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सीट के विवाद में एएमयू छात्रों ने घेरी गरीबरथ
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:09 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
दिल्ली हावड़ा ट्रैक पर भागलपुर से आनंद विहार के बीच चलने वाली 22405 अप गरीब रथ एक्सप्रेस में सीट को लेकर एएमयू छात्रों और एक दंपती में विवाद हो गया। मामला पुलिस तक पहुंचा तो शुक्रवार दोपहर को अलीगढ़ स्टेशन को छावनी बना दिया गया। ट्रेन जब यहां पर पहुंची तो एक बार फिर टकराव की स्थिति बनी। लेकिन मौके पर पहुंचे पुलिस व अन्य अधिकारियों की पहल से मामला शांत हुआ।
भागलपुर से एक परिवार दिल्ली आ रहा था। यह परिवार कोच नंबर जी-11 की सीट नंबर 56-57 पर बैठा हुआ था। कानपुर से ट्रेन गुजरते ही एएमयू के कुछ छात्र और छात्राओं से बैठने को लेकर विवाद हो गया। दंपति एक राजनीतिक संगठन से जुड़े बताए गए।
दंपती ने इस प्रस्ताव पर असमर्थता व्यक्त कर दी। इस पर एएमयू छात्रों ने कहा कि हम एएमयू से हैं सीट खाली करनी पड़ेगी। इसी बात पर दंपती और छात्रों के बीच वाद विवाद होने लगा। दंपती ने छात्रोें पर महिला से अभद्रता करने का आरोप लगा दिया। तो छात्रों ने भी सीट देने में इनकार करने पर दंपती को भला बुरा कहना शुरू कर दिया।
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इस काम में छात्राएं भी शामिल हो गई। देखते ही देखते कोच में हल्ला, गुल्ला शोरगुल होने लगा। अन्य यात्री भी मौके पर आ गए। शोरगुल और हंगामे की जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम पर पहुंची। इसका नतीजा यह हुआ कि जब ट्रेन सुबह 11.45 बजे टूंडला पहुंची तो रेलवे पुलिस ने पूरा कोच घेर लिया।
लेकिन जब मामले की जानकारी हुई और पता चला कि विवाद दो पक्षों में सीट का है तो रेलवे पुलिस ने दोनों को समझाया कि यह इतना बड़ा मामला नही हैं जिसके लिए बहुत बड़ा कदम उठाया जाए।
इसके बाद दोपहर 12.30 बजे ट्रेन अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंची तो यहां पर जीआरपी इंस्पेक्टर विजय सिंह , सीओ संजीव दीक्षित, सीओ पंकज कुमार श्रीवास्तव, आरपीएफ इंस्पेक्टर पीके ओझा कोच के पास पहुंचे। एएमयू छात्रों ने सोशल मीडिया से अपने साथियों को संदेश देकर यहां पहले ही बुला लिया था।
स्टेशन पर छात्रों के साथ प्राक्टर आफिस के अधिकारी भी पहुंचे। दर्जनों एएमयू छात्र स्टेशन पर मौजूद थे। छात्रों ने दंपती को बोगी से बाहर निकालने की मांग की। लेकिन मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने मामले को संभाला।
तकरीबन पांच मिनट तक ट्रेन रुकी रही। 12.36 पर ट्रेन चली तो छात्रों ने चेनपुलिंग कर इसको रोक दिया। इसके बाद 12.38 पर ट्रेन को रवाना किया गया। पुलिस ने बमुश्किल छात्रों को समझा बुझा कर वहां से रवाना किया। छात्र इस बात पर माने कि प्राक्टर आफिस के माध्यम से तहरीर आएगी तो जीआरपी मुकदमा दर्ज करेगी।
वहीं दंपति ने दिल्ली में उतर कर तहरीर देने की बात कही थी। लेकिन देर शाम तक दोनों ओर से कोई तहरीर नहीं आने से कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। जीआरपी इंस्पेक्टर ने कहा कि अगर कोई पक्ष इस मामले में कार्यवाही चाहते हैं तो तहरीर दे दें। रात तक किसी भी पक्ष की ओर से मामले में तहरीर नहीं दी गई है।
