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डिफेंस कॉरिडोर : छर्रा विधायक ने की सर्किल रेट पर बराकलां में जमीन देने की पेशकश
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खैर के गांव अंडला में 18 अगस्त के बाद फिर से पहले जैसी शांति हो गई है। डिफेंस कॉरिडोर की जमीन को लेकर छिड़ी रार पर विराम लग गया है। मगर, अब कोल तहसील के बराकलां गांव में जोश है। छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह ने मंगलवार को डीएम के माध्यम से शासन को पत्र लिख कहा कि बराकलां में सरकारी जमीन के अलावा अगर प्रशासन को अन्य जमीन की जरूरत महसूस होती है तो गांव के भू स्वामी प्रशासन द्वारा तय किए गए सर्किल रेट के दोगुने दाम की बजाय मूल सर्किल रेट पर जमीन देने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि बराकलां गांव यातायात के लिहाज से भी अच्छा है। यहां से एनएच-91 मात्र 14 किमी और एनएच-59 मात्र नौ किमी की दूरी पर है।
विधायक ने पत्र में कहा है कि गांव में 1200 बीघा भूमि को प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराया है। इसके बराबर स्थित मजरे थिरामई में 600 बीघा जमीन पर कुछ लोगों का कब्जा है। उसे भी खाली कराया जा सकता है। इस प्रकार कुल 1800 बीघा सरकारी जमीन प्रशासन के पास हो जाएगी। अगर, इसके बाद भी उद्योगपतियों की जरूरत को देखते हुए जमीन की जरूरत होती है तो गांव के किसानों ने उनसे वार्ता कर आश्वासन दिया है कि वह सर्किल रेट पर ही जमीन देने को तैयार हैं। उन्हें दोगुना दाम नहीं चाहिए। विधायक के मुताबिक, पत्र शासन को भेजा जा चुका है। बराकलां गांव के लिए यह डिफेंस कॉरिडोर विकास के द्वार खोल देगा।
इधर, बता दें कि अंडला, खैर में किसानों की 250 हेक्टेयर जमीन को अधिग्रहण करने की बात चल रही थी। इस पर किसानों ने विरोध कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें झांसी की तर्ज पर डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन देने की एवज में चार गुना मुआवजा और एक सरकारी नौकरी चाहिए। इस पर प्रशासन ने अपना फैसला पलटते हुए जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। डीएम ने साफ किया कि डिफेंस कॉरिडोर के विस्तार के लिए जमीन की जरूरत होगी तो वह गभाना के गांव ख्यामई और कोल तहसील के गांव बराकलां में प्रशासन द्वारा खाली कराई गई सरकारी भूमि पर इसका विस्तार करेंगे।
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विधायक ने पत्र में कहा है कि गांव में 1200 बीघा भूमि को प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराया है। इसके बराबर स्थित मजरे थिरामई में 600 बीघा जमीन पर कुछ लोगों का कब्जा है। उसे भी खाली कराया जा सकता है। इस प्रकार कुल 1800 बीघा सरकारी जमीन प्रशासन के पास हो जाएगी। अगर, इसके बाद भी उद्योगपतियों की जरूरत को देखते हुए जमीन की जरूरत होती है तो गांव के किसानों ने उनसे वार्ता कर आश्वासन दिया है कि वह सर्किल रेट पर ही जमीन देने को तैयार हैं। उन्हें दोगुना दाम नहीं चाहिए। विधायक के मुताबिक, पत्र शासन को भेजा जा चुका है। बराकलां गांव के लिए यह डिफेंस कॉरिडोर विकास के द्वार खोल देगा।
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इधर, बता दें कि अंडला, खैर में किसानों की 250 हेक्टेयर जमीन को अधिग्रहण करने की बात चल रही थी। इस पर किसानों ने विरोध कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें झांसी की तर्ज पर डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन देने की एवज में चार गुना मुआवजा और एक सरकारी नौकरी चाहिए। इस पर प्रशासन ने अपना फैसला पलटते हुए जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। डीएम ने साफ किया कि डिफेंस कॉरिडोर के विस्तार के लिए जमीन की जरूरत होगी तो वह गभाना के गांव ख्यामई और कोल तहसील के गांव बराकलां में प्रशासन द्वारा खाली कराई गई सरकारी भूमि पर इसका विस्तार करेंगे।
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