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गोपालक विहिप नेता को जेल, भाजपाइयों ने थाना घेरा-नारेबाजी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 04 Sep 2018 01:51 AM IST
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गोपालक विहिप नेता को जेल, भाजपाइयों ने थाना घेरा-नारेबाजी
- फोटो : Dig Vishal
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महानगर के नामचीन ताला उद्यमी व गोपालक विश्व हिंदू परिषद के नेता को धारा 144 के उल्लंघन के पुराने मुकदमे में जन्माष्टमी वाले दिन ही गिरफ्तार कर जेल भेजने के विरोध में भड़के भाजपाइयों ने थाना बन्ना देवी को घेरकर वहां प्रदर्शन किया और थाने में जमकर पुलिस विरोधी नारेबाजी की। इस दौरान एक कार्यकर्ता ने कांच का गिलास अपने सिर में मार लिया।
छीनाझपटी में इंस्पेक्टर की टेबिल का शीशा भी टूट गया। भड़के हुए भाजपाइयों की दलील थी कि त्योहार के दिन ही पुराने मामले में गिरफ्तारी करना दरोगा की नीयत पर शक पैदा करता है। आक्रोशित भाजपा नेताओं ने आरोपी दरोगा के निलंबन की मांग उठाई। इस दौरान जमकर पुलिस विरोधी नारेबाजी की। ढाई घंटे तक चले हंगामे पर सीओ द्वितीय व बरौली विधायक के आश्वासन पर भाजपाई वहां से गए।
मैरिस रोड पर हरिओम नगर में रहने वाले राकेश रामसन पहले आईटीआई रोड पर रहते थे। इनकी जीटी रोड पर ताले की फैक्ट्री भी है। राकेश रामसन विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हैं और भाजपा ब्रज प्रांत के अध्यक्ष भी हैं। वह गायों का पालन भी करते हैं। सन 2009 में धारा 144 के उल्लंघन करने पर उन्हें धारा 188 में पाबंद किया गया था। इस मामले में अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हो गए।
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राकेश रामसन के परिवार का आरोप है कि कुछ दिन पहले चौकी प्रभारी आईटीआई रोड नरेश कुमार घर पर आए और वारंट जारी होने पर गिरफ्तारी से बचने के लिए पैसे की मांग करने लगे। इनकार करने पर नरेश कुमार ने अंजाम भुगतने की चेतावनी तक दे दी थी। इसी खुन्नस के चलते सोमवार को नरेश कुमार ने राकेश रामसन को फोन किया और वारंट के सिलसिले में मिलने की बात कही। राकेश रामसन उस वक्त सिविल लाइन क्षेत्र में त्योहार के लिए फल खरीद रहे थे।
उसी समय एक औपचारिकता पूरी करने की बात कह कर दरोगा राकेश रामसन को थाना बन्ना देवी ले आया। यहां पर वारंट की गिरफ्तारी दिखाई और मेडिकल कराकर जेल भेज दिया। यह बात भाजपा नेताओें को पता लगी तो शाम करीब साढ़े पांच बजे पूर्व महापौर शकुंतला भारती, मानव महाजन, पूनम बजाज, सुबोध स्वीटी, योगेंद्र वार्ष्णेय, कृष्णा गुप्ता, पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, अन्नू खिलौना सहित कई दर्जन भाजपाई थाना बन्ना देवी पहुंच गए और घेराव कर लिया। इस दौरान दरोगा के निलंबन की मांग उठाते हुए पुलिस विरोधी नारेबाजी की।
एक कार्यकर्ता जुगनू ने कांच का गिलास अपने सिर में मार लिया। जिससे गिलास टूट गया। छीन छपटी में कोतवाल की टेबिल का शीशा टूट गया। भाजपाइयों को एतराज इस बात पर था कि त्योहार पर ही गिरफ्तारी की गई और जेल भेज दिया गया। साथ ही उस समय जेल भेजा जब जमानत कराने का समय भी निकल चुका था।
भड़के भाजपा नेताओं ने आरोपी दरोगा के निलंबन की मांग की है। घंटों तक चले हंगामे की खबर पर सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव, बरौली विधायक ठा.दलवीर सिंह, सुशील गुप्ता आदि थाने पहुंचे। जहां उन्होंने भाजपाइयों को समझाया और कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर हंगामा शांत हुआ और करीब साढ़े आठ बजे वहां से भाजपाई हटे।
‘अगर किसी भी पुलिस कर्मी ने जानबूझ कर त्यौहार के दिन यह गिरफ्तारी की है तो उसके खिलाफ जांच और कार्यवाही होनी चाहिए’
- संजीव राजा, विधायक
