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मुआवजे के फर्जीवाड़े में कानूनगो, लेखपाल, प्रधान समेत 60 फंसे
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Thu, 23 Nov 2017 01:41 AM IST
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गभाना तहसील क्षेत्र के गांवरी गांव में लेखपाल और काननूगो ने ग्राम प्रधान से मिलीभगत कर पिछले साल ऐसे लोगों को ओलावृष्टि का 84,300 रुपये बांट दिए जिनके पास न जमीन है, न खतौनी। बरौली विधायक दलवीर सिंह की शिकायत पर हुई जांच के बाद अब लेखपाल, कानूनगो, ग्राम प्रधान सहित फर्जी तरीके से मुआवजा लेने वाले 60 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पिछले वर्ष ओलावृष्टि में फसलें बर्बाद हुई थीं। प्रभावित किसानों को शासन से मुआवजा वितरित कराया गया था। आरोप है गांवरी के ग्राम प्रधान प्रवीन कुमार भोला ने हलका लेखपाल अनिल कुमार गौतम, कानूनगो गुलाब सिंह से मिलीभगत कर गांवरी के करीब 50, टमकौली और परतापुर के चार-चार किसानों के नाम भी प्रभावितों की सूची में दर्ज करा दिए।
इन सभी के बीच 84 हजार 300 रुपया भी वितरित हो गया। हालांकि इन लोगों के नाम जमीन नहीं है। गांव की खतौनी में नाम भी दर्ज नहीं है। विधायक ठा. दलवीर सिंह ने दिसंबर 2016 में इस फर्जीवाड़ा की शिकायत की थी। शासन के आदेश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व ने जांच की। आरोप सही मिले। हलका लेखपाल अनिल कुमार गौतम को प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए जनवरी 2017 में निलंबित कर दिया गया था। तब से जांच चल रही थी।
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बुधवार को इस प्रकरण में तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो सोरन सिंह की ओर से लेखपाल अनिल कुमार गौतम, कानूनगो गुलाब सिंह, गांव राजेंद्र, राजकुमार, हंसराज सिंह, खवेंद्र सारस्वत, अनीता देवी, लता देवी, प्रवेश देवी, प्रेमपाल सिंह, बृजराज सिंह, दलवीर, रामवीर, जीतेश, मुनेश कुमार, मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, शिवकुमार, महाराज सिंह, दिनेश कुमार, रामलाल, सुशील कुमार, सुनहरी देवी, बीना देवी, सोमवीर, छोटेलाल, शिवचरन, गोपी राम, रवेंद्र कुमार, संतोष कुमार, विमला देवी, बलवीर सिंह, मुकेश कुमार, जयप्रकाश, चंद्रप्रकाश, दलवीर सिंह समेत साठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले वर्ष ओलावृष्टि में फसलें बर्बाद हुई थीं। प्रभावित किसानों को शासन से मुआवजा वितरित कराया गया था। आरोप है गांवरी के ग्राम प्रधान प्रवीन कुमार भोला ने हलका लेखपाल अनिल कुमार गौतम, कानूनगो गुलाब सिंह से मिलीभगत कर गांवरी के करीब 50, टमकौली और परतापुर के चार-चार किसानों के नाम भी प्रभावितों की सूची में दर्ज करा दिए।
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इन सभी के बीच 84 हजार 300 रुपया भी वितरित हो गया। हालांकि इन लोगों के नाम जमीन नहीं है। गांव की खतौनी में नाम भी दर्ज नहीं है। विधायक ठा. दलवीर सिंह ने दिसंबर 2016 में इस फर्जीवाड़ा की शिकायत की थी। शासन के आदेश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व ने जांच की। आरोप सही मिले। हलका लेखपाल अनिल कुमार गौतम को प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए जनवरी 2017 में निलंबित कर दिया गया था। तब से जांच चल रही थी।
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बुधवार को इस प्रकरण में तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो सोरन सिंह की ओर से लेखपाल अनिल कुमार गौतम, कानूनगो गुलाब सिंह, गांव राजेंद्र, राजकुमार, हंसराज सिंह, खवेंद्र सारस्वत, अनीता देवी, लता देवी, प्रवेश देवी, प्रेमपाल सिंह, बृजराज सिंह, दलवीर, रामवीर, जीतेश, मुनेश कुमार, मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, शिवकुमार, महाराज सिंह, दिनेश कुमार, रामलाल, सुशील कुमार, सुनहरी देवी, बीना देवी, सोमवीर, छोटेलाल, शिवचरन, गोपी राम, रवेंद्र कुमार, संतोष कुमार, विमला देवी, बलवीर सिंह, मुकेश कुमार, जयप्रकाश, चंद्रप्रकाश, दलवीर सिंह समेत साठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।