अलीगढ़ के भी एक परिवार का दावा, गीता उनकी बेटी
अब उत्तर प्रदेश के एक और परिवार ने पाकिस्तान से भारत लौटी गीता के अपनी बेटी होने का दावा किया है। यह परिवार अलीगढ़ की अतरौली तहसील के एक गांव ऊतरा का रहने वाला है।
यहां के बहाल सिंह के परिवार का दावा है कि गीता उनकी खोई हुई बेटी डॉली है। वह वर्ष 2000 से लापता है। बहाल सिंह के बेटों नरेंद्र और गजेंद्र का कहना है कि आमना-सामना होने पर शायद गीता उन्हें पहचान ले। इससे पहले सोमवार को भी सूबे के प्रतापगढ़ के महेशगंज के रहने वाले एक दंपति ने गीता के उनकी बेटी होने का दावा किया था।
अलीगढ़ निवासी नरेंद्र ने बताया कि उनकी बहन डॉली मूक बधिर है लेकिन इशारों में पूरी बात समझ और कह सकती है। पाकिस्तान से आई गीता से उसकी शक्ल काफी मिलती-जुलती है।
गीता के लिए वह डीएनए टेस्ट सहित किसी भी जांच-पड़ताल को तैयार है। नरेंद्र का कहना है कि12 नवंबर 2000 की सुबह लापता हुई डॉली की गुमशुदगी 21 नवंबर 2000 को बरला थाने में दर्ज है।
इस सूचना में उसका नाम डॉली लिखा गया है, जबकि इश्तहार में डबली नाम छप गया है। पुलिस को सूचना उनके पिता बहाल सिंह की ओर से दी गई थी। ऐसी ही एक सूचना उसी दौरान दिल्ली के दरियागंज थाने में भी दर्ज कराई गई थी। नरेंद्र ने बताया कि वे दो भाई और पांच बहनें हैं। बहनों में सुधा, उषा, सुमन, डॉली और रेनू हैं जबकि वह और गजेंद्र दो भाई हैं।
नरेंद्र के मुताबिक, 11 नवंबर 2000 को सभी घर वाले गंगा स्नान को जा रहे थे लेकिन किसी कारणवश डॉली को नहीं ले गए। इससे नाराज डॉली, उषा के ससुराल जाने की बात कहकर घर से चली गई। उस वक्त ऊषा की ससुराल गोंडा में थी। लेकिन डॉली वहां नहीं पहुंची और लापता हो गई। तभी उसकी तलाश हो रही है।
नरेंद्र ने बताया कि उसके पिता बहाल सिंह अब बीमार रहते हैं, जबकि मां प्रकाशी देवी का कुछ साल पहले ही स्वर्गवास हो चुका है।