{"_id":"5a9d9f8b4f1c1bfe7e8b8f23","slug":"181520279435-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धौर्रामाफी पुलिस पर 20 हजार रुपये रिश्वत का आरोप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
धौर्रामाफी पुलिस पर 20 हजार रुपये रिश्वत का आरोप
Updated Tue, 06 Mar 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
क्वार्सी थाने की धौर्रामाफी पुलिस पर एक मजदूर ने अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि गत दिवस उसे लेपर्ड पर तैनात पुलिसकर्मी थाने ले गए और उससे 20 हजार रुपये ले लिए।
इसकी शिकायत भी उसने अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत से क्षुब्ध पुलिसवाले पुन: उसके घर आए और मारपीट की।
थाना क्वार्सी के जीवनगढ़ निवासी गुड्डू पुत्र नसरूद्दीन ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है।
क्वार्सी थाने की धौर्रामाफी चौकी पर तैनात एक कांस्टेबल उसे गत दिवस चौकी ले गया। यहां उससे मारपीट की गई और छोड़ने की एवज में 50 हजार रुपये की मांग की।
उसने असमर्थता जताई तो 20 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ा। साथ ही पांच हजार रुपये महीने देने की बात कही। न देने पर उसे झूठे मामले में जेल भेजने की धमकी भी दी।
विज्ञापन
उसने इसकी शिकायत अधिकारियों से की तो उन्होंने पुन: ऐसा न होने का आश्वासन देकर उसे वापस कर दिया, लेकिन इसकी जानकारी जब आरोपियों को हुई तो उन्होंने उसके साथ मारपीट की।
विज्ञापन
क्वार्सी थाने की धौर्रामाफी पुलिस पर एक मजदूर ने अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि गत दिवस उसे लेपर्ड पर तैनात पुलिसकर्मी थाने ले गए और उससे 20 हजार रुपये ले लिए।
इसकी शिकायत भी उसने अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत से क्षुब्ध पुलिसवाले पुन: उसके घर आए और मारपीट की।
थाना क्वार्सी के जीवनगढ़ निवासी गुड्डू पुत्र नसरूद्दीन ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है।
क्वार्सी थाने की धौर्रामाफी चौकी पर तैनात एक कांस्टेबल उसे गत दिवस चौकी ले गया। यहां उससे मारपीट की गई और छोड़ने की एवज में 50 हजार रुपये की मांग की।
विज्ञापन
उसने असमर्थता जताई तो 20 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ा। साथ ही पांच हजार रुपये महीने देने की बात कही। न देने पर उसे झूठे मामले में जेल भेजने की धमकी भी दी।
विज्ञापन
उसने इसकी शिकायत अधिकारियों से की तो उन्होंने पुन: ऐसा न होने का आश्वासन देकर उसे वापस कर दिया, लेकिन इसकी जानकारी जब आरोपियों को हुई तो उन्होंने उसके साथ मारपीट की।