‘राकेश रामसन के पहले से ही गैर जमानती वारंट जारी थे। चौकी प्रभारियों को वारंटियों को गिरफ्तार करने के लिए टास्क दिया जाता है। इसी के तहत कार्यवाही हुई है। इसका कोई और अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। फिर भी परिवार के आरोपों की जांच होगी और दरोगा के खिलाफ कार्रवाई होगी।’
- पंकज श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी द्वितीय
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छीनाझपटी में इंस्पेक्टर की टेबिल का शीशा भी टूट गया। भड़के हुए भाजपाइयों की दलील थी कि त्योहार के दिन ही पुराने मामले में गिरफ्तारी करना दरोगा की नीयत पर शक पैदा करता है। आक्रोशित भाजपा नेताओं ने आरोपी दरोगा के निलंबन की मांग उठाई। इस दौरान जमकर पुलिस विरोधी नारेबाजी की। ढाई घंटे तक चले हंगामे पर सीओ द्वितीय व बरौली विधायक के आश्वासन पर भाजपाई वहां से गए।
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मैरिस रोड पर हरिओम नगर में रहने वाले राकेश रामसन पहले आईटीआई रोड पर रहते थे। इनकी जीटी रोड पर ताले की फैक्ट्री भी है। राकेश रामसन विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हैं और भाजपा ब्रज प्रांत के अध्यक्ष भी हैं। वह गायों का पालन भी करते हैं। सन 2009 में धारा 144 के उल्लंघन करने पर उन्हें धारा 188 में पाबंद किया गया था। इस मामले में अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हो गए।
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राकेश रामसन के परिवार का आरोप है कि कुछ दिन पहले चौकी प्रभारी आईटीआई रोड नरेश कुमार घर पर आए और वारंट जारी होने पर गिरफ्तारी से बचने के लिए पैसे की मांग करने लगे। इनकार करने पर नरेश कुमार ने अंजाम भुगतने की चेतावनी तक दे दी थी। इसी खुन्नस के चलते सोमवार को नरेश कुमार ने राकेश रामसन को फोन किया और वारंट के सिलसिले में मिलने की बात कही। राकेश रामसन उस वक्त सिविल लाइन क्षेत्र में त्योहार के लिए फल खरीद रहे थे।
उसी समय एक औपचारिकता पूरी करने की बात कह कर दरोगा राकेश रामसन को थाना बन्ना देवी ले आया। यहां पर वारंट की गिरफ्तारी दिखाई और मेडिकल कराकर जेल भेज दिया। यह बात भाजपा नेताओें को पता लगी तो शाम करीब साढ़े पांच बजे पूर्व महापौर शकुंतला भारती, मानव महाजन, पूनम बजाज, सुबोध स्वीटी, योगेंद्र वार्ष्णेय, कृष्णा गुप्ता, पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, अन्नू खिलौना सहित कई दर्जन भाजपाई थाना बन्ना देवी पहुंच गए और घेराव कर लिया। इस दौरान दरोगा के निलंबन की मांग उठाते हुए पुलिस विरोधी नारेबाजी की।
एक कार्यकर्ता जुगनू ने कांच का गिलास अपने सिर में मार लिया। जिससे गिलास टूट गया। छीन छपटी में कोतवाल की टेबिल का शीशा टूट गया। भाजपाइयों को एतराज इस बात पर था कि त्योहार पर ही गिरफ्तारी की गई और जेल भेज दिया गया। साथ ही उस समय जेल भेजा जब जमानत कराने का समय भी निकल चुका था।
भड़के भाजपा नेताओं ने आरोपी दरोगा के निलंबन की मांग की है। घंटों तक चले हंगामे की खबर पर सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव, बरौली विधायक ठा.दलवीर सिंह, सुशील गुप्ता आदि थाने पहुंचे। जहां उन्होंने भाजपाइयों को समझाया और कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर हंगामा शांत हुआ और करीब साढ़े आठ बजे वहां से भाजपाई हटे।
‘अगर किसी भी पुलिस कर्मी ने जानबूझ कर त्यौहार के दिन यह गिरफ्तारी की है तो उसके खिलाफ जांच और कार्यवाही होनी चाहिए’
- संजीव राजा, विधायक
‘राकेश रामसन के पहले से ही गैर जमानती वारंट जारी थे। चौकी प्रभारियों को वारंटियों को गिरफ्तार करने के लिए टास्क दिया जाता है। इसी के तहत कार्यवाही हुई है। इसका कोई और अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। फिर भी परिवार के आरोपों की जांच होगी और दरोगा के खिलाफ कार्रवाई होगी।’
- पंकज श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी द्वितीय