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अतरौली में लुटेरों से मुठभेड़, एक के पैर में गोली लगी
Updated Fri, 20 Jul 2018 02:32 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिले में हो रही लूटपाट के क्रम में एसओजी के इनपुट पर गुरुवार तड़के जिला पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। अतरौली में पुलिस ने इस इनपुट के आधार पर एक तरफ छर्रा रोड पर मुठभेड़ में एक लुटेरे को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान वह पैर में गोली लगने से वह जख्मी हो गया, जबकि उसका एक साथी भागने में सफल रहा।
वहीं जख्मी बदमाश से मिले इनपुट पर चंद घंटे बाद उसके गैंग के आधा दर्जन अन्य बदमाश भी पाली रोड से संभल में लूटी गई कई लाख कीमत की पीतल की मूर्तियों सहित दबोच लिए गए।
इस दौरान गैंग के चार साथी भागने में सफल रहे। इस गैंग ने संभल में पीतल की मूर्तियों का वाहन लूटने के साथ-साथ दो दिन पहले बन्नादेवी की गुलशन पार्क कॉलोनी में एक्सपोर्ट इंडस्ट्री स्वामी से दो लाख की लूट और एक दिन पहले इगलास के आशाराम बापू आश्रम के पास डकैती की घटना स्वीकारते हुए उन घटनाओं से संबंधित माल भी बरामद कराया है। इस सफलता पर एसएसपी ने पुलिस टीम को नकद इनाम देने की घोषणा की है।
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एसएसपी अजय कुमार साहनी ने गुरुवार दोपहर पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि जिले में हो रही लूट आदि के क्रम में एसओजी टीम बदमाशों के पीछे लगी थी। इसी बीच टीम को खबर लगी कि महानगर के सासनी गेट इलाके से मुरादाबाद जाते समय अनूपशहर गंगा पुल पार करते ही संभल के रजपुरा इलाके में 11/12 जुलाई की रात पीतल की मूर्तियों का वाहन लूटने वाला गैंग अतरौली इलाके में छिपा है।
रात में उसके माल सहित निकलने की सूचना थी। इस सूचना पर इंस्पेक्टर अतरौली टीम के साथ अतरौली छर्रा व अतरौली पाली रोड पर सक्रिय थे। इसी बीच रात करीब पौने तीन बजे छर्रा की ओर से एक स्पलेंडर बाइक पर दो संदिग्ध तेवथू की ओर से अतरौली की ओर निकले। उनका जब पीछा शुरू किया तो वह तेजी से भागे और रास्ते में गूलापुर मोड़ पर उन बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका एक साथी खेतों में फसल का फायदा उठाकर भाग गया। आनन-फानन जख्मी बदमाश को सीएचसी भिजवाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद वहां से जिला मुख्यालय भेजा गया। पुलिस मुठभेड़ की सूचना पर एसएसपी के अलावा एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह आदि भी मौके पर पहुंच गए।
एक टीम को घायल से पूछताछ के लिए लगाया गया। उसने अपना नाम सचिन पुत्र राजकुमार शर्मा निवासी नहरा थाना लोधा व फरार साथी का नाम सागर निवासी धनीपुर मंडी गांधीपार्क बताया। उससे शुरुआती जानकारी मिली कि उन्होंने संभल में पीतल की मूर्तियां लूटी थीं। बेचने के लिए उनके गैंग के दूसरे साथी पालीमुकीमुपर की ओर से लोडर में माल ला रहे हैं।
उनसे हमारी मुलाकात अतरौली में ही होनी थी। यह माल हमें सिकंदराबाद बुलंदशहर में पहुंचाना था। इस सूचना पर दूसरी टीम को पालीमुकीमपुर रोड पर लगाया तो तड़के करीब सवा छह बजे गांव मोसमपुर के पास संदिग्ध लोडर आता दिखाई दिया। उसे रोकने की कोशिश हुई तो उसने वापस दौड़ लगा दी, जिसे घेरकर पकड़ा और उसमें सवार छह बदमाश दबोचे गए। इस दौरान भी तीन बदमाश भाग गए। लोडर में करीब पीतल की मूर्तियां भी बरामद हुईं।
एसएसपी के अनुसार यह 9 लोगों का गैँग है, जो अलग-अलग ग्रुपों में बंटकर वारदात करता है। संभल की लूट में यह सभी शामिल थे, जबकि एक्सपोर्टर शांतनु गोयल से लूट में जख्मी हुआ सचिन, उसका फरार साथी सागर व दो अन्य शामिल थे। इसी तरह इगलास में हुई लूट में सचिन, सागर, राजकुमार व दो अन्य शामिल थे। इस मौके पर एसपी सिटी, एसपी देहात के अलावा सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव, सीओ तृतीय संजीव दीक्षित, सीओ अतरौली प्रशांत कुमार भी मौजूद रहे।
