{"_id":"5f3ade558ebc3e3ce727562e","slug":"defense-corridor-to-be-expanded-in-250-acres-11-investors-to-invest-400-million-city-office-news-ali241409150","type":"story","status":"publish","title_hn":"250 एकड़ में होगा डिफेंस कॉरिडोर का विस्तार, 400 करोड़ निवेश करेंगे 11 निवेशक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
250 एकड़ में होगा डिफेंस कॉरिडोर का विस्तार, 400 करोड़ निवेश करेंगे 11 निवेशक
विज्ञापन
अंडला में डिफेंस कॉरिडोर को लेकर बैठक करते अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी।
- फोटो : CITY OFFICE
खैर के अंडला क्षेत्र में विकसित होने जा रहे डिफेंस कॉरिडोर का भौतिक निरीक्षण के लिए सोमवार को अपर मुख्य सचिव गृह व यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी पांच सदस्यीय दल के साथ आए। यहां उन्होंने कॉरिडोर के लिए जमीन देने वाले किसानों से वार्ता की। साथ ही जमीन को भी देखा। निवेशकों के साथ बातचीत की। निवेशकों के उत्साह को देखते हुए उन्होंने भविष्य में कॉरिडोर का 250 एकड़ में विस्तार कराने की हामी भर दी है। इधर, 11 निवेशकों ने भी तय किया कि वह 400 करोड़ रुपये यहां निवेश करेंगे।
अवनीश अवस्थी ने 46 हेक्टेयर चिन्हित भूमि पर पहले चरण में बिजली, सड़क और सीवरेज का काम करने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। इसके अलावा 10 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का जो मामला लंबित है। उसे जल्द सुलझाने को कहा है। कई सरकारी विभागों को उनके कामकाजों के आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही कॉरिडोर का शिलान्यास कराया जाएगा। इस बार दीपावली कॉरिडोर की खुशियों से रोशन होगी।
उप्र के अपर मुख्य सचिव सूचना गृह एवं यूपीडा के सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी अपनी टीम के साथ सोमवार सुबह 6.30 बजे अंडला पहुंचे। यहां उन्होंने उद्यमियों एवं निवेशकों समेत जिला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर बताया कि देश के रक्षा मंत्री एवं उप्र के मुख्यमंत्री डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना को लेकर काफी गंभीर हैं। इसमें अब तक 400 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, जिसमें ढाई हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो दीपावली तक यहां पर उद्यमी एवं निवेशक अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकेंगे। इसके बाद उन्होंने डीएम से स्थानीय स्थिति की जानकारी की।
विज्ञापन
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि कॉरिडोर के लिए 45.8 हेक्टेयर भूमि का अर्जन कर लिया गया है। किसानों से अधिग्रहित की गई भूमि की राशि उनके खातों में भेज दी गई है। इसके बाद अवनीश अवस्थी ने ग्राम प्रधान विनय रावत से वार्ता की। विनय ने कहा कि कॉरिडोर स्थापना से किसानों में खुशी है। उनके गांव की भूमि पर हथियार तैयार होंगे, जो भारतीय सेना को और मजबूत बनाएंगे। प्रधान से वार्ता के बाद अवनीश अवस्थी ने डीएम को निर्देश दिए कि वह जल्द ही 250 हेक्टेयर भूमि चिन्हित करने का काम शुरू कर दें, जिससे की इसका विस्तार समय से किया जा सके।
बिजली, ड्रेनेज सहित अन्य कामों के लिए विभागों की जिम्मेदारी तय
यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से विद्युत आपूर्ति के संबंध में जानकारी की। चीफ इंजीनियर ट्रांसमिशन ने बताया गया कि क्षेत्र के ग्राम बीनूपुर में 133 केवीए का विद्युत सबस्टेशन है, जहां से कॉरिडोर को निर्बाध आपूर्ति प्राप्त कराई जाएगी, इस संबंध में विभाग द्वारा भी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। अपर मुख्य सचिव ने तीन किमी लंबाई में स्ट्रीट लाइट लगाए जाने के भी निर्देश दिए। वहीं, जल निगम के चीफ इंजीनियर को निर्देशित किया गया कि वह जेडएलडी स्कीम पर कार्य करते हुए जल निकासी की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि जल निकासी कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण भाग है, इस पर संबंधित विभागों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
