Aligarh Railway Station: सफर की जल्दबाजी में छूट रहा जिंदगी का साथ, पांच वर्ष में 431 ने गंवाई जान
इस वर्ष अलीगढ़ सेक्शन में ट्रेनों की चपेट में आने के कुल 112 हादसे हुए। इसमें 87 लोगों की मौत हो गई। इसमें अलीगढ़ स्टेशन में हुए 19 हादसों में 16 लोगों की माैत हुई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
विस्तार
अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर कानपुर व दिल्ली छोर पर दो फुट ओवरब्रिज बने हैं। दो लिफ्ट भी लगी हुई हैं। स्टेशन के दोनों ओर एक्सलेटर यानी स्वचलित सीढि़यां भी बनी हैं। इसके बावजूद भीड़ अधिक होने पर सीढ़ियों से बचने के लिए यात्री जल्दबाजी में अक्सर रेल पटरियों को पार करते हैं।
इस वर्ष अलीगढ़ सेक्शन में ट्रेनों की चपेट में आने के कुल 112 हादसे हुए। इसमें 87 लोगों की मौत हो गई। इसमें अलीगढ़ स्टेशन में हुए 19 हादसों में 16 लोगों की माैत हुई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इसके बाद भी रेलवे प्रशासन इन हादसों की रोकथाम के लिए फेन्सिंग बनवाने के ठोस प्रयास नहीं कर रहा है।
रेलवे स्टेशन में हादसों की रोकथाम के लिए प्लेटफार्म संख्या चार, पांच, छह और सात के बीच फेसिंग लगवाने के लिए तकनीकी टीम से निरीक्षण कराया जाएगा। अगर सुरक्षा कारणों से बाधा न आई तो इसको लगवाने का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। यात्रियों से भी अपील है कि पैदल पुल का ही इस्तेमाल करें। रेलवे ट्रैक पार न करें।-अमित कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी उत्तर-मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल।
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पांच वर्ष में 431 ने जान गंवाई
अलीगढ़ सेक्शन के दाऊद खां व महरावल रेलवे स्टेशन के मध्य पिछले पांच सालों में करीब 430 यात्री रेलवे ट्रैक पार करने या अन्य हादसों में ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर सात प्लेटफार्म है। एक नंबर क्रियाशील नहीं है। दो नंबर मुख्य प्लेटफार्म है। दो से पांच नंबर तक के प्लेटफार्म ट्रेनों के आवागमन से व्यस्त रहते हैं। नॉन स्टॉप ट्रेनों को अप में 100 और डाउन में 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गुजारा जाता है। प्लेटफार्म दो व तीन के बीच लोहे की जाली की फेसिंग लगी हुई है, लेकिन वह सिर्फ चंद मीटर के दायरे में ही है। फेसिंग कम से कम प्लेटफार्म की लंबाई के बराबर होती तो हादसों से बचा जा सकता था।
पांच साल में हुई घटनाएं
वर्ष, मौत
2019- 77
2020- 83
2021- 56
2022- 59
2023- 69
2024- 87
योग -431