{"_id":"5c7aea3ebdec22738a475b24","slug":"61551559230-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक वर्ष पहले घर से बिछुड़े किशोर को परिवार से मिलाया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक वर्ष पहले घर से बिछुड़े किशोर को परिवार से मिलाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
करीब एक वर्ष पहले दिल्ली के जसोला से भागकर अलीगढ़ आए एक 15 वर्षीय किशोर की चाइल्ड लाइन की मदद से अब घर वापसी कराई गई है। खोए हुए बच्चे को पाकर घर वाले बेहद खुश हैं।
उड़ान सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि किशोर के पिता चांद मोहम्मद उर्फ पप्पू दिल्ली में रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करते थे। चांद मोहम्मद का अपनी पत्नी से विवाद हो जाने के बाद वह अलीगढ़ आकर रहनेे लगा।
जबकि पत्नी बच्चों के साथ दिल्ली में रही । करीब एक वर्ष पहले किशोर अपनी मां से मिलने अलीगढ़ की ओर आया और भटक गया। उसके कुछ पुराने दोस्त मिले, जिनकी सहायता से वह सर्फ बनाने की फैक्टरी में काम करने लगा। बालक ने दोस्तों की मदद से शाहजमाल में कमरा भी ले लिया।
विज्ञापन
गत वर्ष अगस्त माह में बालक को उसके दोस्त के साथ देहली गेट थाना पुलिस ने लोहे के गोदाम में चोरी के आरोप में पकड़ लिया। जिसके बाद दोनों को राजकीय संप्रेषण गृह मथुरा भेज दिया गया। बालक ने जुर्म स्वीकार कर लिया।
छह महीने बाद किशोर न्याय बोर्ड के आदेश के बाद 25 फरवरी को बालक को बाल कल्याण समिति के माध्यम से चाइल्ड लाइन को सुपुर्द कर दिया गया।
विज्ञापन
करीब एक वर्ष पहले दिल्ली के जसोला से भागकर अलीगढ़ आए एक 15 वर्षीय किशोर की चाइल्ड लाइन की मदद से अब घर वापसी कराई गई है। खोए हुए बच्चे को पाकर घर वाले बेहद खुश हैं।
उड़ान सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि किशोर के पिता चांद मोहम्मद उर्फ पप्पू दिल्ली में रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करते थे। चांद मोहम्मद का अपनी पत्नी से विवाद हो जाने के बाद वह अलीगढ़ आकर रहनेे लगा।
विज्ञापन
जबकि पत्नी बच्चों के साथ दिल्ली में रही । करीब एक वर्ष पहले किशोर अपनी मां से मिलने अलीगढ़ की ओर आया और भटक गया। उसके कुछ पुराने दोस्त मिले, जिनकी सहायता से वह सर्फ बनाने की फैक्टरी में काम करने लगा। बालक ने दोस्तों की मदद से शाहजमाल में कमरा भी ले लिया।
विज्ञापन
गत वर्ष अगस्त माह में बालक को उसके दोस्त के साथ देहली गेट थाना पुलिस ने लोहे के गोदाम में चोरी के आरोप में पकड़ लिया। जिसके बाद दोनों को राजकीय संप्रेषण गृह मथुरा भेज दिया गया। बालक ने जुर्म स्वीकार कर लिया।
छह महीने बाद किशोर न्याय बोर्ड के आदेश के बाद 25 फरवरी को बालक को बाल कल्याण समिति के माध्यम से चाइल्ड लाइन को सुपुर्द कर दिया गया।