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छेरत गोशाला में मरी गायों के शव नोच रहे कौवे
Wed, 24 Jul 2019 02:06 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Wed, 24 Jul 2019 02:06 AM IST
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छेरत गोशाला में मृत पड़ी गाय व भूख से बदहाल घूम रहे गोवंश।
- फोटो : Amar Ujala
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गोमाता को दुर्दशा से बचाने के लिए नित नई गोशालाएं बन रही हैं, लेकिन पहले से चल रही गोशालाओं की स्थिति सुधारने की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण छेरत में जनता इंटर कालेज के पीछे बनी गोशाला है।
यहां शेड व केयरटेकरों का पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण रोजाना गायों की मौत हो रही है। दो तीन दिन पूर्व यहां पांच गायों की मौत हो गई, इनके शव को कौंए नाेंचते रहे, लेकिन इन्हें उठाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। अमर उजाला टीम की सूचना पर मंगलवार देर सायं पशु पालन विभाग ने अपनी टीम भेजी है।
प्रधान पति ने माना मिली थी गायों की मौत की सूचना:
गांव की महिला प्रधान के पति छत्रपाल ने भी माना कि इन गायों की मौत की सूचना मिली थी, लेकिन उठाने का इंतजाम न होने के कारण एक दो दिन गायों का शव गोशाला में ही पड़ा रहा। उन्होंने गायों की मौत के लिए शेड कम होने की बात तो स्वीकारी, लेकिन दाना पानी के अभाव में गायों की मौत के आरोपों से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि गोशाला में रह रही गायों में से अधिकांश बूढ़ी हैं। जो गर्मी व शेड का इंतजाम न होने के कारण मर रही हैं।
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ग्रामीण बोले देखभाल न होने से हर दूसरे दिन मर रहीं गायें
प्रधान भले ही कुछ भी कह रहे हो, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यहां केयरटेकरों की ही व्यवस्था सही नहीं है। वैसे तो यहां चौकीदार समेत चार पांच लोग काम करते नजर आते हैं। लेकिन पिछले पांच दिनों से मात्र चौकीदार ही मौजूद है, जो शाम पांच बजे तक घर चला जाता है। पूछने पर उसने बताया कि अन्य लोग अवकाश पर हैं। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चार पांच माह पहले तक यहां करीब 400 गायें थी, अब घटकर मात्र 250-300 ही रह गई हैं। शेड व चारा पानी की व्यवस्था पर्याप्त न होने के कारण हर दूसरे दिन गायें काल का ग्रास बन रही हैं।
छुट्टा गोवंश के लिए एसडीएम से मिले ग्रामीण
मंगलवार को गांव नगला पदम के मजरा नगला गूलर के लोगों ने एसडीएम गभाना जैनेंद्र सिंह से मिलकर छुट्टा गोवंश को पकड़वाने की मांग की। कहा कि छुट्टा गोवंश फसलों को खाकर नष्ट कर रहे हैं। इससे किसानों को बड़ा नुकसान हो रहा है। एसडीएम ने जल्द समस्या निस्तारण का भरोसा दिलाया।
छेरत में गायों की मौत की सूचना पर चिकित्सकों की टीम भेज दी गई है। यह टीम परीक्षण कर बीमार गायों का उपचार करेगी। जहां तक केयरटेकरों की बात है तो यहां पांच लोग गायों की देखभाल के लिए प्रधान ने तैनात कर रखे हैं।
-डा.केपी वार्ष्णेय, मुख्य पशुपालन अधिकारी
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यहां शेड व केयरटेकरों का पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण रोजाना गायों की मौत हो रही है। दो तीन दिन पूर्व यहां पांच गायों की मौत हो गई, इनके शव को कौंए नाेंचते रहे, लेकिन इन्हें उठाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। अमर उजाला टीम की सूचना पर मंगलवार देर सायं पशु पालन विभाग ने अपनी टीम भेजी है।
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प्रधान पति ने माना मिली थी गायों की मौत की सूचना:
गांव की महिला प्रधान के पति छत्रपाल ने भी माना कि इन गायों की मौत की सूचना मिली थी, लेकिन उठाने का इंतजाम न होने के कारण एक दो दिन गायों का शव गोशाला में ही पड़ा रहा। उन्होंने गायों की मौत के लिए शेड कम होने की बात तो स्वीकारी, लेकिन दाना पानी के अभाव में गायों की मौत के आरोपों से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि गोशाला में रह रही गायों में से अधिकांश बूढ़ी हैं। जो गर्मी व शेड का इंतजाम न होने के कारण मर रही हैं।
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ग्रामीण बोले देखभाल न होने से हर दूसरे दिन मर रहीं गायें
प्रधान भले ही कुछ भी कह रहे हो, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यहां केयरटेकरों की ही व्यवस्था सही नहीं है। वैसे तो यहां चौकीदार समेत चार पांच लोग काम करते नजर आते हैं। लेकिन पिछले पांच दिनों से मात्र चौकीदार ही मौजूद है, जो शाम पांच बजे तक घर चला जाता है। पूछने पर उसने बताया कि अन्य लोग अवकाश पर हैं। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चार पांच माह पहले तक यहां करीब 400 गायें थी, अब घटकर मात्र 250-300 ही रह गई हैं। शेड व चारा पानी की व्यवस्था पर्याप्त न होने के कारण हर दूसरे दिन गायें काल का ग्रास बन रही हैं।
छुट्टा गोवंश के लिए एसडीएम से मिले ग्रामीण
मंगलवार को गांव नगला पदम के मजरा नगला गूलर के लोगों ने एसडीएम गभाना जैनेंद्र सिंह से मिलकर छुट्टा गोवंश को पकड़वाने की मांग की। कहा कि छुट्टा गोवंश फसलों को खाकर नष्ट कर रहे हैं। इससे किसानों को बड़ा नुकसान हो रहा है। एसडीएम ने जल्द समस्या निस्तारण का भरोसा दिलाया।
छेरत में गायों की मौत की सूचना पर चिकित्सकों की टीम भेज दी गई है। यह टीम परीक्षण कर बीमार गायों का उपचार करेगी। जहां तक केयरटेकरों की बात है तो यहां पांच लोग गायों की देखभाल के लिए प्रधान ने तैनात कर रखे हैं।
-डा.केपी वार्ष्णेय, मुख्य पशुपालन अधिकारी