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किसानों के बैंक खातों में जाएगी खाद की सब्सिडी
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Tue, 26 Dec 2017 02:47 AM IST
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खेती करते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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इकराम वारिस
नए साल में एक जनवरी से खाद पर मिलने वाली छूट का पैसा अब सीधे किसानों के सीधे बैंक खाते में जाएगा। एलपीजी गैस सिलेंडर की तरह किसानों के बैंक खातों में खाद की सब्सिडी जाएगी। वहीं, खाद विक्रेताओं को प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन के माध्यम से किसानों को खाद बेचनी होगी।
अक्सर खाद की कालाबाजारी की शिकायतें अफसरों से लेकर शासन तक होती थी। अब सरकार ने किसानों को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए खाद के अनुदान का भुगतान डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) के जरिये करने का फैसला किया है। हालांकि, किसानों को यूरिया, डीएपी, पोटाश की पूरी कीमत दुकानदार को चुकानी होगी, जबकि इसकी सब्सिडी उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
खाद विक्रेताओं को पीओएस मशीन अनिवार्य कर दी गई है। अगर जिनके पास एक जनवरी से पहले यह मशीन नहीं है, उन्हें थोक विक्रेता खाद मुहैया कराते हैं, तो यह जिलाधिकारी के आदेशों की अवहेलना मानी जाएगी। इसलिए फुटकर विक्रेता किसान के आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, मतदाता पहचान पत्र को देखकर पीओएस मशीन से उन्हें खाद बेचें।
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-वीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
खाद बेचने के लिए रखनी होगी पीओएस मशीन
खाद बेचने वालों को अब पीओएस मशीन रखनी होगी। चाहे वह सरकारी, सहकारी दुकानदार हों या निजी दुकानदार। दुकानदारों को किसानों को इसी मशीन के जरिये खाद बेचनी होगी। यदि मशीन दुकानदार के पास नहीं है, तो वह एक जनवरी के बाद खाद नहीं बेच पाएंगे। सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसान का आधार लिंक होना चाहिए। पहली बार किसानों को आधार कार्ड ले जाना होगा। कृषि विभाग में रजिस्टर्ड किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
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नए साल में एक जनवरी से खाद पर मिलने वाली छूट का पैसा अब सीधे किसानों के सीधे बैंक खाते में जाएगा। एलपीजी गैस सिलेंडर की तरह किसानों के बैंक खातों में खाद की सब्सिडी जाएगी। वहीं, खाद विक्रेताओं को प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन के माध्यम से किसानों को खाद बेचनी होगी।
अक्सर खाद की कालाबाजारी की शिकायतें अफसरों से लेकर शासन तक होती थी। अब सरकार ने किसानों को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए खाद के अनुदान का भुगतान डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) के जरिये करने का फैसला किया है। हालांकि, किसानों को यूरिया, डीएपी, पोटाश की पूरी कीमत दुकानदार को चुकानी होगी, जबकि इसकी सब्सिडी उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
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खाद विक्रेताओं को पीओएस मशीन अनिवार्य कर दी गई है। अगर जिनके पास एक जनवरी से पहले यह मशीन नहीं है, उन्हें थोक विक्रेता खाद मुहैया कराते हैं, तो यह जिलाधिकारी के आदेशों की अवहेलना मानी जाएगी। इसलिए फुटकर विक्रेता किसान के आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, मतदाता पहचान पत्र को देखकर पीओएस मशीन से उन्हें खाद बेचें।
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-वीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
खाद बेचने के लिए रखनी होगी पीओएस मशीन
खाद बेचने वालों को अब पीओएस मशीन रखनी होगी। चाहे वह सरकारी, सहकारी दुकानदार हों या निजी दुकानदार। दुकानदारों को किसानों को इसी मशीन के जरिये खाद बेचनी होगी। यदि मशीन दुकानदार के पास नहीं है, तो वह एक जनवरी के बाद खाद नहीं बेच पाएंगे। सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसान का आधार लिंक होना चाहिए। पहली बार किसानों को आधार कार्ड ले जाना होगा। कृषि विभाग में रजिस्टर्ड किसानों को इसका लाभ मिलेगा।