां जाम रहती हैं। किशनपुर मुहल्ले के बिजेंद्र बघेल ने बताया कि इस बारे में नगर निगम और सुकमा कंपनी के पदाधिकारियों से शिकायत की गई। मगर समस्या जस की तस बनी हुई है।
मंगलवार को वार्ड 33 और वार्ड 53 के नागरिकों ने हैबीटेट सेंटर पहुंचकर विधायक, महापौर और नगर आयुक्त के सामने समस्या रखी। बताया कि मोहल्ले में सफाई कर्मी आते ही नहीं है। जिसके कारण नालियां अटी हुई रहती है। एडीए कॉलोनी, अवंतिका फेस 1, वार्ड 33 और वार्ड 53 के लोग असमंजस में है। सफाई कर्मी कार्य को एक-दूसरे पर टालते रहते हैं। लोगों ने विधायक व महापौर को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर सतीश महेश्वरी, घनश्याम दास जैन, किशन गुप्ता, संजय वार्ष्णेय, एचआर गांधी, राम बाबू हरकुट, संजय अग्रवाल, इत्यादि मौजूद रहे।
सुकमा कम्पनी को आधे शहर के सफाई का काय सौंपा गया है। कम्पनी के पास मैन पावर से लेकर संसाधन तक की कमी है। जिसके कारण सफाई प्रभावित हो रही है। आए दिन शिकायत आती है। जिसके आधार पर कम्पनी को हर सफाई निरीक्षकों के द्वारा नोटिस जारी किया जाता है। अक्तूबर तक कम्पनी को 100 से अधिक नोटिस जारी किया जा चुका है।-रामानंद त्यागी, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी
शहर को स्वच्छ रखना नगर निगम की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों या कम्पनी के पदाधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। अब साफ-सफाई की मेरे द्वारा हर दिन मानीटरिंग और समीक्षा की जाएगी। खामी मिली तो कार्रवाई तय है।-प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त