फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   शोध छात्रों के लिए नियम का नहीं होता पालन-ᄋᄂ₩￧ᅦU￙￰¢₩￙

शोध छात्रों के लिए नियम का नहीं होता पालन-ᄋᄂ₩￧ᅦU￙￰¢₩￙

Thu, 11 Jan 2018 01:09 AM IST
Updated Thu, 11 Jan 2018 01:09 AM IST
विज्ञापन
शोध छात्रों के लिए नियम का नहीं होता पालन-ᄋᄂ₩￧ᅦU￙￰¢₩￙
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


एएमयू में शोध छात्र एवं शिक्षकों के लिए निर्धारित नियम का ठीक से पालन नहीं हो रहा है। भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोध छात्र मन्नान बशीर वानी का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर इसकी चर्चा शुरू हो गई है। हॉलों की कमियां भी उजागर होने लगी है।

रेगुलेशन फॉर एमफिल एंड पीएचडी कोर्सेज के अनुसार बिना सूचना लगातार चार सप्ताह तक शोध छात्र के अनुपस्थित रहने पर उसका एडमिशन निरस्त कर दिया जाता है।

शोध छात्र को वर्किंग डे के दिन विभाग में हस्ताक्षर करना जरूरी है। कोर्स वर्क में शामिल होने के लिए 75 प्रतिशत हाजिरी जरूरी है। 65 प्रतिशत से कम हाजिरी पर कोर्स वर्क में शामिल नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन


किसी भी शोध छात्र को एक एकेडमिक ईयर में 30 दिन की छुट्टी मिल सकती है। मेडिकल ग्राउंड पर उसमें 10 दिन का इजाफा हो सकता है।

सुपरवाइजर एवं चेयरमैन के अनुशंसा पर फैकल्टी के डीन अवकाश स्वीकृत करते हैं। हाजिरी के आधार पर ही पैसे छात्र के खाते में जाते हैं। पीएचडी छात्र को करीब 8 हजार, जेआरएफ को करीब 25 हजार एवं पोस्ट डॉक्टोरेट को करीब 50 हजार रुपये मिलते है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जानकारों का कहना है कि सबसे अधिक लापरवाही सुपरवाइजर एवं चेयरमैन के स्तर पर है। उनकी कृपा दृष्टि बनी रहे तो गैर हाजिर रहने पर भी हाजिरी बन जाती है और उसके पैसे मिल जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed