फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   False Base and Family of Mustkim, Case Covered on Voter Card

फर्जी आधार व वोटर कार्ड पर फंसा मुस्तकीम का परिवार, केस दर्ज

Sat, 08 Dec 2018 01:44 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Sat, 08 Dec 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
False Base and Family of Mustkim, Case Covered on Voter Card
20 सितंबर को हरदुआगंज में माछुआ नहर पर हुई मुठभेड़ - फोटो : file photo
 करीब दो माह पहले हरदुआगंज थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए मुस्तकीम के परिवार ने जाली दस्तावेज के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया था और आधार कार्ड हासिल किया था। इस बात का खुलासा करते हुए बीएलओ ने शुक्रवार की शाम छर्रा कोतवाली में मुस्तकीम समेत उसके परिवार के आठ सदस्यों पर रिपोर्ट दर्ज      कराई है।
विज्ञापन

थाना छर्रा क्षेत्र के गांव बांईकलां निवासी नईमुद्दीन पुत्र अलीमुद्दीन के अनुसार वर्ष 2017 में वह छर्रा कस्बे में बीएलओ ड्यूटी पर कार्यरत थे। बीएलओ

के रूप में मतदाता सूची में नाम दर्ज करने का काम कर रहे थे। उसी समय छर्रा कस्बे के मोहल्ला शिवपुरी के गली नंबर आठ में मकान संख्या 205 में रहने वाली हिना पुत्री रहमान, साईन पत्नी रहमान, शब्बो पत्नी इरफान, मुस्तकीम पुत्र इरफान, सलमान पुत्र इरफान, आरजू पुत्र रहमान, अनस पुत्र रहमान और खुशी पुत्री रहमान ने फर्जी आधार कार्ड और फर्जी पते आदि के कागज लगाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा लिया था। बीएलओ के अनुसार बाद में उन्हें जानकारी हुई कि उक्त लोग खानाबदोश और अपराधी किस्म के हैं।
विज्ञापन



अपने नाम, पता बदलकर अपराध करते हैं। छर्रा के लोगों से भी इसी बात की जानकारी मिली और पता चला कि वर्तमान में यह लोग अतरौली में रह रहे हैं। यह भी पता चला कि यह लोग इससे पहले मुजफ्फरनगर, हापुड़, सिगभावली, उझानी में नाम बदलकर रह चुके हैं। वहां भी नाम, पता बदलकर फर्जी अभिलेख तैयार कराए थे। बीएलओ ने इन सभी के खिलाफ जाली दस्तावेजों के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराकर वोटर कार्ड प्राप्त करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
विज्ञापन




मुस्तकीम और नौशाद आपस में रिश्तेदार थे। दोनों को पुलिस ने हरदुआगंज में मुठभेड़ में मार गिराया था। यह एनकाउंटर चर्चा में है। नौशाद और मुस्तकीम तथा उनके परिवार के स्थायी पते के बारे में अभी भी पुष्टि नहीं है कि वह मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं? पुलिस शुरू से इन दोनों के परिवार को खानाबदोश बताती रही है, जबकि इनके परिवारों ने छर्रा से मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड होने की बात कही थी।



हरदुआगंज मुठभेड़ में हुई दो जांच रिपोर्ट मुस्तकीम-नौशाद के खिलाफ
 हरदुआगंज की चर्चित मुठभेड़ में दो प्रमुख जांच रिपोर्ट शुक्रवार को सामने आई तो पुलिस ने राहत की सांस ली। दोनों रिपोर्ट इस बात को साबित करती हैं कि मुस्तकीम और नौशाद ने पुलिस पर गोलियां चलाई थीं। मुठभेड़ के बाद मौके से बरामद हुई देशी पिस्टल की बैलेस्टिक रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार वहां बदमाशों ने देशी पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग की थी। मुठभेड़ स्थल पर मिले कारतूसों के खोखे और पिस्टल की जांच रिपोर्ट एक है। गोलियां उसी बरामद की गई देशी पिस्टल से चलाई गई थी। इसके साथ ही बदमाशों की हैंड वाश रिपोर्ट में जो बारूद मिली है वो भी उसी देशी पिस्टल और कारतूस से मिल रही है। गौर हो कि गुजरी 20 सितंबर को हरदुआगंज में माछुआ नहर के पास वन विभाग की पुरानी खंडहरनुमा इमारत के पास पुलिस और बदमाशों की मठभेड़ हो गई थी। जिसमें मुस्तकीम और नौशाद को पुलिस ने ढेर कर दिया था। जिसके बाद इस मामले में जबरदस्त सियासत हुई थी। शुक्रवार को उक्त दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट सामने आने से पुलिस का पक्ष मजबूत हुआ है। दोनों रिपोर्ट फोरेंसिक विभाग की ओर से जारी की गई हैं। जो इसकी जांच कर रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed