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ईरानी छात्रा के उत्पीड़न में प्रोफेसर पर शिकंजा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jun 2017 02:35 AM IST
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एमबीए की ईरानी छात्रा के उत्पीड़न मामले में फंसे विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा.बिलाल मुस्तफा खान पर शिकंजा कस गया है। न्यायालय ने आरोपी की चार्ज लगने के विरोध में दायर याचिका निरस्त कर दी है और अब चार्ज फ्रेम कार्रवाई के लिए तीन जुलाई की तिथि मुकर्रर कर दी है।
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दो वर्ष पूर्व एएमयू एमबीए संकाय की ईरानी छात्रा ने विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. बिलाल मुस्तफा खान के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया गया था कि आरोपी प्रोफेसर ने व्हाट्स ऐप पर द्विअर्थी पोस्ट डाली थी। मामले में पुलिस ने चार्ज शीट दाखिल कर दी और सीजेएम न्यायालय में ट्रायल से पूर्व की जाने वाली चार्ज फ्रेम की कार्रवाई शुरू कर दी।
आरोपी प्रोफेसर ने केंद्र सरकार द्वारा आईटी एक्ट में संशोधन एवं एएमयू वीमेंस सेल द्वारा आरोपों से बरी किए जाने का हवाला देते हुए चार्ज फ्रेम की कार्रवाई न करके बरी किए जाने की अपील की थी। बुधवार को अदालत ने उनकी याचिका निरस्त करते हुए चार्ज फ्रेम की कार्रवाई के लिए तीन जुलाई की तिथि नियत की है। बताते चलें कि आरोपी ने पूर्व में भी इस मामले में याचिका डाली थी, उसे निरस्त कर दिया गया था।
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विभागीय एवं विश्वविद्यालय की गुटबंदी की वजह से मुझे इस मामले में फंसाया गया है। विश्वविद्यालय की महिला सेल द्वारा इस मामले की जांच की जा चुकी है, जिसमें मुझे बेगुनाह बताया गया। फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
डॉ. बिलाल मुस्तफा खान
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