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लूट के बाद साधु व दंपती की पीट-पीटकर हत्या
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Sun, 16 Sep 2018 02:11 AM IST
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लूट के बाद साधु व दंपती की पीट-पीटकर हत्या
- फोटो : Amar Ujala
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थानाक्षेत्र में रामघाट रोड पर बसे गांव सफेदपुरा के पास कलाई माइनर के सहारे शुक्रवार रात मंदिर पर लूटपाट के बाद एक साधु और कुछ दूरी पर दंपती का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। तीनों को बेरहमी से पीटा गया और सिरों पर वजनी वस्तु से चोट पहुंचाई गई है। शनिवार सुबह साधु की लाश सड़क किनारे कलाई माइनर पर बने दुर्रेनी देवी के थान (मंदिर) परिसर में मिली, जबकि दंपती के शव तीन घंटे बाद मंदिर से करीब एक किमी दूर धान के खेत में अलग-अलग मिले।
सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड की खबर पर पुलिस प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। डीआईजी, एसएसपी सहित जिले भर का अमला मौके पर पहुंच गया। घंटों माथा-पच्ची व जांच पड़ताल के बाद तिहरे हत्याकांड की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। चूंकि साधु के कमरे में सामान बिखरा था और दंपती के नलकूप की कोठरी का ताला तोड़कर कुछ सामान भी गायब है। इसलिए प्रथमदृष्टया अंदेशा लूट का ही जताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। मृत दंपती राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
रामघाट रोड पर कलाई माइनर के सहारे दुर्रेनी माता का कई दशक वर्ष पुराना मंदिर है। जिसकी इलाके में काफी मान्यता है। गांव सफेदपुरा के पुजारी बाबा रूपदास (45) पुत्र त्रिलोकी सिंह मंदिर पर सेवा-पूजा करते थे और यहीं रहते थे। शुक्रवार रात बाबा रूपदास की मंदिर परिसर में घुसकर बदमाशों ने लूटपाट के बाद बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। उनकी बायीं आंख बुरी तरह से क्षतिग्रस्त की गई
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रोजाना की तरह शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पुजारी के बड़े भाई भानुप्रकाश जब वहां दूध देने पहुंचे तो काफी देर तक प्रयास के बाद भी अंदर से पुजारी ने दरवाजा नहीं खोला। इस पर जब भानुप्रकाश ने दीवार फलांग कर अंदर देखा तो पैरों-तले जमीन खिसक गई। पुजारी की लाश जमीन पर प्लास्टिक की पल्ली के ऊपर मच्छरदानी में लिपटी पड़ी थी।
पुजारी के मुख्य कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। इसलिए अंदेशा लूट के बाद हत्या का लगाया। इस दौरान शोरशराबे पर वहां लोग जमा हो गए और सूचना पर एसपी देहात, एसपी सिटी, सीओ अतरौली, हरदुआगंज पुलिस फील्ड यूनिट सहित पहुंच गई। उन्होंने काफी देर तक जांच पड़ताल की।
जांच पड़ताल कर पुलिस यहां से लौटने की तैयारी कर रही थी। तभी किसी ने सूचना दी कि माइनर की पटरी के सहारे करीब एक किमी अंदर धान के खेत में दंपती की लाशें पड़ी हैं। इस सूचना पर डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी अजय कुमार साहनी भी वहां पहुंच गए। दंपती की पहचान योगेंद्र सिंह (40) पुत्र राजपाल व योगेंद्र की पत्नी विमलेश (36) के रूप में हुई।
यहां काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। इन दोनों को भी बेरहमी से पीट-पीटकर सिर में चोट पहुंचाकर मारा गया था। हालांकि तब तक पुलिस साधु की लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी थी। मगर तब तक एकत्रित भीड़ ने दंपती के शवों को उठाने और ले जाने पर विरोध किया। किसी तरह पुलिस ने महिला पुलिस की मदद से शवों को वहां से निकलवाया। इस दौरान मौके पर आए क्षेत्रीय भाजपा विधायक ठा. दलवीर सिंह ने अधिकारियों से घटना के जल्द खुलासे की मांग की।