इधर, लोक निर्माण विभाग को सड़क, ड्रेनेज सिस्टम और चाहरदीवारी का निर्माण कार्य सौंपते हुए मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि कार्य मानक एवं गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। मानक एवं गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। जिला वन अधिकारी नरेंद्र प्रकाश उपाध्याय को निर्देशित किया कि वह पेड़ों के चिन्हांकन कार्य को जल्द पूर्ण करें सूची तैयार कर पेड़ों के काटे जाने की अनुमति प्राप्त की जाए।
विकास कार्य समय से पूरा कराएं डीएम
अवनीश अवस्थी ने बताया कि कई निवेशकों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर भूमि का आवंटन कर दिया गया है। इस पर निवेशकों ने भरोसा दिलाया है कि वह 400 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि का निवेश करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के उपरान्त क्षेत्र के विकास को चार चांद तो लगेंगे ही, स्थानीय नागरिकों, किसानों, लघु औद्योगिक इकाईयों को भी काफी फायदा पहुंचने वाला है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि क्षेत्रीय किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गांव-कस्बों के विकास में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जनप्रतिनिधियों से मांगे सुझाव
अवनीश अवस्थी ने खैर विधायक अनूप प्रधान से मोबाइल पर बात कर उनसे सहयोग के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह प्रदेश की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। कॉरिडोर की सफल स्थापना के लिए सभी जनप्रतिनिधियों के सुझावों की यूपीडा को आवश्यकता है। यूपीडा सुझावों पर अवश्य विचार करेगा। उन्होंने मौके पर मौजूद सांसद सतीश गौतम से भी सहयोग और सुझावों की अपेक्षा की। सांसद ने हरसंभव मदद का भरोसा दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी मुनिराज जी. समेत यूपीडा की पांच सदस्यीय टीम में डिफेंस एडवाइजर कर्नल केएस. त्यागी, आईएएस सतीश चंद्र वर्मा समेत कॉरिडोर से संबंधित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूज रहे।
कृषि विभाग के बीज गोदाम का फंसा पेंच
अंडला में स्थित कृषि विभाग के बीज गोदाम को वहां से शिफ्ट किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान बीज गोदाम को लेकर अधिकारी कोई फैसला नहीं कर पाए। इस पर अवनीश अवस्थी ने कहा कि वह लखनऊ जाकर कृषि विभाग से इसे शिफ्ट करने को लेकर बात करेंगे।
धनजीत वाड्रा की कंपनी तैयार करेगी ड्रोन
डिफेंस कॉरिडोर में निवेश करने वाली स्थानीय कंपनियों में एलन एंड एलवन प्राइवेट लिमिटेड और अनु ओवरसीज मुख्य हैं। एलन एंड एलवन के एमडी धनजीत वाड्रा बताते हैं कि उनकी कंपनी ड्रोन कैमरे तैयार करने का प्रोजेक्ट लगाने जा रही है। वहीं, अनु ओवरसीज के एमडी शांतनु गोयल के मुताबिक उनकी कंपनी की इजरायल, रूस, जर्मनी की डिफेंस कंपनियों से बात चल रही है, जिनके लिए अनु ओवरसीज द्वारा ओरिजिनल इक्यूपमेंट मैन्युफैक्चर्स तैयार किए जाएंगे। बता दें कि डिफेंस कॉरिडोर में निवेश को तेजी से आकर्षित करने के लिए सरकार ने इसमें शामिल होने वाले जिलों का पूरा भौगोलिक क्षेत्रफल शामिल किया है। इससे इन जिलों में कहीं भी रक्षा उत्पाद से जुड़े उद्योग लगते हैं तो उन्हें भी डिफेंस कॉरिडोर के तहत मिलने वाली रियायतें और सहूलियतें मिलेंगी।
