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घूसखोरी में फंसे डिप्टी रेंजर सहित वन विभाग के चार कर्मी
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Sun, 21 Oct 2018 01:25 AM IST
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corruption
- फोटो : डेमो फोटो
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डिप्टी रेंजर सहित वन विभाग के चार लोगों के खिलाफ लकड़ी के एक ठेकेदार ने शनिवार को अतरौली कोतवाली में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का मुकदमा पंजीकृत कराया है। यह कार्रवाई बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह के हस्तक्षेप के बाद हुई है। इस ठेकेदार का कहना है कि उसके पास वन कर्मियों की करतूत की वीडियो रिकार्डिंग है। पुलिस प्रकरण की जांच में जुटी है।
नगर के मोहल्ला बरौलियाटोला निवासी शकील पुत्र मो. रसीद लकड़ी के ठेकेदार हैं। शकील ने बताया कि घटना 26 सितंबर की है। वह गांव शेरपुर में एक बाग में सूखे पड़े आम के छह सात पेड़ उठाने गया था। तभी वन विभाग के डिप्टी रेंजर राजीव खन्ना उड़नदस्ते के साथ वहां आ धमके और उन्होंने शकील के साथ जमकर गाली-गलौज की। तभी वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड किशनलाल व योगेश गौतम भी वहां आ गए और बोले कि तुम हमारे साथ वन विभाग की ऑफिस चलो।
हम फैसला करवा देंगे वरना तुम्हें जेल जाना होगा। इस पर वह उनके साथ रेंजर कार्यालय पहुंच गया। वहां अन्य कर्मी श्याम स्वरूप भी मिले। सभी ने उनसे तीस हजार रुपये की रिश्वत मांगी, नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी देने लगे। पीड़ित ने जान छुड़ाने के लिए उस वक्त बीस हजार रुपये का जैसे तैसे इंतजाम कर इन लोगों को दिए। चारों ने यह रकम आपस में बांट ली। इस करतूत की रिकार्डिंग पीड़ित के मोबाइल में मौजूद है। पीड़ित थाने पहुंचा मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने पूर्व मंत्री ठा. दलवीर सिंह बरौली विधायक को अपनी समस्या से अवगत कराया और शिकायत मुख्यमंत्री को भेज दी। कोतवाल प्रवेश राणा का कहना है कि पीड़ित की तहरीर पर चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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नगर के मोहल्ला बरौलियाटोला निवासी शकील पुत्र मो. रसीद लकड़ी के ठेकेदार हैं। शकील ने बताया कि घटना 26 सितंबर की है। वह गांव शेरपुर में एक बाग में सूखे पड़े आम के छह सात पेड़ उठाने गया था। तभी वन विभाग के डिप्टी रेंजर राजीव खन्ना उड़नदस्ते के साथ वहां आ धमके और उन्होंने शकील के साथ जमकर गाली-गलौज की। तभी वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड किशनलाल व योगेश गौतम भी वहां आ गए और बोले कि तुम हमारे साथ वन विभाग की ऑफिस चलो।
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हम फैसला करवा देंगे वरना तुम्हें जेल जाना होगा। इस पर वह उनके साथ रेंजर कार्यालय पहुंच गया। वहां अन्य कर्मी श्याम स्वरूप भी मिले। सभी ने उनसे तीस हजार रुपये की रिश्वत मांगी, नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी देने लगे। पीड़ित ने जान छुड़ाने के लिए उस वक्त बीस हजार रुपये का जैसे तैसे इंतजाम कर इन लोगों को दिए। चारों ने यह रकम आपस में बांट ली। इस करतूत की रिकार्डिंग पीड़ित के मोबाइल में मौजूद है। पीड़ित थाने पहुंचा मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने पूर्व मंत्री ठा. दलवीर सिंह बरौली विधायक को अपनी समस्या से अवगत कराया और शिकायत मुख्यमंत्री को भेज दी। कोतवाल प्रवेश राणा का कहना है कि पीड़ित की तहरीर पर चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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