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Aligarh News: बुखार के प्रकोप ने ली एक साल के बच्चे की जान
Thu, 30 Oct 2025 02:06 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Thu, 30 Oct 2025 02:06 AM IST
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बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में दवा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
- फोटो : Samvad
जिले में बुखार से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार की रात को एक और बच्चे ने वायरल बुखार के चलते दम तोड़ दिया। जब तक उसे जिला अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। गले व फेफड़ों के संक्रमण में लापरवाही लोगों की जान ले रही।
सहपऊ क्षेत्र के गांव नगला मेवा निवासी अरविंद का बेटा शिवांश एक वर्ष का था। दो दिन पहले शिवांश को बुखार आया था, जिसके बाद निजी चिकित्सक को दिखाया था, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। रात को अचानक उसने हरकत करना बंद कर दिया।
रात में कोई चिकित्सक नहीं मिला तो परिजन उसे आनन-फानन जिला अस्पताल लेकर भागे। यहां रात लगभग साढ़े 11 बजे वे इमरजेंसी में पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
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अब तक हो चुकी है 10 लोगों की मौत
वायरल बुखार अब तक कई लोगों की जिंदगी निगल चुका है। अक्तूबर माह में ही 10 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रमोद कुमार ने बताया कि तापमान गिरने के कारण वायरस व फंगस फैलने का खतरा बढ़ गया है, इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। सोते समय भी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं।
अस्पताल में पहुंचे बुखार के 254 मरीज
जिला अस्पताल में बुधवार को कुल 1463 मरीज पहुंचे। इनमें से 254 मरीज वायरल बुखार के रहे। इनमें 64 बच्चे शामिल थे। खांसी व श्वास नली में संक्रमण के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। यहां श्वास संबंधी 300 से अधिक मरीज पहुंचे।
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सहपऊ क्षेत्र के गांव नगला मेवा निवासी अरविंद का बेटा शिवांश एक वर्ष का था। दो दिन पहले शिवांश को बुखार आया था, जिसके बाद निजी चिकित्सक को दिखाया था, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। रात को अचानक उसने हरकत करना बंद कर दिया।
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रात में कोई चिकित्सक नहीं मिला तो परिजन उसे आनन-फानन जिला अस्पताल लेकर भागे। यहां रात लगभग साढ़े 11 बजे वे इमरजेंसी में पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
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अब तक हो चुकी है 10 लोगों की मौत
वायरल बुखार अब तक कई लोगों की जिंदगी निगल चुका है। अक्तूबर माह में ही 10 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रमोद कुमार ने बताया कि तापमान गिरने के कारण वायरस व फंगस फैलने का खतरा बढ़ गया है, इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। सोते समय भी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं।
अस्पताल में पहुंचे बुखार के 254 मरीज
जिला अस्पताल में बुधवार को कुल 1463 मरीज पहुंचे। इनमें से 254 मरीज वायरल बुखार के रहे। इनमें 64 बच्चे शामिल थे। खांसी व श्वास नली में संक्रमण के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। यहां श्वास संबंधी 300 से अधिक मरीज पहुंचे।