इसके अलावा योगी सरकार ने यूपी रक्षा और एयरोस्पेस यूनिट और रोजगार संवर्धन नीति (पहला संशोधन-2019) बनाई है, जिसके जरिए रक्षा उत्पादों से जुड़ीं देशी-विदेशी कंपनियों को अपना संयंत्र और सहायक रक्षा उद्योग लगाने पर कई तरह की छूट का प्रावधान है। शहर के प्रमुख उद्योगपति धनजीत वाड्रा ने बताया कि वह कॉरिडोर की स्थापना को लेकर काफी उत्साहित हैं। यह अलीगढ़ ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य जिलों सहित संपूर्ण प्रदेश की दशा और दिशा तय करेगा।
विज्ञापन
अवनीश अवस्थी ने 46 हेक्टेयर चिन्हित भूमि पर पहले चरण में बिजली, सड़क और सीवरेज का काम करने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। इसके अलावा 10 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का जो मामला लंबित है। उसे जल्द सुलझाने को कहा है। कई सरकारी विभागों को उनके कामकाजों के आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही कॉरिडोर का शिलान्यास कराया जाएगा। इस बार दीपावली कॉरिडोर की खुशियों से रोशन होगी।
विज्ञापन
उप्र के अपर मुख्य सचिव सूचना गृह एवं यूपीडा के सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी अपनी टीम के साथ सोमवार सुबह 6.30 बजे अंडला पहुंचे। यहां उन्होंने उद्यमियों एवं निवेशकों समेत जिला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर बताया कि देश के रक्षा मंत्री एवं उप्र के मुख्यमंत्री डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना को लेकर काफी गंभीर हैं। इसमें अब तक 400 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, जिसमें ढाई हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो दीपावली तक यहां पर उद्यमी एवं निवेशक अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकेंगे। इसके बाद उन्होंने डीएम से स्थानीय स्थिति की जानकारी की।
विज्ञापन
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि कॉरिडोर के लिए 45.8 हेक्टेयर भूमि का अर्जन कर लिया गया है। किसानों से अधिग्रहित की गई भूमि की राशि उनके खातों में भेज दी गई है। इसके बाद अवनीश अवस्थी ने ग्राम प्रधान विनय रावत से वार्ता की। विनय ने कहा कि कॉरिडोर स्थापना से किसानों में खुशी है। उनके गांव की भूमि पर हथियार तैयार होंगे, जो भारतीय सेना को और मजबूत बनाएंगे। प्रधान से वार्ता के बाद अवनीश अवस्थी ने डीएम को निर्देश दिए कि वह जल्द ही 250 हेक्टेयर भूमि चिन्हित करने का काम शुरू कर दें, जिससे की इसका विस्तार समय से किया जा सके।
बिजली, ड्रेनेज सहित अन्य कामों के लिए विभागों की जिम्मेदारी तय
यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से विद्युत आपूर्ति के संबंध में जानकारी की। चीफ इंजीनियर ट्रांसमिशन ने बताया गया कि क्षेत्र के ग्राम बीनूपुर में 133 केवीए का विद्युत सबस्टेशन है, जहां से कॉरिडोर को निर्बाध आपूर्ति प्राप्त कराई जाएगी, इस संबंध में विभाग द्वारा भी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। अपर मुख्य सचिव ने तीन किमी लंबाई में स्ट्रीट लाइट लगाए जाने के भी निर्देश दिए। वहीं, जल निगम के चीफ इंजीनियर को निर्देशित किया गया कि वह जेडएलडी स्कीम पर कार्य करते हुए जल निकासी की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि जल निकासी कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण भाग है, इस पर संबंधित विभागों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
