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अनुभव अभ्यास और दिमाग से बनता है कलाकार

Thu, 21 Jun 2018 01:51 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Thu, 21 Jun 2018 01:51 AM IST
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 Experience is made from practice and brain artists
अनुभव अभ्यास और दिमाग से बनता है कलाकार - फोटो : Rupesh
लोकप्रिय सीरियल दीया और बाती की देवरानी एवं टीवी की सुप्रसिद्घ कलाकार कनिका माहेश्वरी ने कहा है कि कोई भी जन्मजात एक्टर नहीं होता, यह एक मिथ है। लगातार अभ्यास, अनुभव, दिमाग और सेंस आफ ह्यूमर किसी भी व्यक्ति को कलाकार बनाता है। युवा यदि एक्टिंग या किसी भी क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं तो सबसे जरूरी है सेल्फ डिसीप्लेन, गोल सेटिंग और उसे पाने के लिए कड़ी मेहनत। 
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माहेश्वरी समाज के कार्यक्रम के सिलसिले में अलीगढ़ आईं टीवी कलाकार कनिका माहेश्वरी सराय मान सिंह स्थित माहेश्वरी क्रियेटिव क्लब के संरक्षक संजय माहेश्वरी के आवास पर प्रेस से रूबरू हो रही थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पति अंकुर घई के साथ मिलकर 14 मिनट की शार्ट फिल्म प्रोड्यूज की है। यह फिल्म कैंसर से मरती सिंगल मां और उनकी बेटी के जीवन पर आधारित है। किस तरह वह मौत से संघर्ष करती है और उसी की बेटी अपनी मां की दुर्दशा से परेशान होकर ईश्वर से मां की मौत की दुआ मांगती है।
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इस फिल्म को अमेरिका, स्पेन, इटली समेत कई अन्य देशों में फिल्म फेस्टिवल के लिए चुना गया है। इस फिल्म का स्क्रीन प्ले एवं डायलाग भी उन्होंने खुद ही लिखे हैं। उन्होंने बताया कि वह एक और फिल्म पर काम कर रही हैं। इस फिल्म का सेट अप यूपी एवं अलीगढ़ के इर्द गिर्द रखा गया है। कोशिश यह रहेगी कि इस फिल्म का काफी हिस्सा अलीगढ़ में ही शूट किया जाय। यह हारर मूवी होगी। इस फिल्म का अब तक नाम नहीं रखा गया है। दीया और बाती के बाद उसके दूसरे सीजन के तू सूरज मै सांझ के अलावा इसी सीरीज के तीसरे सीजन में भी मैं काम कर रही हूं। 
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अपने फिल्मी सफर के बारे में उन्होंने बताया कि मै अलीगढ़ के जयगंज में पैदा हुई हूं, लेकिन मेरी स्कूलिंग दिल्ली में हुई। वालीवुड में जगह बनाना आसान नहीं था। मै तो अपनी दादी, चाची, नानी की मिमिक्री करते करते कलाकार बन गई। हालांकि मेरी शुरू से ही सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि रहीं है, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि मै बड़ी कलाकार बनूंगी। बस मौका मिलता गया, सही लोग मिलते गए और मैं कलाकार बन गई। 
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