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अलीगढ़ : सीएम के निर्देश के 15 दिन बाद आगरा से आईं 408 डिग्री कालेजों की फाइल
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आखिरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ योगी के निर्देश पर आगरा के डा. भीमराव आंबेडकर विश्व विद्यालय ने अलीगढ़ के राजा महेंद्र प्रताप विश्व विद्यालय को 408 कालेजों की पत्रावलियां भेज दी हैं। यह पत्रावलियां रविवार देर शाम आईं हैं, जिन्हें देर रात तक विवि कैंपस में रख दिया गया है। यह पत्रावलियां अलीगढ़ के अलावा एटा, हाथरस और कासगंज के डिग्री कालेजों की हैं। जिनमें उनकी मान्यता से लेकर सभी प्रपत्र शामिल हैं।
15 दिन पहले लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अलीगढ़ के राजा महेंद्र प्रताप विश्व विद्यालय, आगरा के भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय सहित छह विश्व विद्यालय के लंबित मामलों को निपटाने के लिए बैठक की थी। इसी बैठक में अलीगढ़ के आरएमपी विवि से संबद्ध 408 कालेजों की पत्रावलियां उपलब्ध न होने का मामला उठा था। इस मामले में आरएमपी विवि के कुलपति चंद्रशेखर ने कहा था कि कालेजों की पत्रावली नहीं मिलने के कारण सभी कार्य रुके हुए हैं। जिसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और एक सप्ताह में पत्रावलियां उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। उसी के बाद आगरा के भीमराव आंबेडकर विश्व विद्यालय ने तेजी की। उसी के बाद 15 दिन बाद रविवार देर शाम यह पत्रावलियां मिल पाईं हैं।
आरएमपी विवि के कुल सचिव महेश कुमार का कहना है कि पत्रावलियां न होने के कारण यहां सभी कार्य प्रभावित हो रहे थे। इन पत्रावलियों के आने के बाद अब काम में तेजी आएगी। पहले फेज में सभी कालेजों की पत्रावलियों का परीक्षण होगा, जिसमें यह देखा जाएगा कि इनकी मान्यता है या नहीं। मान्यता है तो प्रबंध समिति को विश्व विद्यालय से अनुमोदन मिला है या नहीं। इसी के साथ-साथ यह जांच भी की जाएगी कि इन डिग्री कालेजों को कितने विषयों की मान्यता है, बिना मान्यता के कोर्स संचालित हो रहे हैं या नहीं। इन सभी का परीक्षण करने के साथ-साथ विश्व विद्यालय की टीम कालेजों में पहुंचकर स्थलीय सत्यापन करेगी। पत्रावली और स्थलीय सत्यापन में अंतर मिला तो उन कालेजों को नोटिस जारी करके प्रबंधन और प्राचार्य से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
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हेडिंग
अब कालेजों के सभी काम अलीगढ़ से होंगे
आरएमपी विवि के कुल सचिव का कहना है कि सभी कालेजों की मान्यता तथा अन्य सभी मामलों से जुड़ी फाइलें आने के बाद कालेजों के सभी कार्य अलीगढ़ से ही होंगे।
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15 दिन पहले लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अलीगढ़ के राजा महेंद्र प्रताप विश्व विद्यालय, आगरा के भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय सहित छह विश्व विद्यालय के लंबित मामलों को निपटाने के लिए बैठक की थी। इसी बैठक में अलीगढ़ के आरएमपी विवि से संबद्ध 408 कालेजों की पत्रावलियां उपलब्ध न होने का मामला उठा था। इस मामले में आरएमपी विवि के कुलपति चंद्रशेखर ने कहा था कि कालेजों की पत्रावली नहीं मिलने के कारण सभी कार्य रुके हुए हैं। जिसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और एक सप्ताह में पत्रावलियां उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। उसी के बाद आगरा के भीमराव आंबेडकर विश्व विद्यालय ने तेजी की। उसी के बाद 15 दिन बाद रविवार देर शाम यह पत्रावलियां मिल पाईं हैं।
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आरएमपी विवि के कुल सचिव महेश कुमार का कहना है कि पत्रावलियां न होने के कारण यहां सभी कार्य प्रभावित हो रहे थे। इन पत्रावलियों के आने के बाद अब काम में तेजी आएगी। पहले फेज में सभी कालेजों की पत्रावलियों का परीक्षण होगा, जिसमें यह देखा जाएगा कि इनकी मान्यता है या नहीं। मान्यता है तो प्रबंध समिति को विश्व विद्यालय से अनुमोदन मिला है या नहीं। इसी के साथ-साथ यह जांच भी की जाएगी कि इन डिग्री कालेजों को कितने विषयों की मान्यता है, बिना मान्यता के कोर्स संचालित हो रहे हैं या नहीं। इन सभी का परीक्षण करने के साथ-साथ विश्व विद्यालय की टीम कालेजों में पहुंचकर स्थलीय सत्यापन करेगी। पत्रावली और स्थलीय सत्यापन में अंतर मिला तो उन कालेजों को नोटिस जारी करके प्रबंधन और प्राचार्य से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
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अब कालेजों के सभी काम अलीगढ़ से होंगे
आरएमपी विवि के कुल सचिव का कहना है कि सभी कालेजों की मान्यता तथा अन्य सभी मामलों से जुड़ी फाइलें आने के बाद कालेजों के सभी कार्य अलीगढ़ से ही होंगे।