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कोरोना संक्रमण की जानकारी छिपाने पर पिता-पुत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
पिछले दिनों कोतवाली सदर क्षेत्र के सीकनापान गली में कोरोना पॉजिटिव मिले व्यापारी व उसके बेटे पर जानकारी छुपाने का आरोप है। इस मामले में कोतवाली सदर में सीएमओ की तहरीर के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि दीपक अग्रवाल पुत्र ज्ञानेंद्र अग्रवाल निवासी सीकनापान गली निवासी द्वारा अपने पिता के विषय में तथ्यों को छिपाया गया है। 21 अप्रैल को अपने भाई और ड्राइवर के साथ जेपी हॉस्पिटल नोएडा अपने कैंसर से पीड़ित पिता को लेकर गए थे। वहां पर डॉक्टर से परामर्श लिया गया और पेटस्कैन भी कराया गया। इसके बाद 23 अप्रैल को बागला जिला अस्पताल में कोविड-19 की जांच को सैंपल लिया गया। 25 अप्रैल को रिपोर्ट निगेटिव आई। 28 अप्रैल पुन: अपने कैंसर पीड़ित पिता को दिखाने नोएडा गए। संदिग्धता के आधार पर दिनांक 29 अप्रैल कोरोना की जांच कराई गई।
1 मई को रिपोर्ट पॉजिटिव आई, इसके आधार पर विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए, दीपक अग्रवाल के पिता ज्ञानेंद्र अग्रवाल को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया। घर के सभी सदस्यों को क्वारंटीन करा दिया गया। सीएमओ ने बताया कि यहां पर यह तथ्य उल्लेखनीय है कि जब विभाग द्वारा 1 मई को इनके पिता के उपचार से संबंधित कागजात देखे गए तो पता चला कि 28 अप्रैल को ही पुत्र द्वारा अपने पिता की कोविड-19 जांच प्राइवेट कराई गई थी, जोकि 29 को पॉजिटिव आई थी। अत: पुत्र द्वारा तथ्यों को छुपाकर विभाग को गुमराह किया गया। इस संबंध में सीएमओ की तहरीर के आधार पर दीपक अग्रवाल व ज्ञानेंद्र अग्रवाल के खिलाफ धारा 269, 270, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 और महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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पिछले दिनों कोतवाली सदर क्षेत्र के सीकनापान गली में कोरोना पॉजिटिव मिले व्यापारी व उसके बेटे पर जानकारी छुपाने का आरोप है। इस मामले में कोतवाली सदर में सीएमओ की तहरीर के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि दीपक अग्रवाल पुत्र ज्ञानेंद्र अग्रवाल निवासी सीकनापान गली निवासी द्वारा अपने पिता के विषय में तथ्यों को छिपाया गया है। 21 अप्रैल को अपने भाई और ड्राइवर के साथ जेपी हॉस्पिटल नोएडा अपने कैंसर से पीड़ित पिता को लेकर गए थे। वहां पर डॉक्टर से परामर्श लिया गया और पेटस्कैन भी कराया गया। इसके बाद 23 अप्रैल को बागला जिला अस्पताल में कोविड-19 की जांच को सैंपल लिया गया। 25 अप्रैल को रिपोर्ट निगेटिव आई। 28 अप्रैल पुन: अपने कैंसर पीड़ित पिता को दिखाने नोएडा गए। संदिग्धता के आधार पर दिनांक 29 अप्रैल कोरोना की जांच कराई गई।
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1 मई को रिपोर्ट पॉजिटिव आई, इसके आधार पर विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए, दीपक अग्रवाल के पिता ज्ञानेंद्र अग्रवाल को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया। घर के सभी सदस्यों को क्वारंटीन करा दिया गया। सीएमओ ने बताया कि यहां पर यह तथ्य उल्लेखनीय है कि जब विभाग द्वारा 1 मई को इनके पिता के उपचार से संबंधित कागजात देखे गए तो पता चला कि 28 अप्रैल को ही पुत्र द्वारा अपने पिता की कोविड-19 जांच प्राइवेट कराई गई थी, जोकि 29 को पॉजिटिव आई थी। अत: पुत्र द्वारा तथ्यों को छुपाकर विभाग को गुमराह किया गया। इस संबंध में सीएमओ की तहरीर के आधार पर दीपक अग्रवाल व ज्ञानेंद्र अग्रवाल के खिलाफ धारा 269, 270, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 और महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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