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देवी-देवताओं पर टिप्पणी में आरोप पत्र तैयार, शासन से अनुमति का इंतजार

Thu, 23 Jun 2022 12:27 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jun 2022 12:27 AM IST
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Charge sheet prepared in remarks on gods and goddesses, waiting for permission from the government
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर जितेंद्र कुमार द्वारा कक्षा में देवी-देवताओं को लेकर अमर्यादित पाठ पढ़ाने के मामले में आरोप पत्र तैयार हो गया है। इसमें आरोपी प्रोफेसर की खुद स्वीकारोक्ति व एएमयू को दिया गया माफीनामा आरोप पत्र में बड़ा आधार बना है। उसी अनुसार आरोप पत्र तैयार किया गया है। अब न्यायालय में आरोप पत्र दायर करने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। अनुमति पत्र शासन में गृह विभाग को भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलते ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा।
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एमबीबीएस तृतीय वर्ष की कक्षा में पढ़ाई के दौरान प्रोफेसर जितेंद्र कुमार ने देवी देवताओं को लेकर अमर्यादित पाठ पढ़ाया था। प्रोजेक्टर पर पढ़ाई का स्क्रीन शॉट कक्षा से बाहर आने पर बखेड़ा खड़ा हुआ। इस मामले में एएमयू के पूर्व छात्र भाजपा नेता डॉ. निशित शर्मा द्वारा सिविल लाइंस थाने में 6 मई को मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना करते हुए सिविल लाइंस के एसआई नौशाद खां द्वारा आरोपी के बयान दर्ज किए तो उन्होंने खुद अपने बयान में इस तरह का पढ़ाना स्वीकारा और एएमयू को भी लिखित में माफीनामा दिया। इसके अलावा पुलिस ने क्लास में मौजूद कुल 43 छात्र-छात्राओं में से अधिकांश के बयान दर्ज किए। इसके अलावा उनके विभाग के अध्यक्ष व अन्य के बयान दर्ज किए गए। इसमें इस तरह के पाठ को गैरजरूरी बताया गया।
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उन्होंने यहां तक स्वीकारा कि जो पाठ पढ़ाया गया वह कोर्स में नहीं है। उन्होंने ऐसा क्यों पढ़ाया। यह मंशा स्पष्ट नहीं की है। इन तमाम मजबूत तथ्यों के आधार पर आरोप पत्र तैयार किया गया है जिसमें प्रोजेक्टर का स्क्रीन शॉट व पैन ड्राइव आदि भी लगाई गई है। इसके बाद विवेचना पूर्व कर आरोप पत्र न्यायलय में दाखिल करने से पहले शासन में गृह विभाग को पत्र भेजकर आरोप पत्र दाखिल करने के लिए अनुमति मांगी गई है। वहां से अनुमति मिलते ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने स्वीकारा कि प्रोफेसर के खिलाफ विवेचना पूर्ण हो गई और आरोप पत्र तैयार हो गया है। अब शासन स्तर पर अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
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-इस मामले में मेरे स्तर से मुकदमा दर्ज कराया गया था, मगर अभी तक न्यायालय में आरोप पत्र नहीं पहुंचा है। मैं इस मामले में न्यायालय में भी आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हूं। -डॉ. निशित शर्मा, भाजपा नेता।
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