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जिले में हो रही लूटपाट के क्रम में एसओजी के इनपुट पर गुरुवार तड़के जिला पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। अतरौली में पुलिस ने इस इनपुट के आधार पर एक तरफ छर्रा रोड पर मुठभेड़ में एक लुटेरे को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान वह पैर में गोली लगने से वह जख्मी हो गया, जबकि उसका एक साथी भागने में सफल रहा।
वहीं जख्मी बदमाश से मिले इनपुट पर चंद घंटे बाद उसके गैंग के आधा दर्जन अन्य बदमाश भी पाली रोड से संभल में लूटी गई कई लाख कीमत की पीतल की मूर्तियों सहित दबोच लिए गए।
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इस दौरान गैंग के चार साथी भागने में सफल रहे। इस गैंग ने संभल में पीतल की मूर्तियों का वाहन लूटने के साथ-साथ दो दिन पहले बन्नादेवी की गुलशन पार्क कॉलोनी में एक्सपोर्ट इंडस्ट्री स्वामी से दो लाख की लूट और एक दिन पहले इगलास के आशाराम बापू आश्रम के पास डकैती की घटना स्वीकारते हुए उन घटनाओं से संबंधित माल भी बरामद कराया है। इस सफलता पर एसएसपी ने पुलिस टीम को नकद इनाम देने की घोषणा की है।
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एसएसपी अजय कुमार साहनी ने गुरुवार दोपहर पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि जिले में हो रही लूट आदि के क्रम में एसओजी टीम बदमाशों के पीछे लगी थी। इसी बीच टीम को खबर लगी कि महानगर के सासनी गेट इलाके से मुरादाबाद जाते समय अनूपशहर गंगा पुल पार करते ही संभल के रजपुरा इलाके में 11/12 जुलाई की रात पीतल की मूर्तियों का वाहन लूटने वाला गैंग अतरौली इलाके में छिपा है।
रात में उसके माल सहित निकलने की सूचना थी। इस सूचना पर इंस्पेक्टर अतरौली टीम के साथ अतरौली छर्रा व अतरौली पाली रोड पर सक्रिय थे। इसी बीच रात करीब पौने तीन बजे छर्रा की ओर से एक स्पलेंडर बाइक पर दो संदिग्ध तेवथू की ओर से अतरौली की ओर निकले। उनका जब पीछा शुरू किया तो वह तेजी से भागे और रास्ते में गूलापुर मोड़ पर उन बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका एक साथी खेतों में फसल का फायदा उठाकर भाग गया। आनन-फानन जख्मी बदमाश को सीएचसी भिजवाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद वहां से जिला मुख्यालय भेजा गया। पुलिस मुठभेड़ की सूचना पर एसएसपी के अलावा एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह आदि भी मौके पर पहुंच गए।
एक टीम को घायल से पूछताछ के लिए लगाया गया। उसने अपना नाम सचिन पुत्र राजकुमार शर्मा निवासी नहरा थाना लोधा व फरार साथी का नाम सागर निवासी धनीपुर मंडी गांधीपार्क बताया। उससे शुरुआती जानकारी मिली कि उन्होंने संभल में पीतल की मूर्तियां लूटी थीं। बेचने के लिए उनके गैंग के दूसरे साथी पालीमुकीमुपर की ओर से लोडर में माल ला रहे हैं।
उनसे हमारी मुलाकात अतरौली में ही होनी थी। यह माल हमें सिकंदराबाद बुलंदशहर में पहुंचाना था। इस सूचना पर दूसरी टीम को पालीमुकीमपुर रोड पर लगाया तो तड़के करीब सवा छह बजे गांव मोसमपुर के पास संदिग्ध लोडर आता दिखाई दिया। उसे रोकने की कोशिश हुई तो उसने वापस दौड़ लगा दी, जिसे घेरकर पकड़ा और उसमें सवार छह बदमाश दबोचे गए। इस दौरान भी तीन बदमाश भाग गए। लोडर में करीब पीतल की मूर्तियां भी बरामद हुईं।
एसएसपी के अनुसार यह 9 लोगों का गैँग है, जो अलग-अलग ग्रुपों में बंटकर वारदात करता है। संभल की लूट में यह सभी शामिल थे, जबकि एक्सपोर्टर शांतनु गोयल से लूट में जख्मी हुआ सचिन, उसका फरार साथी सागर व दो अन्य शामिल थे। इसी तरह इगलास में हुई लूट में सचिन, सागर, राजकुमार व दो अन्य शामिल थे। इस मौके पर एसपी सिटी, एसपी देहात के अलावा सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव, सीओ तृतीय संजीव दीक्षित, सीओ अतरौली प्रशांत कुमार भी मौजूद रहे।