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बाइकर्स गैंगवार में मारा गया प्रापर्टी डीलर धीरा

अमर उजाला ब्यूूराे Updated Mon, 22 May 2017 01:23 AM IST
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बाइकर्स गैंगवार में मारा गया प्रापर्टी डीलर धीरा
बाइकर्स गैंगवार में मारा गया प्रापर्टी डीलर धीरा

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महानगर के मैरिस रोड चौराहा पर शनिवार रात पूर्व सपा विधायक ठा.राकेश सिंह के बेहद करीबी प्रॉपर्टी डीलर धीरज उर्फ धीरेंद्र प्रताप उर्फ धीरा ठाकुर की हत्या बाइकर्स की गैंगवार में हुई है। हत्या के बाद रात भर पुलिस और पूर्व विधायक कैंप की माथापच्ची के बाद इस नतीजे पर पहुंचा गया, तब जाकर रविवार दोपहर में तहरीर देकर बाइकर्स गैंग के चार सदस्यों को नामजद कर मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह  चारों पिछले वर्ष मारे गए बाइकर्स शरद गोस्वामी गैंग से ताल्लुक रखते हैं। इसमें खास बात यह भी है कि अगर वाकई          धीरा की हत्या बाइकर्सों ने की है तो यह किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई वजहों को आधार मानकर की है, जिसे खुद पुलिस स्वीकार रही है। फिलहाल आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान तेज कर दिया है।
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प्रॉपर्टी विवाद में हत्या का नामजद मुकदमा
इस हत्या के संबंध में मृत धीरा के भाई नरेश निवासी महुआ खेड़ा ने मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें रमेश विहार निवासी बाइकर्स छोटू राइडर, सिद्धार्थ शुक्ला, अरुण के अलावा मूल रूप से भवीगढ़ बरला निवासी अजयराज को नामजद किया है। साथ ही दो-तीन अज्ञात साथी भी हत्या में शामिल होने का आरोप है। एकराय होकर मारपीट, हत्या व आतंक फैलाने के इरादे से फायरिंग करने का आरोप लगाते हुए मुकदमे में उल्लेख किया है कि स्वर्ण जयंती कॉलोनी की पुष्पांजलि सोसाइटी स्थित एक प्लाट को लेकर इन लोगों से रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में इन लोगों ने मैरिस रोड चौराहे पर आकर पहले धीरा के साथ मारपीट की और फिर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

