{"_id":"5b8c4ee642c792466e6ef569","slug":"71535921894-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्यांग शिक्षक को मिली जान से मारने धमकी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दिव्यांग शिक्षक को मिली जान से मारने धमकी
Updated Mon, 03 Sep 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
डीएस कॉलेज के संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. डीएन त्रिपाठी ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप साथी शिक्षक पर लगाया है। अब पीड़ित शिक्षक ने राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर इंसाफ की गुहार लगाई है।
शनिवार को दोनों शिक्षकों में समझौते की कवायद की गई, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। उधर, डॉ. त्रिपाठी ने आरोपी शिक्षक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षक कॉलेज परिसर में यह कहते घूम रहे हैं कि उनका भाई पुलिस अधिकारी है, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। पीड़ित शिक्षक ने भेजे पत्र में आरोपी शिक्षक से जान का खतरा बताया है।
शुक्रवार को कॉलेज में शिक्षक संघ की बैठक में दृष्टि बाधित शिक्षक डॉ. डीएन त्रिपाठी के साथ एक शिक्षक ने खींचतान की थी। साथ ही उनसे अभद्रता भी की गई थी। यह आरोप डॉ. त्रिपाठी ने लगाया है। आंख में रोशनी न होने के नाते वह अपने साथ बेटे सारांश त्रिपाठी रखते हैं। वह भी बैठक में शामिल था।
विज्ञापन
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि भाषण छोटा करने की बात पर राजनीति विज्ञान के एक शिक्षक उखड़ गए थे और खींचतान कर अपशब्द बोला था। पास में बैठे बेटे ने इसका विरोध किया, तो उससे भी अभद्रता की थी।
विज्ञापन
डीएस कॉलेज के संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. डीएन त्रिपाठी ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप साथी शिक्षक पर लगाया है। अब पीड़ित शिक्षक ने राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर इंसाफ की गुहार लगाई है।
शनिवार को दोनों शिक्षकों में समझौते की कवायद की गई, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। उधर, डॉ. त्रिपाठी ने आरोपी शिक्षक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षक कॉलेज परिसर में यह कहते घूम रहे हैं कि उनका भाई पुलिस अधिकारी है, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। पीड़ित शिक्षक ने भेजे पत्र में आरोपी शिक्षक से जान का खतरा बताया है।
विज्ञापन
शुक्रवार को कॉलेज में शिक्षक संघ की बैठक में दृष्टि बाधित शिक्षक डॉ. डीएन त्रिपाठी के साथ एक शिक्षक ने खींचतान की थी। साथ ही उनसे अभद्रता भी की गई थी। यह आरोप डॉ. त्रिपाठी ने लगाया है। आंख में रोशनी न होने के नाते वह अपने साथ बेटे सारांश त्रिपाठी रखते हैं। वह भी बैठक में शामिल था।
विज्ञापन
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि भाषण छोटा करने की बात पर राजनीति विज्ञान के एक शिक्षक उखड़ गए थे और खींचतान कर अपशब्द बोला था। पास में बैठे बेटे ने इसका विरोध किया, तो उससे भी अभद्रता की थी।