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मुनीर के राइट हैंड 50 हजारी सऊद को जमीन निगल गई है या आसमान

Fri, 06 Dec 2019 01:45 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Dec 2019 01:45 AM IST
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Gangster Muneer
किलिंग मशीन ए ‘कंपनी’ नाम का जरायम ग्रुप सात साल पहले जिस दौर में एएमयू और उसके इर्द-गिर्द सक्रिय हुआ, उस दौर में ही मुनीर-आशुतोष ने अपने गैंग के खास सदस्यों को भी चिह्नित कर लिया। उनमें से ज्यादातर मुनीर-आशुतोष के साथ जघन्य अपराधों में शामिल रहे। वे आज या तो जेल में हैं या फिर जमानत पर बाहर आकर पुलिस से बचते-बचाते फिर रहे हैं। मगर एक नाम ऐसा है, जिसे पुलिस आज तक खोज नहीं पाई और वह यूपी पुलिस की वेबसाइट की मोस्ट वांटेड सूची में 50 हजार का इनामी है।
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यह नाम है अंबेडकर नगर के टांडा का एएमयू का पूर्व छात्र सऊद अहमद सिद्दीकी। सऊद कहां है उसका कोई सुराग अलीगढ़ पुलिस के साथ-साथ यूपी एसटीएफ को नहीं मिला है। उसे लेकर यह अंदेशा जरूर है कि कहीं वह सऊदी अरब तो नहीं भाग गया। हालांकि उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस भी जारी है। मगर पुलिस उसे आज तक नहीं खोज पाई है। खास बात यह है कि सऊद पर एएमयू छात्र आलमगीर की कैंपस में हत्या और पान दरीबा में रेलवे मजिस्ट्रेट के गनर की हत्या में वांछित रहने पर अलीगढ़ से ही 50 हजार का इनाम घोषित है।
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यह गैंग बनाया मुनीर-आशुतोष ने दोस्तों संग
यहां दाखिला लेने पहुंचे मुनीर की दोस्ती आशुतोष मिश्रा संग हुई और फिर उसी के सहयोग से शादाब निवासी आजमगढ़, अतीउल्लाह निवासी बिहार, तारिक निवासी आजमगढ़, बरला निवासी यासिर, फहद, सद्दाम, सऊद निवासी अंबेडकर नगर से हुई। इसी दौरान 13 फरवरी 2015 को पान दरीबा में रेलवे स्टेशन के बाहर चाय पी रहे रेलवे मजिस्ट्रेट के गनर सुरेश बाबू की हत्या कर सर्विस पिस्टल छीन ली। इसके बाद फरारी काटते हुए जब दोनों यहां आए तो 18 सितंबर 2015 को अतीउल्लाह, शादाब संग मिलकर मुनीर व सऊद ने एएमयू के डीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर की हत्या की। इसके कुछ समय बाद जब तंजील की हत्या हुई तो एसटीएफ के शामिल होने पर एक-एक कर सभी साथी पकड़े गए और जेल भेजे गए। मगर सऊद आज तक नहीं पकड़ा गया।
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अब तक यह प्रयास हुए सऊद की गिरफ्तारी को
जब-जब इस गैंग का कोई साथी पकड़ा गया, तब-तब सऊद को लेकर पूछताछ हुई। मगर पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस ने यही समझा कि उसका पिता सऊदी अरब में नौकरी करता है। हो सकता है कि वह सऊदी न भाग गया हो। इसके चलते एसटीएफ स्तर से रेड कार्नर नोटिस जारी कराया गया। बाद में एक टीम को भी सऊदी अरब भेजे जाने की तैयारी हुई। मगर बाद में वह तैयारी भी ठंडे बस्ते में चली गई। अब सऊद कहां है, क्या करता है। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। बता दें कि सऊद ने ही मुनीर को अपने क्षेत्र के एक विधायक के फार्म हाउस में फरारी कटवाई दी। इस विषय में एसएसपी आकाश कुलहरि इतना ही कहते हैं कि एसटीएफ उसे लेकर लगातार काम कर रही है। जो भी इनपुट मिलता है, उस पर काम किया जाता है।
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