- मंदिर के पुजारी के कमरे से छेड़छाड़ की गई है, जिससे प्रथमदृष्टया हत्याकांड किसी न किसी लालच में होना माना जा रहा है। वहीं धान के खेत में दंपती की लाश मिली है। दोनों घटनाएं एक हैं या अलग-अलग, यह जांच में स्पष्ट हो पाएगा। अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
-डॉ.प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी अलीगढ़ रेंज
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सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड की खबर पर पुलिस प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। डीआईजी, एसएसपी सहित जिले भर का अमला मौके पर पहुंच गया। घंटों माथा-पच्ची व जांच पड़ताल के बाद तिहरे हत्याकांड की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। चूंकि साधु के कमरे में सामान बिखरा था और दंपती के नलकूप की कोठरी का ताला तोड़कर कुछ सामान भी गायब है। इसलिए प्रथमदृष्टया अंदेशा लूट का ही जताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। मृत दंपती राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
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रामघाट रोड पर कलाई माइनर के सहारे दुर्रेनी माता का कई दशक वर्ष पुराना मंदिर है। जिसकी इलाके में काफी मान्यता है। गांव सफेदपुरा के पुजारी बाबा रूपदास (45) पुत्र त्रिलोकी सिंह मंदिर पर सेवा-पूजा करते थे और यहीं रहते थे। शुक्रवार रात बाबा रूपदास की मंदिर परिसर में घुसकर बदमाशों ने लूटपाट के बाद बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। उनकी बायीं आंख बुरी तरह से क्षतिग्रस्त की गई
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रोजाना की तरह शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पुजारी के बड़े भाई भानुप्रकाश जब वहां दूध देने पहुंचे तो काफी देर तक प्रयास के बाद भी अंदर से पुजारी ने दरवाजा नहीं खोला। इस पर जब भानुप्रकाश ने दीवार फलांग कर अंदर देखा तो पैरों-तले जमीन खिसक गई। पुजारी की लाश जमीन पर प्लास्टिक की पल्ली के ऊपर मच्छरदानी में लिपटी पड़ी थी।
पुजारी के मुख्य कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। इसलिए अंदेशा लूट के बाद हत्या का लगाया। इस दौरान शोरशराबे पर वहां लोग जमा हो गए और सूचना पर एसपी देहात, एसपी सिटी, सीओ अतरौली, हरदुआगंज पुलिस फील्ड यूनिट सहित पहुंच गई। उन्होंने काफी देर तक जांच पड़ताल की।
जांच पड़ताल कर पुलिस यहां से लौटने की तैयारी कर रही थी। तभी किसी ने सूचना दी कि माइनर की पटरी के सहारे करीब एक किमी अंदर धान के खेत में दंपती की लाशें पड़ी हैं। इस सूचना पर डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी अजय कुमार साहनी भी वहां पहुंच गए। दंपती की पहचान योगेंद्र सिंह (40) पुत्र राजपाल व योगेंद्र की पत्नी विमलेश (36) के रूप में हुई।
यहां काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। इन दोनों को भी बेरहमी से पीट-पीटकर सिर में चोट पहुंचाकर मारा गया था। हालांकि तब तक पुलिस साधु की लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी थी। मगर तब तक एकत्रित भीड़ ने दंपती के शवों को उठाने और ले जाने पर विरोध किया। किसी तरह पुलिस ने महिला पुलिस की मदद से शवों को वहां से निकलवाया। इस दौरान मौके पर आए क्षेत्रीय भाजपा विधायक ठा. दलवीर सिंह ने अधिकारियों से घटना के जल्द खुलासे की मांग की।
- मंदिर के पुजारी के कमरे से छेड़छाड़ की गई है, जिससे प्रथमदृष्टया हत्याकांड किसी न किसी लालच में होना माना जा रहा है। वहीं धान के खेत में दंपती की लाश मिली है। दोनों घटनाएं एक हैं या अलग-अलग, यह जांच में स्पष्ट हो पाएगा। अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
-डॉ.प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी अलीगढ़ रेंज