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दिल्ली हावड़ा ट्रैक पर भागलपुर से आनंद विहार के बीच चलने वाली 22405 अप गरीब रथ एक्सप्रेस में सीट को लेकर एएमयू छात्रों और एक दंपती में विवाद हो गया। मामला पुलिस तक पहुंचा तो शुक्रवार दोपहर को अलीगढ़ स्टेशन को छावनी बना दिया गया। ट्रेन जब यहां पर पहुंची तो एक बार फिर टकराव की स्थिति बनी। लेकिन मौके पर पहुंचे पुलिस व अन्य अधिकारियों की पहल से मामला शांत हुआ।
भागलपुर से एक परिवार दिल्ली आ रहा था। यह परिवार कोच नंबर जी-11 की सीट नंबर 56-57 पर बैठा हुआ था। कानपुर से ट्रेन गुजरते ही एएमयू के कुछ छात्र और छात्राओं से बैठने को लेकर विवाद हो गया। दंपति एक राजनीतिक संगठन से जुड़े बताए गए।
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दंपती ने इस प्रस्ताव पर असमर्थता व्यक्त कर दी। इस पर एएमयू छात्रों ने कहा कि हम एएमयू से हैं सीट खाली करनी पड़ेगी। इसी बात पर दंपती और छात्रों के बीच वाद विवाद होने लगा। दंपती ने छात्रोें पर महिला से अभद्रता करने का आरोप लगा दिया। तो छात्रों ने भी सीट देने में इनकार करने पर दंपती को भला बुरा कहना शुरू कर दिया।
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इस काम में छात्राएं भी शामिल हो गई। देखते ही देखते कोच में हल्ला, गुल्ला शोरगुल होने लगा। अन्य यात्री भी मौके पर आ गए। शोरगुल और हंगामे की जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम पर पहुंची। इसका नतीजा यह हुआ कि जब ट्रेन सुबह 11.45 बजे टूंडला पहुंची तो रेलवे पुलिस ने पूरा कोच घेर लिया।
लेकिन जब मामले की जानकारी हुई और पता चला कि विवाद दो पक्षों में सीट का है तो रेलवे पुलिस ने दोनों को समझाया कि यह इतना बड़ा मामला नही हैं जिसके लिए बहुत बड़ा कदम उठाया जाए।
इसके बाद दोपहर 12.30 बजे ट्रेन अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंची तो यहां पर जीआरपी इंस्पेक्टर विजय सिंह , सीओ संजीव दीक्षित, सीओ पंकज कुमार श्रीवास्तव, आरपीएफ इंस्पेक्टर पीके ओझा कोच के पास पहुंचे। एएमयू छात्रों ने सोशल मीडिया से अपने साथियों को संदेश देकर यहां पहले ही बुला लिया था।
स्टेशन पर छात्रों के साथ प्राक्टर आफिस के अधिकारी भी पहुंचे। दर्जनों एएमयू छात्र स्टेशन पर मौजूद थे। छात्रों ने दंपती को बोगी से बाहर निकालने की मांग की। लेकिन मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने मामले को संभाला।
तकरीबन पांच मिनट तक ट्रेन रुकी रही। 12.36 पर ट्रेन चली तो छात्रों ने चेनपुलिंग कर इसको रोक दिया। इसके बाद 12.38 पर ट्रेन को रवाना किया गया। पुलिस ने बमुश्किल छात्रों को समझा बुझा कर वहां से रवाना किया। छात्र इस बात पर माने कि प्राक्टर आफिस के माध्यम से तहरीर आएगी तो जीआरपी मुकदमा दर्ज करेगी।
वहीं दंपति ने दिल्ली में उतर कर तहरीर देने की बात कही थी। लेकिन देर शाम तक दोनों ओर से कोई तहरीर नहीं आने से कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। जीआरपी इंस्पेक्टर ने कहा कि अगर कोई पक्ष इस मामले में कार्यवाही चाहते हैं तो तहरीर दे दें। रात तक किसी भी पक्ष की ओर से मामले में तहरीर नहीं दी गई है।