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जवां ब्लाॅक प्रमुख के पति सहित तीन के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी
ब्यूराे/अमर उजाला,अलीगढ़
Updated Thu, 17 Mar 2016 01:50 AM IST
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- फोटो : file Photo
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जवां के कोटा खास में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान एक दुकान में ढाई सौ पेटी नकली देशी शराब पकड़े जाने के प्रकरण में जवां ब्लॉक प्रमुख पति सहित तीन लोग फंस गए हैं। तीनों के खिलाफ अदालत ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं।
जिनके आधार पर पुलिस तीनों को तलाश रही है। इस मामले में हुई शिकायत के बाद आबकारी टीम के खिलाफ भी जांच शुरू करा दी गई है। जिस पर सुविधा शुल्क लेकर इन तीनों को बचाने का आरोप लगा था।
जवां ब्लॉक प्रमुख पति रिषी कुमार शर्मा का शराब का व्यापार है। पूर्व में भी उन पर शराब तस्करी को लेकर मुकदमे व गैंगेस्टर तक लग चुका है। वाकया 11 जनवरी का है, जब आबकारी अधिकारियों की टीम ने गांव कोटाखास के देशी शराब के ठेके के सामने मार्केट में छापा मारा और वहां एक दुकान से ढाई सौ पेटी देशी शराब बरामद की।
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शराब बरामदगी को लेकर आबकारी की ओर से जवां थाने में मार्केट स्वामी राजेश शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। राजेश शर्मा के समर्थन में तमाम लोग डीएम से लेकर आबकारी आयुक्त से मिले। उन्होंने बताया कि एक भट्ठा मजदूर जिसने अपनी जमीन बेचकर दुकानें बनाई हैं और किराये पर उठा रखी हैं।
उसको टीम ने असल शराब कारोबारियों को बचाकर फंसा दिया है। इसमें मोटा सुविधा शुल्क लिया गया है। इस मामले में जब पुलिस को जांच के आदेश मिले तो पुलिस ने जांच में पाया कि हकीकत में राजेश ने अपनी दुकान 600 रुपये प्रतिमाह में शराब ठेकेदार रिषी कुमार शर्मा, विक्रम सिंह व रामदत्त को उठा रखी थी।
उन्हीं ने अपना माल इसमें रखा था। उनकी दुकान के सामने जो ठेका है, वह रामदत्त के नाम से है और तीनों साझेदार हैं। जांच में पकड़ी गई शराब भी नकली साबित हो गई। इस आधार पर अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने तीनों को मुकदमे में वांछित आरोपी बनाया और राजेश का नाम मुकदमे से निकाला गया।
इसके बाद अदालत ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर तीनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। एसओ जवां ने अदालत से वारंट जारी होने की पुष्टि की है। बता दें कि यह शराब ब्लाक प्रमुख चुनाव से दस दिन पहले पकड़ी गई थी। इसके कुछ दिन बाद ही रिषी शर्मा की पत्नी जवां की ब्लाक प्रमुख बन गईं।
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जिनके आधार पर पुलिस तीनों को तलाश रही है। इस मामले में हुई शिकायत के बाद आबकारी टीम के खिलाफ भी जांच शुरू करा दी गई है। जिस पर सुविधा शुल्क लेकर इन तीनों को बचाने का आरोप लगा था।
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जवां ब्लॉक प्रमुख पति रिषी कुमार शर्मा का शराब का व्यापार है। पूर्व में भी उन पर शराब तस्करी को लेकर मुकदमे व गैंगेस्टर तक लग चुका है। वाकया 11 जनवरी का है, जब आबकारी अधिकारियों की टीम ने गांव कोटाखास के देशी शराब के ठेके के सामने मार्केट में छापा मारा और वहां एक दुकान से ढाई सौ पेटी देशी शराब बरामद की।
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शराब बरामदगी को लेकर आबकारी की ओर से जवां थाने में मार्केट स्वामी राजेश शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। राजेश शर्मा के समर्थन में तमाम लोग डीएम से लेकर आबकारी आयुक्त से मिले। उन्होंने बताया कि एक भट्ठा मजदूर जिसने अपनी जमीन बेचकर दुकानें बनाई हैं और किराये पर उठा रखी हैं।
उसको टीम ने असल शराब कारोबारियों को बचाकर फंसा दिया है। इसमें मोटा सुविधा शुल्क लिया गया है। इस मामले में जब पुलिस को जांच के आदेश मिले तो पुलिस ने जांच में पाया कि हकीकत में राजेश ने अपनी दुकान 600 रुपये प्रतिमाह में शराब ठेकेदार रिषी कुमार शर्मा, विक्रम सिंह व रामदत्त को उठा रखी थी।
उन्हीं ने अपना माल इसमें रखा था। उनकी दुकान के सामने जो ठेका है, वह रामदत्त के नाम से है और तीनों साझेदार हैं। जांच में पकड़ी गई शराब भी नकली साबित हो गई। इस आधार पर अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने तीनों को मुकदमे में वांछित आरोपी बनाया और राजेश का नाम मुकदमे से निकाला गया।
इसके बाद अदालत ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर तीनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। एसओ जवां ने अदालत से वारंट जारी होने की पुष्टि की है। बता दें कि यह शराब ब्लाक प्रमुख चुनाव से दस दिन पहले पकड़ी गई थी। इसके कुछ दिन बाद ही रिषी शर्मा की पत्नी जवां की ब्लाक प्रमुख बन गईं।