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अलीगढ़ः भदेसी आश्रम में फंदे पर लटका मिला हाथरस के साधु का शव

Sun, 06 Mar 2022 12:12 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: राजेश सिंह Updated Sun, 06 Mar 2022 12:12 AM IST
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The body of the monk of Hathras was found hanging in the Bhadesi ashram
गांव भदेसी में साधु के मौत की सूचना पर माैके पर जुटी भीड़। विज्ञप्ति - फोटो : neeraj
गांधीपार्क क्षेत्र के गांव भदेसी स्थित कबीर परमहंस आश्रम के साधु की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। शनिवार सुबह बुजुर्ग साधु का शव मंदिर परिसर के कमरे में फंदे पर लटका मिला। इस घटना को लेकर वायरल वीडियो ने पुलिस को हत्या या आत्महत्या में उलझाकर रख दिया है। देर शाम तक पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैगिंग आया है। विसरा संरक्षित कर शव परिवार को सौंप दिया गया है।
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मूल रूप से हाथरस के गांव लाड़पुर के संत साहिब दास (66 वर्ष) उर्फ लालदास पिछले 20 वर्ष से भदेसी गांव के कबीर परमहंस आश्रम में रहते थे। यहां मंदिर में पूजा-पाठ करते थे। ग्रामीणों के अनुसार, वह करीब एक माह से अचानक आश्रम से गायब हो गए थे। शुक्रवार शाम को लौटे तो ग्रामीणों से मुलाकात हुई।
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इसके बाद शनिवार सुबह जब वे सात बजे तक दिखाई नहीं दिए तो ग्रामीणों ने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई आवाज न आने पर झांककर देखा तो कमरे के अंदर पूर्व में मृत साधुओं की समाधि के पास उनका शव फंदे पर एक घंटे की खुंटी से लटका मिला। बगल में स्टूल भी रखा था। इस पर गांव में शोर मच गया और भीड़ जमा हो गई। खबर पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को भेज दिया। खबर पाकर साधु के भाई एदल सिंह दोपहर तक यहां आ गए।
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दोपहर तक पुलिस इसे आत्महत्या मान रही थी। मगर इसी बीच लोगों ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें वह आश्रम से जुड़े कुछ लोगों पर आश्रम की 16 बीघा जमीन को खुर्द बुर्द करने का आरोप लगा रहे हैं। इसके बाद पुलिस मामले में हत्या व आत्महत्या के बीच उलझी है।



देर शाम तक पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली थी। एक महीने तक बाबा कहां रहे, इस विषय में परिवार या अन्य किसी से कोई जानकारी नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैगिंग यानि आत्महत्या करना ही आया है। फिर भी अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर विसरा जांच को भेजा गया है।


पूर्वज साधु ने दो लोगों को लिखी जमीन
साहिब दास उर्फ लालदास की मौत को बेशक पुलिस आत्महत्या मान रही थी। मगर, वीडियो आने के बाद अन्य पहलू भी जांच में शामिल हो गए। जब जमीन का जिक्र सामने आया तो पता चला कि लालदास के पूर्वज साधु गया दास ने यह जमीन किन्हीं दो लोगों के नाम लिख दी थी। अब लालदास चाहते थे कि यह जमीन खुर्द बुर्द न हो। मंदिर में ही प्रयोग हो। इसी को लेकर उनके तरह तरह के आरोप रहते थे।


-अभी तक की जांच में मौत आत्महत्या की लग रही है। शरीर पर कोई जाहिरा चोट नहीं है। मौके के साक्ष्य भी आत्महत्या जैसे प्रतीत हो रहे हैं। हां, वीडियो के जरिये जमीन का विवाद सामने आया है। उसे भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। परिवार से भी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। जांच की जा रही है। जो उजागर होगा, उसी अनुसार कार्रवाई होगी।
-मोहसिन खान, सीओ द्वितीय
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