बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

पूर्व सपा विधायक के करीबी प्रॉपर्टी डीलर की हत्या

अमर उजाला ब्यूूराे Updated Sun, 21 May 2017 02:37 AM IST
विज्ञापन
मेडिकल पहुंचे एसएसपी व पूर्व विद्यायक राकेश सिंह जानकारी करते हुए।
मेडिकल पहुंचे एसएसपी व पूर्व विद्यायक राकेश सिंह जानकारी करते हुए। - फोटो : Amar Ujala

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
महानगर के मैरिस रोड चौराहे पर शनिवार देर रात पूर्व सपा विधायक ठा. राकेश सिंह के बेहद करीबी प्रॉपर्टी डीलर धीरज उर्फ धीरा ठाकुर की गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात उस समय हुई जब धीरा अपनी स्कार्पियो में बैठे अपने किसी साथी का इंतजार कर रहे थे और साथी चौराहे पर स्थित होटल में खाना खा रहा था। तभी कई बाइकों पर आये हमलावरों ने पहले धीरा से बातचीत की और फिर गोलियों से भून दिया।  धीरा को मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस टीमें जांच में जुटी थीं। मूल रूप से महुआ खेड़ा क्वार्सी निवासी 38 वर्षीय धीरज उर्फ धीरा ठाकुर पुत्र भूपसिंह लंबे समय से सिविल लाइंस क्षेत्र की प्रेस कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे थे। पिछले काफी समय से वह सपा विधायक रहे ठा. राकेश सिंह से जुड़े हुए थे और उनके करीबी माने जाते थे। घटनाक्रम के मुताबिक देर रात करीब 11 बजे वह अपनी स्कार्पियो से    अपने साथी सत्या व एक अन्य के साथ मैरिस रोड चौराहा स्थित होटल पर गये। जहां एक साथी होटल में खाना खाने चला गया, जबकि धीरा और सत्या गाड़ी में ही बैठे रहे।  
विज्ञापन


पूर्व सपा विधायक के करीबी प्रॉपर्टी डीलर को जिस तरह मारा गया है, उससे दो बातें स्पष्ट हैं कि घटना को प्रोफेशनल अपराधियों ने अंजाम दिया है और कोई चिरपरिचित चेहरा भी हत्या में शामिल रहा है। फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। तहरीर और जांच के आधार पर ही कार्रवाई होगी। - राजेश पांडेय, एसएसपी


करीबियों पर है पुलिस को शक

मैरिस रोड चौराहे पर शनिवार देर रात मारे गए पूर्व सपा विधायक के करीबी प्रोपर्टी डीलर धीरज उर्फ धीरा ठाकुर की हत्या क्यों हुयी? और किसने की? ये बड़ा सवाल है। पुलिस रिकॉर्ड पर गौर करें तो पिछले सपा शासनकाल में धीरा ठाकुर के नाम कई कारगुजारियां दर्ज हैं। जिनमें पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन पर उनके दफ्तर में हमले की घटना प्रमुख है। पुलिस धीरा ठाकुर की हत्या को लेकर इन्हीं पांच सालों की कड़ियों पर काम कर रही है। इसी बीच पुलिस के लिए एक सवाल यह भी है आखिर वो कौन करीबी था जिसने मौका-ए-वारदात पर आकर धीरा से बातचीत की और उसकी हत्या कर भाग गया। इसी वजह से पुलिस ने तमाम करीबियों को भी शक के दायरे में ले रखा है।

5 साल में यह घटनाएं रही चर्चाओं में
धीरा ठाकुर का वैसे तो कोई बहुत लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास नहीं हैं मगर सबसे वह पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पर उनके कार्यालय में हमला करने पर पहली बार चर्चा में आया। उसके बाद क्वार्सी क्षेत्र की स्वर्ण जयंती कालोनी में एक प्रोपर्टी पर कब्जे का विवाद भी पुलिस तक पंहुचा। उसके बाद जब तब पुलिस के पास धीरा को लेकर छुटपुट शिकायतें पहुंचती रहीं, मगर हर बार सत्ता के करीबी होने का लाभ मिला। 

यह है पारिवारिक प्रोफ़ाइल
 धीरा ठाकुर एक किसान परिवार से ताल्लुक रखता था और दो भाइयों में छोटा था। खुद धीरा ने दो सगी बहनों पूनम और निधि से शादी कर रखी थी। एकसाथ एक ही घर में रहती थीं और दोनों से एक-एक बेटे भी हैं।
शहर में लगातार कानून व्यवस्था को मिली चुनौती
शहर में लगातार पिछले कई दिन से ताबड़तोड़ वारदात हो रही हैं। मगर इन वारदातों को रोक पाने में पुलिस के प्रयास सफल नहीं हो रहे। इसके चलते शहर की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। इस माह की घटनाओं पर गौर करें तो फूल चौराहा पर बवाल, लालडिग्गी पर छात्रा की हत्या, एसएमबी मार्केट में छात्रा की हत्या सुर्खियों में रही हैं।
हर करीबी ने साधी चुप्पी
इस घटना के बाद मेडिकल कालेज में धीरा के परिवार के करीबी और खुद पूर्व विधायक राकेश सिंह से बातचीत की कोशिश की गयी मगर किसी ने कुछ भी कहना मुनासिब नहीं समझा। रात करीब एक बजे मेडिकल कालज से पंचनामा की कार्यवाही करा शव को पोस्टमार्टम केंद्र पहुँचा दिया गया था। जहाँ सभी करीबी और समर्थक मौजूद थे और पोस्टमार्टम की तैयारी चल रही थी।

बाइकर्स की रार भी रडार पर
धीरा की हत्या को लेकर बाइकर्स की रार भी पुलिस के रडार पर है। पुलिस इस हत्या को उस रार से जोड़कर भी देख रही है। मगर अभी कुछ भी कहने से बच रही है।

अब तक की पुलिस जांच
घटना के बाद सीओ तृतीय राजीव सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सिविल लाइन, इंस्पेक्टर क्वार्सी, एसओजी, क्राइम ब्रांच की टीमों ने घटना के पहले से लेकर अब तक की स्थिति पर बारीकी से अध्ययन शुरू कर दिया है। धीरा की गाड़ी स्कोर्पियो व मोबाइल जब्त कर लिया है। सर्विलांस की मदद से ये जानने की कोशिश हो रही है कि वह दिनभर कहां-कहां गया। घटना के वक्ता कहां से आया था। आखिरी दौर में किस किससे बातचीत हुई। इसके अलावा पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर हमलावरों के आने और जाने के हर रास्ते पर सीसीटीवी की मदद से साक्ष्य तलाश रही है।
 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us