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प्रॉक्टोरियल टीम और छात्रों में धक्का-मुक्की, कई छात्राएं बेहोश
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Sun, 16 Sep 2018 02:11 AM IST
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अलीगढ़ युनिवर्सिटी
- फोटो : ANI
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। एएमयू के सेल्फ फाइनेंस (कक्षा 11) में दाखिला देने की मांग कर रहे इंटरनल छात्र-छात्राओं एवं प्रॉक्टोरियल टीम के बीच धक्का-मुक्की एवं मारपीट के बाद कैंपस का माहौल गरम हो गया है। हंगामे के दौरान पांच छात्राओं सहित छह छात्र बेहोश हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है। देर रात बाब-ए-सैयद पर छात्र नेता एवं छात्र पहुंच गये हैं।
एएमयू के स्कूलों से कक्षा 10 उत्तीर्ण छात्र 11 वीं में सेल्फ फाइनेंस के अंतर्गत दाखिला देने की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय द्वारा टेस्ट में न्यूनतम 15 अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। उससे कम अंक वालों को दाखिला नहीं मिल रहा है। पिछले तीन दिन से 15 से कम अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्रा भी दाखिला की मांग कर रहे हैं।
शनिवार को शाम में छात्र-छात्रा बाब-ए-सैयद पर धरना पर बैठ गए और यातायात अवरुद्ध कर दिया। प्रॉक्टोरियल टीम द्वारा समझाने के बावजूद छात्र नहीं माने। उसके बाद प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्यों ने कड़ा रुख अपनाया और सड़क पर डंडे पटक कर डराने का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मी धक्का देकर छात्रों को हटाने लगे। छात्र भी सुरक्षाकर्मियों से उलझ गए। प्रॉक्टोरियल टीम एवं छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हो गयी।
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प्रॉक्टोरियल टीम के एक ड्राइवर को छात्रों ने पीट दिया। हंगामे के बीच कई छात्राएं गिर कर बेहोश हो गई। कुछ लाठी से घायल होने का आरोप लगा रहे हैं। उपर कोर्ट के शारिक, बनी इस्माइल की रूकैया, शाहजमाल की इरम, उपरकोर्ट की सना, अहमदनगर की अलीना एवं रसलगंज की उमैरा को जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
उसके बाद माहौल काफी गरम हो गया। एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी, निवर्तमान सचिव मो. फहद, जैद शेरवानी सहित कई छात्र नेता बाब-ए-सैयद पर पहुंच कर अधिकारियों से बात की। उल्लेखनीय है कि गुरुवार एवं शुक्रवार को भी छात्रों ने बाब-ए-सैयद पर धरना दिया था।
लाठी चार्ज की बात झूठी है। हम पुलिस वाले थोड़े है कि लाठी चार्ज करेंगे। बाहरी छात्रों को बाब-ए-सैयद से हटवाया गया। लड़कों ने प्रॉक्टोरियल टीम के एक ड्राइवर के साथ मारपीट की। धरना पर बैठी कुछ छात्राओं के बेहोश होने की बात कही जा रही है। उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया है। 15 से कम अंक वाले छात्रों का एडमिशन नहीं हो सकता। उन्हें समझाने का प्रयास चल रहा है।
- प्रो. एम मोहसिन खान, प्रॉक्टर, एएमयू
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एएमयू के स्कूलों से कक्षा 10 उत्तीर्ण छात्र 11 वीं में सेल्फ फाइनेंस के अंतर्गत दाखिला देने की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय द्वारा टेस्ट में न्यूनतम 15 अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। उससे कम अंक वालों को दाखिला नहीं मिल रहा है। पिछले तीन दिन से 15 से कम अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्रा भी दाखिला की मांग कर रहे हैं।
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शनिवार को शाम में छात्र-छात्रा बाब-ए-सैयद पर धरना पर बैठ गए और यातायात अवरुद्ध कर दिया। प्रॉक्टोरियल टीम द्वारा समझाने के बावजूद छात्र नहीं माने। उसके बाद प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्यों ने कड़ा रुख अपनाया और सड़क पर डंडे पटक कर डराने का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मी धक्का देकर छात्रों को हटाने लगे। छात्र भी सुरक्षाकर्मियों से उलझ गए। प्रॉक्टोरियल टीम एवं छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हो गयी।
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प्रॉक्टोरियल टीम के एक ड्राइवर को छात्रों ने पीट दिया। हंगामे के बीच कई छात्राएं गिर कर बेहोश हो गई। कुछ लाठी से घायल होने का आरोप लगा रहे हैं। उपर कोर्ट के शारिक, बनी इस्माइल की रूकैया, शाहजमाल की इरम, उपरकोर्ट की सना, अहमदनगर की अलीना एवं रसलगंज की उमैरा को जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
उसके बाद माहौल काफी गरम हो गया। एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी, निवर्तमान सचिव मो. फहद, जैद शेरवानी सहित कई छात्र नेता बाब-ए-सैयद पर पहुंच कर अधिकारियों से बात की। उल्लेखनीय है कि गुरुवार एवं शुक्रवार को भी छात्रों ने बाब-ए-सैयद पर धरना दिया था।
लाठी चार्ज की बात झूठी है। हम पुलिस वाले थोड़े है कि लाठी चार्ज करेंगे। बाहरी छात्रों को बाब-ए-सैयद से हटवाया गया। लड़कों ने प्रॉक्टोरियल टीम के एक ड्राइवर के साथ मारपीट की। धरना पर बैठी कुछ छात्राओं के बेहोश होने की बात कही जा रही है। उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया है। 15 से कम अंक वाले छात्रों का एडमिशन नहीं हो सकता। उन्हें समझाने का प्रयास चल रहा है।
- प्रो. एम मोहसिन खान, प्रॉक्टर, एएमयू