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यूपी में बड़े खेल का खुलासा: 20 हजार लेकर बनाए जा रहे थे डॉक्टर, 40 डिग्री लेकर कर रहे अलग-अलग जगह प्रैक्टिस

Fri, 24 Jan 2025 05:36 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 24 Jan 2025 05:36 AM IST
सार

इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने वाली छात्रा निशा ने बताया कि उन्होंने 4 जुलाई 2024 को 20 हजार रुपये फीस के रूप में इंस्टीट्यूट में जमा किए थे। सप्ताह में शनिवार और सोमवार को कक्षाएं लगती थीं। उनके साथ पांच छात्राएं भी पढ़ रही थीं। पढ़ाई के दौरान उन्हें फर्जी कोर्स होने का संदेह हुआ। 

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game of making doctors for 20 thousand rupees going on In Aligarh institute sealed
40 लोग यहां फर्जी डिग्री पाकर कर रहे हैं प्रैक्टिस - फोटो : freepik

विस्तार

अलीगढ़ के आलमबाग में 20 हजार रुपये में फर्जी डॉक्टर बनाने के खेल का खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को इंस्टीट्यूट को सील कर दिया। वहीं, संचालक को नोटिस जारी किया है। यहां से 40 लोग डिग्री पाकर अलग-अलग जगहों पर प्रैक्टिस भी कर रहे हैं।

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बच्चों को दिखाते थे डॉक्टर बनने का ख्वाब
भमोला के आलमबाग गली नंबर-6 में फोनेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग में 18 महीने का कम्युनिटी मेडिकल साइंस एजुकेशन कोर्स (सीएमएस) और छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स चल रहा था। इंस्टीट्यूट से जुड़े लोगों ने दाखिले के लिए विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने का ख्वाब दिखाया। वह बताते कि इस कोर्स को करने के बाद कहीं भी डॉक्टरी भी कर सकते हैं। उन्हें 40 ज्यादा एलोपैथिक दवाएं भी लिखने का अधिकार मिलेगा।
 

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निशा को हुआ संदेह और खुल गया राज
इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने वाली छात्रा निशा ने बताया कि उन्होंने 4 जुलाई 2024 को 20 हजार रुपये फीस के रूप में इंस्टीट्यूट में जमा किए थे। सप्ताह में शनिवार और सोमवार को कक्षाएं लगती थीं। उनके साथ पांच छात्राएं भी पढ़ रही थीं। पढ़ाई के दौरान उन्हें फर्जी कोर्स होने का संदेह हुआ। 

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निशा को नहीं मिले इन सवालों के जवाब
इस पर निशा ने एलोपैथी की 40 से ज्यादा दवाएं लिखने का शासनादेश मांगा तो इंस्टीट्यूट संचालकों ने मना कर दिया। छात्रा ने जब पूछा कि इससे सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण कैसे होगा। तब संस्थान इसका का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। छात्रा ने सीएमओ कार्यालय आकर कोर्स के बारे में जानकारी हासिल की। जहां पता चला है कि ऐसा कोई कोर्स है ही नहीं। इस पर छात्रा ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत की।

फोनेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग के पास कहीं से कोई संबद्धता नहीं था। फर्जी डिग्री दे रहा था। इंस्टीट्यूट में संचालक नहीं मिले। सील कर संचालक को नोटिस दिया गया है। - डॉ. दिनेश कुमार खत्री, डिप्टी सीएमओ, अलीगढ़

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