चार गोलियां मारी गई थीं, गांव में अंतिम संस्कार
रात में हत्या के बाद शव को मेडिकल कॉलेज से पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचा दिया गया था। जहां पंचनामा आदि की कार्यवाही पूरी कर ली गई थी। मगर रात में पोस्टमार्टम न हो सका। रविवार दोपहर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हुई। इस दौरान शरीर में दो गोली फंसी होने पर शव का एक्सरे भी कराया गया। पोस्टमार्टम के अनुसार धीरा के एक गोली पैर में लगने के अलावा एक कान के सहारे, एक गर्दन और एक सीने में लगी है। शरीर में .32 बोर की गोली फंसी मिली थी। धीरा पर हत्या में 315 व .32 बोर के हथियारों का प्रयोग हुआ। इधर, पोस्टमार्टम पर दोपहर में पूर्व विधायक ठा.राकेश सिंह के अलावा उनके तमाम करीबी, धीरा के परिचित व परिवार के काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस पूरे समय मौजूद रहे। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द किया गया और गांव महुआ खेड़ा में पुलिस मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अस्पताल में है धीरा की गर्भवती दूसरी पत्नी
धीरा की दूसरी पत्नी को तो शायद अपने पति की मौत की जानकारी भी नहीं है। धीरा के दोस्तों की मानें तो दूसरी पत्नी गर्भवती है। शनिवार शाम उसे कुछ परेशानी हुई तो उसने दोस्तों से यह सलाह ली थी कि किसे दिखाया जाए। बाद में उसे एक नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया गया। वह खुद घूमने निकल आया था। तभी रात 11 बजे हमले में मारा गया।
सीसीटीवी और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही
पुलिस ने रात भर और रविवार को दिन में घटनास्थल से लेकर उसके चारों दिशाओं में जाने वाले मार्गों पर सीसीटीवी खंगाले। साथ ही आसपास के लोगों से कई दौर की पूछताछ भी की। सीसीटीवी में झगड़ा कैद नहीं हुआ। मगर झगड़ा देखने वालों की भीड़ कैद है। भागते समय कुछ वाहन लालडिग्गी की तरफ रात के अंधेरे में जाते दिख रहे हैं। 
यह भी हो चुकी हत्याएं
बाइकर्स गैंगवार पर गौर करें तो रामघाट रोड पर वर्चस्व को लेकर वर्ष 2010 में सबसे पहले विनय कटियार की विक्रम कॉलोनी में हत्या हुई। इसके बाद 2012           में कपिल उर्फ लाला की रमेश विहार पर, बीनू कालिया की देवसैनी में, प्रिंस की बेगमबाग में हत्या हो चुकी हैं। कई बार इस गैंगवार में एक दूसरे पर बाइकर्सों की ओर से प्राणघातक हमले भी किए गए हैं।
नामजदगी पर सवाल नहीं.. पर वजहंे कई 
इस हत्याकांड को लेकर पुलिस की तफ्तीश पर गौर करें तो नामजदगी पर पुलिस कोई सवाल खड़े नहीं कर रही। मगर यह जरूर मान रही है कि धीरा की हत्या किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई वजहों के मिलने पर हुई है। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस की इसी जांच पर गौर करें तो कुछ तथ्य उजागर हो रहे हैं।
वजह 1ः शरद हत्याकांड
पिछले वर्ष 3 मार्च को क्वार्सी थाने के बगल में गेस्ट हाउस में बाइकर्स सुमित सपेरा के भाई की शादी में शामिल होने आए बाइकर्स शरद गोस्वामी को मारा गया था। उस हत्या के बाद यह बात बेहद चर्चाओं में रही थी कि धीरा ठाकुर की स्कार्पियो से काफी देर तक हमलावरों ने रैकी की और हत्या के बाद उसी स्कार्पियो में हमलावर सवार होकर भागे। बात पुलिस तक पहुंची। मगर पुलिस जांच में इस दिशा में काम नहीं हुआ। अब मौका मिलने पर शरद गोस्वामी के छोटे भाई छोटू राइडर ने साथियों की मदद से घटना को अंजाम दिया हो।
वजह 2ः पिस्टल लूटकांड
पिछले वर्ष क्वार्सी क्षेत्र की स्वर्ण जयंती कॉलोनी में पूर्व विधायक के बेहद करीबी ठेकेदार देवी शरण शर्मा उर्फ देवी सिंह की पिस्टल रात डेढ़ बजे लूटी गई। घटना उस वक्त हुई, जब वह विधायक के घर से अपने घर लौट रहे थे। इस घटना में शुरुआती दौर में पुलिस ने बाइकर्स अजयराज, सिद्धार्थ शुक्ला, अरुण पर शक जताया था। पुलिस के साथ दबिश पड़वाने में धीरा की अहम भूमिका रही और आरोप है कि धीरा ने दबिश के दौरान पकड़े जाने पर अरुण के साथ तो मारपीट तक कर दी थी। बाद में अजयराज ने धीरा तक यह खबर भी भिजवाई थी कि आखिर वह उसके पीछे क्यों पड़ा है। मगर एक न सुनी गई। इन सभी को विभिन्न मामलों में पुलिस ने जेल भेजा और पिस्टल लूट में दूसरे लोग पकड़े गए। पिस्टल भी बरामद हुई। अब जेल से छूटकर आने पर उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया हो।
अन्य दिशाओं में भी घूम रही पुलिस जांच
सीओ तृतीय राजीव सिंह बताते हैं कि इस हत्याकांड में नामजद बाइकर्स छोटू राइडर व अजयराज सूचीबद्ध बाइकर्स हैं। उन पर कई मुकदमे दर्ज हैं और हाल ही में रमेश विहार व बेगमबाग में हुई फायरिंग के मुकदमे में जेल से छूटे हैं। अरुण व सिद्धार्थ उनके साथी हैं। उनसे शरद हत्याकांड में मदद व पिस्टल लूट में पकड़वाने की रंजिश तो जगजाहिर है। इसके अलावा अन्य कई पहलुओं पर भी जांच चल रही है। जब तक इस बात के साक्ष्य नहीं मिल जाते कि सभी नामजद मौका-ए-वारदात पर थे, तब तक अन्य पहलुओं को भी दरकिनार नहीं किया जा सकता। क्योंकि धीरा के अन्य कई विवाद भी सामने आ रहे हैं। हां, यह जरूर साफ हुआ है कि छह लोग मौके पर थे और वह नामजदों की मिलती जुलती कद काठी से जुड़े थे। फिलहाल नामजदों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। जल्द ही तस्वीर साफ की जाएगी। 

 

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