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सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर एक करोड़ की ठगी
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 30 Nov 2018 02:29 AM IST
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ठगी का आरोपी।
- फोटो : Amar Ujala
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जमालपुर क्षेत्र के एक युवक पर स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर एक करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। वह एक नौकरी के नाम पर आठ से दस लाख रुपये ऐंठता था। लोगों से पैसे लेकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया करता था। इतना ही नहीं उसने शिकारपुर सीएचसी में लोगों को ट्रेनिंग तक कराई। मगर, जब लोगों को उस नियुक्ति पत्र के आधार पर नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इस खेल में उसके पिता और दो भाई के शामिल होने की बात सामने आ रही है।
आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।
थाना सिविल लाइंस के जमालपुर नाला रोड निवासी वसी अहमद पुत्र शकील अहमद पर ठगी का आरोप लगा है। वसी अहमद ने फार्मास्सिट की पढ़ाई की है। वह एक दवा कंपनी में एमआर भी रह चुका है। इधर, उसके पिता शकील अहमद स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड हैं। छोटा भाई सादाब उर्फ सद्दाम शिकारपुर सीएचसी में डेंटिस्ट है और दूसरा भाई नईक अहमद खेल शिक्षक है। आरोप है कि यह सभी लोग मिलकर नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी के गिरोह का संचालन कर रहे थे। पीड़ित तनवीर अहमद निवासी हमदर्द नगर ने बताया कि उसने वसी अहमद ने लगभग दो साल पहले स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर आठ लाख रुपये लिए थे। उसके कुछ समय बाद उसने नियुक्ति पत्र भी थमा दिया।
तीन दिन शिकारपुर सीएचसी में ट्रेनिंग भी दिलाई, लेकिन जब वह नौकरी ज्वाइन करने गया तो उसे नियुुक्ति नहीं मिली। इस बात पर शक हुआ तो पहले तो वह अपने पैसे वापस देने की मांग करता रहा, लेकिन आरोपी ने उसे पैसे भी नहीं लौटाए। इसी प्रकार का खेल दानिश अली निवासी हमदर्द नगर, डी जलालपुर के साथ खेला गया। उससे वसी अहमद ने आठ लाख रुपये लिए और कुछ दिन बाद फर्जी कॉल लेटर थमाकर लिखित परीक्षा के लिए बरेली भी भेज दिया। बरेली में परीक्षा होने के बाद दानिश को नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। मगर, उसकी भी विभागीय अधिकारियों ने नियुक्ति नहीं की। इसी प्रकार का खेल वसी ने अलीम खां निवासी कादिलपुर, पिसावा के साथ भी खेला। इतना ही नहीं वसी पर शहदीखान निवासी सर सैय्यद नगर ने नौ लाख में चोरी की इनोवा गाड़ी बेचने का आरोप भी लगाया है।
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आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।
थाना सिविल लाइंस के जमालपुर नाला रोड निवासी वसी अहमद पुत्र शकील अहमद पर ठगी का आरोप लगा है। वसी अहमद ने फार्मास्सिट की पढ़ाई की है। वह एक दवा कंपनी में एमआर भी रह चुका है। इधर, उसके पिता शकील अहमद स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड हैं। छोटा भाई सादाब उर्फ सद्दाम शिकारपुर सीएचसी में डेंटिस्ट है और दूसरा भाई नईक अहमद खेल शिक्षक है। आरोप है कि यह सभी लोग मिलकर नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी के गिरोह का संचालन कर रहे थे। पीड़ित तनवीर अहमद निवासी हमदर्द नगर ने बताया कि उसने वसी अहमद ने लगभग दो साल पहले स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर आठ लाख रुपये लिए थे। उसके कुछ समय बाद उसने नियुक्ति पत्र भी थमा दिया।
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तीन दिन शिकारपुर सीएचसी में ट्रेनिंग भी दिलाई, लेकिन जब वह नौकरी ज्वाइन करने गया तो उसे नियुुक्ति नहीं मिली। इस बात पर शक हुआ तो पहले तो वह अपने पैसे वापस देने की मांग करता रहा, लेकिन आरोपी ने उसे पैसे भी नहीं लौटाए। इसी प्रकार का खेल दानिश अली निवासी हमदर्द नगर, डी जलालपुर के साथ खेला गया। उससे वसी अहमद ने आठ लाख रुपये लिए और कुछ दिन बाद फर्जी कॉल लेटर थमाकर लिखित परीक्षा के लिए बरेली भी भेज दिया। बरेली में परीक्षा होने के बाद दानिश को नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। मगर, उसकी भी विभागीय अधिकारियों ने नियुक्ति नहीं की। इसी प्रकार का खेल वसी ने अलीम खां निवासी कादिलपुर, पिसावा के साथ भी खेला। इतना ही नहीं वसी पर शहदीखान निवासी सर सैय्यद नगर ने नौ लाख में चोरी की इनोवा गाड़ी बेचने का आरोप भी लगाया है।
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