इधर, लोक निर्माण विभाग को सड़क, ड्रेनेज सिस्टम और चाहरदीवारी का निर्माण कार्य सौंपते हुए मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि कार्य मानक एवं गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। मानक एवं गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। जिला वन अधिकारी नरेंद्र प्रकाश उपाध्याय को निर्देशित किया कि वह पेड़ों के चिन्हांकन कार्य को जल्द पूर्ण करें सूची तैयार कर पेड़ों के काटे जाने की अनुमति प्राप्त की जाए।
विकास कार्य समय से पूरा कराएं डीएम
अवनीश अवस्थी ने बताया कि कई निवेशकों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर भूमि का आवंटन कर दिया गया है। इस पर निवेशकों ने भरोसा दिलाया है कि वह 400 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि का निवेश करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के उपरान्त क्षेत्र के विकास को चार चांद तो लगेंगे ही, स्थानीय नागरिकों, किसानों, लघु औद्योगिक इकाईयों को भी काफी फायदा पहुंचने वाला है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि क्षेत्रीय किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गांव-कस्बों के विकास में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जनप्रतिनिधियों से मांगे सुझाव
अवनीश अवस्थी ने खैर विधायक अनूप प्रधान से मोबाइल पर बात कर उनसे सहयोग के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह प्रदेश की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। कॉरिडोर की सफल स्थापना के लिए सभी जनप्रतिनिधियों के सुझावों की यूपीडा को आवश्यकता है। यूपीडा सुझावों पर अवश्य विचार करेगा। उन्होंने मौके पर मौजूद सांसद सतीश गौतम से भी सहयोग और सुझावों की अपेक्षा की। सांसद ने हरसंभव मदद का भरोसा दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी मुनिराज जी. समेत यूपीडा की पांच सदस्यीय टीम में डिफेंस एडवाइजर कर्नल केएस. त्यागी, आईएएस सतीश चंद्र वर्मा समेत कॉरिडोर से संबंधित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूज रहे।
कृषि विभाग के बीज गोदाम का फंसा पेंच
अंडला में स्थित कृषि विभाग के बीज गोदाम को वहां से शिफ्ट किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान बीज गोदाम को लेकर अधिकारी कोई फैसला नहीं कर पाए। इस पर अवनीश अवस्थी ने कहा कि वह लखनऊ जाकर कृषि विभाग से इसे शिफ्ट करने को लेकर बात करेंगे।
धनजीत वाड्रा की कंपनी तैयार करेगी ड्रोन
डिफेंस कॉरिडोर में निवेश करने वाली स्थानीय कंपनियों में एलन एंड एलवन प्राइवेट लिमिटेड और अनु ओवरसीज मुख्य हैं। एलन एंड एलवन के एमडी धनजीत वाड्रा बताते हैं कि उनकी कंपनी ड्रोन कैमरे तैयार करने का प्रोजेक्ट लगाने जा रही है। वहीं, अनु ओवरसीज के एमडी शांतनु गोयल के मुताबिक उनकी कंपनी की इजरायल, रूस, जर्मनी की डिफेंस कंपनियों से बात चल रही है, जिनके लिए अनु ओवरसीज द्वारा ओरिजिनल इक्यूपमेंट मैन्युफैक्चर्स तैयार किए जाएंगे। बता दें कि डिफेंस कॉरिडोर में निवेश को तेजी से आकर्षित करने के लिए सरकार ने इसमें शामिल होने वाले जिलों का पूरा भौगोलिक क्षेत्रफल शामिल किया है। इससे इन जिलों में कहीं भी रक्षा उत्पाद से जुड़े उद्योग लगते हैं तो उन्हें भी डिफेंस कॉरिडोर के तहत मिलने वाली रियायतें और सहूलियतें मिलेंगी।
इसके अलावा योगी सरकार ने यूपी रक्षा और एयरोस्पेस यूनिट और रोजगार संवर्धन नीति (पहला संशोधन-2019) बनाई है, जिसके जरिए रक्षा उत्पादों से जुड़ीं देशी-विदेशी कंपनियों को अपना संयंत्र और सहायक रक्षा उद्योग लगाने पर कई तरह की छूट का प्रावधान है। शहर के प्रमुख उद्योगपति धनजीत वाड्रा ने बताया कि वह कॉरिडोर की स्थापना को लेकर काफी उत्साहित हैं। यह अलीगढ़ ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य जिलों सहित संपूर्ण प्रदेश की दशा और दिशा तय करेगा।