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पोस्टमार्टम को आए शव को नोच खाया कुत्ते ने

Tue, 01 May 2018 02:39 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Tue, 01 May 2018 02:39 AM IST
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The dead dog came to the post mortem
पोस्टमार्टम केंद्र पर जांच करने पहुंचे अधिकारी। - फोटो : Amar Ujala
मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना स्थानीय पोस्टमार्टम हाउस में हुई। यहां रखे एक लावारिस शव को रविवार को कुत्ते ने नोच नोच कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसका वीडियो सामने आने के बाद लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने वाली संस्था ‘मानव उपकार’ के पदाधिकारी, भाजपा विधायक अनिल पाराशर और अन्य लोग सोमवार को वहां पहुंच गए। इन लोगों को भी आठ शव जमीन पर पड़े मिले। इस पर सभी ने आक्रोश व्यक्त किया। मौके पर पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पोस्टमार्टम हाउस के प्रभारी व सहयोगी फार्मेसिस्ट को निलंबित कर मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। 
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वीडियो में दिख रहा है कि शव को नोच कर खा रहे कुत्ते को एक व्यक्ति बार-बार हटा रहा है। थोड़ा हटने के बाद कुत्ता फिर शव के पास पहुंच कर उसे नोचने लगता है। सोमवार को यह वीडियो जब सामाजिक संस्था ‘मानव उपकार’ के अध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी ने देखा तो वह साथी पदाधिकारियों पंकज धीरज, रतन वार्ष्णेय, फैज मोहम्मद, ज्ञानेंद्र चौहान, गिर्राज शर्मा, कमल गुप्ता आदि के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। सूचना पर विधायक अनिल पाराशर, भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ सहित अन्य लोग भी आ गए। यहां पर देखा कि सोमवार को आए आठ शव जमीन पर ही पड़े थे। सभी ने घटना के संबंध में जब वहां मौजूद स्टाफ से पूछा तो उन्होंने पुलिस के सिपाहियों पर दोषारोपण करने का प्रयास किया। 
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इस पर विधायक व अन्य लोग भड़क गए। मामले की नजाकत को देखते हुए सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल, सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खान भी वहां पहुंच गए। विधायक और संस्था पदाधिकारियों ने वहां स्टाफ के लोगों को जमकर खरीखोटी सुनाई। वहां पहुंचे सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया। इसके बाद सीएमओ ने पोस्टमार्टम हाउस के प्रभारी फार्मेसिस्ट रविकांत दीक्षित और उनके सहयोगी प्रशांत कुमार को निलंबित कर दिया। इनके स्थान पर फार्मेसिस्ट ललित आर्य और मनोज सेंगर को तैनात किया गया है। साथ ही जांच समिति भी गठित की गई है। चूंकि शव को आए हुए निर्धारित 72 घंटे भी पूरे हो रहे थे, इसलिए शाम को पोस्टमार्टम के बाद अज्ञात में ही इसका अंतिम संस्कार भी करा दिया गया। 
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अकराबाद पुलिस ने भेजा था लावारिस का शव
जिले के अकराबाद थाने की पुलिस को यह शव एक्सीडेंट के बाद लावारिस अवस्था में मिला था। इसे बीते गुरुवार को नियमत: शिनाख्त की उम्मीद में पोस्टमार्टम केंद्र पर रखवाया गया था। यहां इसे डीप फ्रीजर में रखा जाना चाहिए था। रविवार को कुछ लोग दादों व गांधीपार्क इलाके से शव की पहचान के लिए पहुंचे थे। उन्होंने इस शव पर लिपटा कपड़ा खुलवाया। इसके बाद वह तो चले गए मगर फिर कपड़ा बंद नहीं किया गया। पोस्टमार्टम केंद्र स्टाफ ने शव को ऐसे ही बरामदे में छोड़ दिया। इसी बीच इस शव को कुत्ते ने अपना निशाना बनाया, जिसका वीडियो वायरल हुआ है।  

पहले लाशों से आंखें तक निकाल ली गईं हैं पोस्टमार्टम हाउस से
यह पहला मौका नहीं है जब जिले के पोस्टमार्टम हाउस पर शव के साथ शर्मनाक घटना हुई है। यहां पर कुत्तों, नेवलों, चूहों आदि द्वारा शवों को क्षति पहुंचाने की घटनाएं भी अक्सर सामने आती रही हैं। मामले का दूसरा पहलू यह है कि पोस्टमार्टम हाउस में सुविधाएं तो बढ़ीं, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही कम नहीं हुईं। 

सन 2003 में लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने वाली संस्था ‘मानव उपकार’ को पता लगा कि कुछ शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद पाया गया है कि उनमें आंखें नहीं हैं। कुछ मामलों में मान लिया गया कि चूहों या नेवलों ने शव को कुतर लिया गया होगा। उस समय पोस्टमार्टम हाउस पर इतना निर्माण नहीं था और न शवों को रखने की उचित व्यवस्था ही थी। जब लगातार ऐसे मामले सामने आए तो बड़े कांड का खुलासा हुआ। इसमें नेत्र चिकित्सालय में आंखों को निकाल कर देने की बात कही गई।


मानव उपकार के अध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी कहते हैं कि इस मामले में एक युवक चंद्रपाल की भूमिका सामने आई। जांच के बाद उसे जेल भी भेजा गया था। यह मामला अभी अदालत में चल रहा है। एक और बड़ी घटना सन 2009 में सामने आई। गर्मियों में पोस्टमार्टम हाउस के बगल में मौजूद पोखर का पानी सूख गया। यहां पर हजारों की संख्या में नरमुंड मिले। तत्कालीन एसएसपी असीम अरुण द्वारा कराई गई जांच में पता चला कि लावारिस शवों के  अंतिम संस्कार को पुलिस को मिलने वाले पैसे बचाने के लिए उन्हें इसी पोखर में फेंककर ठिकाने लगा दिया जाता था। इसके अलावा बीच-बीच में किसी शव के चूहे, नेवले आदि के कुतर जाने की घटनाएं भी सामने आती रहीं। कुछ दिन पहले ही एक महिला के शव की सील खुली होने की घटना भी सामने आई थी। 
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