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अलीगढ़ में दिनदहाड़े बच्ची के अपहरण की दो बार कोशिश

Sun, 27 Aug 2017 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Sun, 27 Aug 2017 02:19 AM IST
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Kidnapping of kidnapped daughter in Aligarh Try twice
अपनी मां के साथ रुद्रांशी - फोटो : Amar Ujala
महानगर के दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय से शनिवार को दिनदहाड़े चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की 10 वर्षीय बेटी को कार सवारों द्वारा अगवा कर लिया गया। वह तो गनीमत कि बच्ची चालाकी और साहस का परिचय दिखाते हुए गांधीपार्क बस स्टैंड पर गाड़ी रुकते ही रोते हुए कूद गई। जिसे एक टिर्री चालक ने संरक्षण तो दिया। मगर वह भी उसे लेकर कयामपुर के जंगलों में पहुंच गया।
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जहां रोती बच्ची की मदद में खेतों में काम कर रहे लोग आ गए, जिन्होंने टिर्री चालक को दबोचकर जमकर पीटा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल बच्ची को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस तहरीर के आधार पर जांच कर रही है।
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 मूल रूप उझयानी बदायूं निवासी यतेंद्र शर्मा दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात हैं। वे परिवार सहित कैंपस में ही सरकारी आवास में रहते हैं। उनकी इकलौती 10 वर्षीय बेटी रुद्रांशी विजडम पब्लिक स्कूल में कक्षा चार की छात्रा है।
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शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बच्ची मां से दस रुपये लेकर अस्पताल के गेट पर दुकान से अपने लिए चिप्स लेने निकली। तभी कैंपस में ही घूमती मारुति वैन सवार तीन लोग उसे झटके से कार में अगवा कर ले गए। बच्ची को चीखने तक का मौका नहीं दिया। इसके बाद कार सीधे गांधीपार्क बस स्टैंड पर रुकी और उसमें से एक व्यक्ति खिड़की खोलकर उतरा।

 इसी दौरान किसी तरह बच्ची झटके से रोते हुए उस व्यक्ति के पीछे उतर गई और चिल्लाने लगी। बच्ची की इस हरकत पर कार सवार डर गए और बच्ची को वहीं छोड़कर भाग गए। यहां बच्ची को रोता देख एक टिर्री चालक ने वाकया पूछा और बच्ची ने उससे दीनदयाल अस्पताल छोड़ने का अनुरोध किया। इस पर टिर्री चालक ने बच्ची को टिर्री में बैठा लिया। वह उसे दीनदयाल लाने के बजाय पांच बजे तक घुमाते हुए कयामपुर के जंगलों में लेकर पहुंच गया। जहां बच्ची रोने लगी।

इस पर खेतों में काम कर रहे लोगों को शक हुआ। उन्होंने बच्ची को लेकर सवाल करते हुए शक के आधार पर टिर्री चालक को दबोच लिया। उसे जमकर पीटा और बाद में जब बच्ची ने पूरी बात बताई तो पुलिस को खबर दे दी। खबर पर क्वार्सी पुलिस पहुंच गई। बच्ची के परिजन भी आ गए।


परिजनों ने किसी तरह की रंजिश से इंकार किया है। इंस्पेक्टर क्वार्सी दिलीप सिंह के अनुसार पिता की ओर से तहरीर दी गई है। बच्ची ने बयान भी दिया है। उसमें किसी रंजिश या वजह की स्थिति स्पष्ट नहीं है। फिलहाल टिर्री चालक हिरासत में हैै। जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
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